मुंबई: अमिताभ बच्चन की फिल्मों का जादू सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। उनकी कई फिल्मों ने विदेशों में भी दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक वक्त ऐसा भी था, जब इटली में उनकी एक फिल्म देखने के लिए रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक करीब 2 हजार लोग जुटे रहते थे? इस दिलचस्प किस्से का खुलासा खुद अमिताभ बच्चन ने किया है। ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के मंच पर बिग बी ने अपनी उस फिल्म से जुड़ा एक ऐसा किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर वहां मौजूद दर्शक भी हैरान रह गए। और जिस फिल्म की बात हो रही है, वह कोई और नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल ‘शोले’ है।
आखिर इटली में क्यों मचा था इस फिल्म का ऐसा क्रेज?
अमिताभ बच्चन ने बताया कि इटली के बोलोन्या में ‘शोले’ की स्क्रीनिंग आयोजित की गई थी। फिल्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। बिग बी के मुताबिक, वहां एक बड़े आंगन में फिल्म दिखाई जा रही थी। रात करीब 11 बजे शुरू हुई स्क्रीनिंग सुबह 3 बजे तक चलती रही, लेकिन दर्शकों की भीड़ फिल्म देखने के लिए डटी रही। बताया गया कि करीब 2 हजार लोगों ने उस स्क्रीनिंग में फिल्म देखी।अमिताभ बच्चन का यह किस्सा सामने आते ही KBC के दर्शकों ने तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी। यह किस्सा इस बात की झलक देता है कि ‘शोले’ की लोकप्रियता किस तरह भारत की सीमाओं से बाहर तक पहुंची थी।
51 साल बाद भी कायम है ‘शोले’ का जादू
15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई ‘शोले’ को अब 51 साल हो चुके हैं। रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा में एक अलग मुकाम हासिल किया।फिल्म में अमिताभ बच्चन ने जय का किरदार निभाया था, जबकि धर्मेंद्र वीरू के रोल में नजर आए थे। दोनों की दोस्ती और उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया। फिल्म में हेमा मालिनी, जया बच्चन, अमजद खान और संजीव कुमार जैसे दिग्गज कलाकार भी अहम भूमिकाओं में थे।
एक फिल्म… और दर्जनों यादगार किरदार
‘शोले’ की खासियत सिर्फ इसकी कहानी नहीं थी। फिल्म के किरदार, संवाद, संगीत और एक्शन—सबने मिलकर इसे एक ऐसी फिल्म बना दिया, जिसे कई पीढ़ियों ने याद रखा। अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की जोड़ी के अलावा गब्बर सिंह के रूप में अमजद खान का किरदार भी बेहद लोकप्रिय हुआ। वहीं बसंती के रूप में हेमा मालिनी और ठाकुर के किरदार में संजीव कुमार ने कहानी को अलग पहचान दी। फिल्म के कई संवाद आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
विदेश में भी पहुंचा हिंदी सिनेमा का असर
‘शोले’ की इटली में हुई इस स्क्रीनिंग का किस्सा यह दिखाता है कि हिंदी फिल्मों की लोकप्रियता दशकों पहले भी भारतीय दर्शकों से आगे निकल चुकी थी। अमिताभ बच्चन ने जब KBC के मंच पर इस घटना का जिक्र किया, तो कहानी सिर्फ एक फिल्म की स्क्रीनिंग की नहीं रही, बल्कि यह उस दौर में भारतीय सिनेमा के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव की एक दिलचस्प झलक बन गई।
11 बजे से 3 बजे तक… आखिर क्या देख रहे थे 2 हजार लोग?
जिस फिल्म के लिए लोग आधी रात से सुबह तक बैठे रहे, वह आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में गिनी जाती है। 51 साल बाद भी ‘शोले’ का नाम आते ही जय-वीरू, गब्बर और उनके यादगार संवाद लोगों के जेहन में ताजा हो जाते हैं।