पूर्व नेता प्रतिपक्ष के निधन पर भावुक हुए अखिलेश यादव, कहा- समाजवादी आंदोलन और पार्टी के लिए बड़ी क्षति
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी के निधन से उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। शनिवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ के निशातगंज स्थित मेट्रो सिटी अपार्टमेंट पहुंचे और राम गोविंद चौधरी के पार्थिव शरीर पर पार्टी का झंडा रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।\ इस दौरान अखिलेश यादव भावुक नजर आए। उनके अलावा प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह, ओम प्रकाश राजभर और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं तथा समर्थकों ने भी चौधरी के आवास पहुंचकर अंतिम श्रद्धांजलि दी।
अखिलेश यादव बोले- समाजवादी आंदोलन को बड़ी क्षति
राम गोविंद चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाजवादी आंदोलन के लिए समर्पित कर दिया था। अखिलेश यादव ने कहा कि राम गोविंद चौधरी उस पीढ़ी के नेता थे, जिसने शुरुआती दौर में समाजवाद की पहचान को मजबूत करने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि चौधरी ने अपना पूरा जीवन संघर्ष में बिताया और प्रभावी तरीके से अपनी बात रखने के लिए जाने जाते थे। सपा अध्यक्ष के मुताबिक, उनके निधन से समाजवादी आंदोलन और समाजवादी पार्टी को बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने इस दुख की घड़ी में चौधरी के परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही।
भाजपा विधायक केतकी सिंह ने भी जताया शोक
राम गोविंद चौधरी के निधन पर बलिया के बांसडीह से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चौधरी का निधन उनके क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। केतकी सिंह ने कहा कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों के बावजूद राम गोविंद चौधरी उनके लिए अभिभावक की तरह थे। उन्होंने जनसेवा, जमीनी संघर्ष और समाजवादी विचारधारा के प्रति चौधरी के योगदान को याद किया और दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने दी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी राम गोविंद चौधरी के आवास पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके आवास पर दिनभर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और परिचितों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। चौधरी के निधन की खबर के बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में शोक का माहौल है।
ओम प्रकाश राजभर ने बताया लोकप्रिय नेता
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी राम गोविंद चौधरी के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चौधरी लोकप्रिय नेता थे और उन्होंने गरीबों, कमजोर वर्गों, पिछड़े वर्गों, दलितों और वंचितों के मुद्दों के लिए आवाज उठाई। राजभर ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति मिलने की कामना की।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
बलिया जिले से आने वाले राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। उन्होंने 1977 के विधानसभा चुनाव में चिलकहर विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने प्रदेश की राजनीति में अपनी पहचान बनाई और लंबे समय तक समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे।
मुलायम सिंह यादव सरकार में संभाली मंत्री पद की जिम्मेदारी
राम गोविंद चौधरी ने 1990 से 1991 के बीच मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद भी वह सक्रिय राजनीति में बने रहे और समाजवादी पार्टी के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।
अखिलेश सरकार में भी रहे मंत्री
2012 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह से जीत दर्ज करने के बाद राम गोविंद चौधरी को अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में बेसिक शिक्षा और समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बांसडीह से फिर जीत हासिल की। विधानसभा में उनकी भूमिका को देखते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। उन्होंने 2017 से 2022 तक नेता प्रतिपक्ष के पद की जिम्मेदारी संभाली।
समाजवादी पार्टी में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
राम गोविंद चौधरी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव भी रहे। लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने पार्टी संगठन और पूर्वांचल की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से लगातार शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। उनके आवास पर समर्थकों और शुभचिंतकों की भीड़ जुटी रही और राजनीतिक क्षेत्र में उनके लंबे सार्वजनिक जीवन को याद किया गया।