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सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता, कालिम्पोंग में अफगान नागरिक गिरफ्तार, बिना दस्तावेज भारत में रहने का आरोप

हाट बाजार इलाके से पुलिस ने पकड़ा, जांच में सामने आया दो साल से भारत में रहने का दावा कालिम्पोंग। पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग में पुलिस ने भारत में कथित तौर पर अवैध रूप से रहने के आरोप में एक. . .

हाट बाजार इलाके से पुलिस ने पकड़ा, जांच में सामने आया दो साल से भारत में रहने का दावा

कालिम्पोंग। पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग में पुलिस ने भारत में कथित तौर पर अवैध रूप से रहने के आरोप में एक अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार युवक की पहचान 28 वर्षीय सैयद बिलाल खान के रूप में हुई है। वह अफगानिस्तान के काबुल स्थित यूूसुफ खेल इलाके के पतकीकर का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, बिलाल के पास भारत में रहने से संबंधित वैध वीजा, पासपोर्ट या अन्य दस्तावेज नहीं मिले हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अब उसके भारत आने और कालिम्पोंग में रहने से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है।

गुप्त सूचना पर घर में दबिश, 18 सितंबर को हुई कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर 18 सितंबर को कालिम्पोंग थाना पुलिस ने हाट बाजार इलाके में चेस्ट क्लिनिक के पास स्थित एक मकान में छापेमारी की। इसी दौरान बिलाल खान को हिरासत में लिया गया। पुलिस पूछताछ में उसकी नागरिकता और भारत में रहने से जुड़े कई तथ्य सामने आए। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

चार अफगान नागरिकों के भारत आने का दावा

पुलिस जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि करीब दो वर्ष पहले चार अफगान नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में दाखिल हुए थे। पुलिस के अनुसार, भारत पहुंचने के बाद ये लोग पहले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी क्षेत्र में पहुंचे और बाद में कालिम्पोंग चले गए। यहां हाट बाजार इलाके के एक मकान में किराये पर रहने लगे। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई से पहले समूह के दो सदस्य कालिम्पोंग छोड़कर चले गए थे, जबकि बिलाल की गिरफ्तारी से कुछ समय पहले एक अन्य साथी भी वहां से निकल गया।

तलाशी में नहीं मिला पासपोर्ट या वीजा

पुलिस के मुताबिक, बिलाल खान की तलाशी के दौरान भारत में रहने से संबंधित वीजा, पासपोर्ट या अन्य वैध दस्तावेज नहीं मिले। पुलिस ने कथित अवैध प्रवेश और बिना वैध दस्तावेज भारत में रहने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोपी को कालिम्पोंग अदालत में पेश किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

इस गिरफ्तारी के बाद सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे आमतौर पर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, से जुड़े सुरक्षा पहलुओं पर भी चर्चा तेज हो गई है। यह संकरा भू-भाग भारत के मुख्य हिस्से को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है। इसके आसपास नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और चीन की सीमाएं होने के कारण यह क्षेत्र रणनीतिक और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, मौजूदा गिरफ्तारी और किसी संगठित गतिविधि के बीच संबंध की पुलिस की ओर से अभी कोई पुष्टि नहीं की गई है।

पुलिस ने मकान मालिकों को किया सतर्क

घटना के बाद कालिम्पोंग पुलिस ने स्थानीय लोगों से किरायेदारों की पहचान की जांच को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। कालिम्पोंग की पुलिस अधीक्षक अपराजिता राय ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को मकान किराये पर देने से पहले नजदीकी थाने में टेनेंट वेरिफिकेशन जरूर कराया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से बिना पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेजों की जांच किए किसी को किराये पर मकान देने से बचने की अपील की।

आगे और सख्त होगी निगरानी

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, क्षेत्र में अवैध घुसपैठ की किसी भी संभावना को रोकने के लिए निगरानी और जांच अभियान को आगे भी मजबूत किया जाएगा। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह भारत में कब और किस रास्ते से दाखिल हुआ, कालिम्पोंग आने का उसका उद्देश्य क्या था और उसके साथ भारत आए अन्य लोगों की वर्तमान स्थिति क्या है।

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