हैमिल्टन: भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वह टी20 इंटरनेशनल में पावरप्ले यानी शुरुआती 1 से 6 ओवर के दौरान सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। अर्शदीप ने न्यूजीलैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज टिम साउदी के 65 विकेट के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए अर्शदीप ने साउदी के मुकाबले काफी कम पारियां खेली हैं। अर्शदीप ने महज 99 पारियों में पावरप्ले के दौरान 65 विकेट हासिल किए, जबकि टिम साउदी को इतने विकेट लेने में 119 पारियां लगी थीं। इस तरह भारतीय गेंदबाज ने कम पारियों में यह उपलब्धि हासिल कर अपनी गेंदबाजी का दम दिखाया है। इस सूची में जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड एंगरवा भी शामिल हैं। मुजरबानी ने 95 पारियों में 62 विकेट लिए हैं, जबकि एंगरवा के नाम 96 पारियों में इतने ही विकेट दर्ज हैं। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी 99 पारियों में 60 विकेट लेकर सूची में मौजूद हैं। इस आंकड़े में केवल टेस्ट खेलने वाले देशों के गेंदबाजों को शामिल किया गया है।
T20I पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज
| गेंदबाज | विकेट | पारियां |
|---|---|---|
| अर्शदीप सिंह (भारत) | 65 | 99 |
| टिम साउदी (न्यूजीलैंड) | 65 | 119 |
| ब्लेसिंग मुजरबानी (जिम्बाब्वे) | 62 | 95 |
| रिचर्ड एंगरवा (जिम्बाब्वे) | 62 | 96 |
| शाहीन अफरीदी (पाकिस्तान) | 60 | 99 |
कैसा रहा है अर्शदीप सिंह का टी20 इंटरनेशनल करियर?
अर्शदीप सिंह भारतीय टी20 टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल हैं। उन्होंने अब तक 104 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में भारत के लिए 151 विकेट हासिल किए हैं। वह इस फॉर्मेट में 150 विकेट का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज भी हैं। उनका इकोनॉमी रेट 8.65 का रहा है। अर्शदीप की सबसे बड़ी ताकत नई गेंद से गेंद को स्विंग कराने की क्षमता है। पावरप्ले में वह शुरुआती विकेट निकालकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में कामयाब रहते हैं।सिर्फ शुरुआती ओवरों में ही नहीं, बल्कि डेथ ओवरों में भी अर्शदीप अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। अंतिम ओवरों में सटीक यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता उन्हें टी20 क्रिकेट का प्रभावी गेंदबाज बनाती है। पावरप्ले में 65 विकेट का आंकड़ा उनकी निरंतरता और शुरुआती ओवरों में विकेट लेने की क्षमता को दर्शाता है। टिम साउदी जैसे अनुभवी गेंदबाज के बराबर विकेट कम पारियों में हासिल करना भारतीय तेज गेंदबाज के करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।