नई दिल्ली: पड़ोसी देश नेपाल से भारतीय पर्यटकों को लेकर चिंताजनक खबर सामने आई है। नेपाल की प्रसिद्ध शे-फोक्सुंडो झील (Shey-Phoksundo Lake) की यात्रा पर निकले छह भारतीय पर्यटक भारी बर्फबारी के बाद लापता हो गए हैं। लापता लोगों में दो महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। खराब मौसम और पहाड़ी दर्रों में जमी मोटी बर्फ के कारण बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं। नेपाल प्रशासन के मुताबिक, पर्यटक डोल्पो बुद्ध ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर 4 और 8 की ओर से शे-फोक्सुंडो झील जाने के रास्ते पर थे। आखिरी बार उनकी मौजूदगी शै-फोक्सुंडो ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर 4 और 8 के बीच स्थित नुमला पास और बागला पास के आसपास बताई गई थी।
वापसी के दौरान बर्फ में फंसने की आशंका
स्थानीय अधिकारियों और गाइडों को आशंका है कि भारी हिमपात के कारण भारतीय पर्यटक पहाड़ी रास्तों में फंस गए होंगे। बताया जा रहा है कि पर्यटकों ने स्थानीय लोगों की चेतावनी के बावजूद ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा जारी रखी थी। स्थानीय निवासियों ने उन्हें पहले ही आगाह किया था कि खराब मौसम और बर्फबारी के चलते पहाड़ी दर्रों को पार करना बेहद मुश्किल हो सकता है। इसके बावजूद पर्यटक आगे बढ़ गए। आशंका है कि वापसी के दौरान वे रास्ते में बर्फ के बीच फंस गए। डोल्पा जिले की मुख्य जिला अधिकारी जुनु हमाल ने भी पर्यटकों के फंसने की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, भारतीय पर्यटक धो से फोक्सुंडो झील की ओर लौटते समय रास्ते में फंस गए।
मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से बढ़ी परेशानी
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी समस्या पहाड़ी इलाके में मोबाइल नेटवर्क की अनुपलब्धता है। वार्ड नंबर 4 और 8 के बीच स्थित ऊंचे पहाड़ी दर्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं है। ऐसे में लापता पर्यटकों से संपर्क करना और उनकी सही लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। शे-फोक्सुंडो ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष धावा समदुक गुरंग के मुताबिक, संबंधित इलाके में फोन नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने के कारण पर्यटकों की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी जुटाना कठिन हो गया है। प्रशासन को अभी यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है कि सभी छह पर्यटक एक ही स्थान पर फंसे हैं या अलग-अलग जगहों पर हैं।
हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू की तैयारी, नेपाली सेना भी अभियान में शामिल
लापता भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए नेपाल प्रशासन ने बचाव अभियान तेज करने की कोशिश शुरू कर दी है। डोल्पा के पुलिस उपाधीक्षक अनिल राज गिरि ने बताया कि ताजा जानकारी के अनुसार छह भारतीय पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसी से सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हेलिकॉप्टर की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। इस अभियान में नेपाली सेना की एक टीम को भी लगाया गया है। सेना के जवान दुर्गम पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों का पता लगाने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद करेंगे। हालांकि, लगातार हो रही बर्फबारी और खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर अभियान तथा जमीनी तलाश दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
ऊपरी डोल्पा में 244 पर्यटकों की मौजूदगी
जिला प्रशासन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, ऊपरी डोल्पा क्षेत्र में कुल 244 पर्यटक पहुंच चुके हैं। इनमें 149 नेपाली नागरिक, 44 सार्क देशों के पर्यटक और 51 अन्य विदेशी नागरिक शामिल हैं। बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सभी पर्यटकों को जोखिम भरे रास्तों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी है।प्रशासन की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि ऊंचाई वाले हिमालयी इलाकों में मौसम तेजी से बदलता है। अचानक बर्फबारी होने से रास्ते बंद हो सकते हैं और ट्रेकिंग करने वालों के लिए वापस लौटना मुश्किल हो सकता है।
नेपाल की सबसे गहरी झीलों में शामिल है फोक्सुंडो
नेपाल के डोल्पा जिले में स्थित शे-फोक्सुंडो झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता और नीले पानी के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह नेपाल की सबसे गहरी झील है और हिमालय के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित होने के कारण यहां तक पहुंचना आसान नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2082/83 के शुरुआती 11 महीनों में फोक्सुंडो झील को देखने के लिए 4,882 पर्यटक पहुंचे थे। यह इलाका ट्रेकिंग और एडवेंचर टूरिज्म के लिए लोकप्रिय है, लेकिन ऊंचाई, कठिन रास्तों और बदलते मौसम के कारण यहां विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
चक्रवात के प्रभाव से बिगड़ा हिमालयी मौसम
रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवात अर्नब के प्रभाव से हिमालयी क्षेत्र में मौसम खराब होने की आशंका जताई गई है। स्थानीय स्तर पर भारी बर्फबारी ने पहले से ही दुर्गम रास्तों को और मुश्किल बना दिया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता छह भारतीय पर्यटकों की लोकेशन का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। नेपाली सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन बचाव प्रयासों में जुटे हैं। अब सभी की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन पर है। उम्मीद है कि मौसम में सुधार होने के बाद तलाशी अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा और लापता भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित खोज लिया जाएगा।