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रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन: अखिलेश ने भाजपा पर साधा निशाना, खरगे बोले- मोदी सरकार को हटाना जरूरी

राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आज इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर आयोजित इस रैली. . .

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आज इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर आयोजित इस रैली में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। नेताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, वोटों की कटौती और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर भाजपा तथा निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।

ममता बनर्जी का आरोप- ईवीएम से लेकर लोकतंत्र तक लूटा गया

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी चुनाव में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया है। ममता ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतगणना की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतगणना को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए। ममता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ईवीएम, लोकतंत्र और संविधान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है और लोकतंत्र बचाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले- जमीन ही नहीं बची तो अंगद का पैर कहां रखोगे

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में करीब 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। अखिलेश ने कहा कि इस आंकड़े को प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के हिसाब से देखें तो हर क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या प्रभावित हुई है। भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ”जो लोग अंगद का पैर जमाने की बात करते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि जब जमीन ही नहीं बची तो पैर कहां रखेंगे।” अखिलेश ने काशी का जिक्र करते हुए भाजपा की डबल इंजन सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार को जवाब देना शुरू कर दिया है और कई चुनावी दावों की हकीकत सामने आ रही है। सपा प्रमुख ने चंडीगढ़ में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करने के बजाय चुनाव आयोग के सहारे जीत हासिल करना चाहती है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का भी आरोप लगाया। अखिलेश ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय भी समाजवादी पार्टी के समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर इसकी जानकारी जुटाकर चुनाव आयोग को हलफनामे के साथ शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आयोग की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई।

खरगे ने मोदी-शाह पर लगाया वोट छीनने का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रामलीला मैदान की रैली को लोकतंत्र की रक्षा के लिए अहम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं, दलितों और महिलाओं के मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस तरह की कार्रवाई के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विपक्ष ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से संघर्ष जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाना जरूरी है।

तेजस्वी यादव बोले- बिहार से शुरू हुआ वोट चोरी का खेल

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी रैली में केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में कथित वोट चोरी की शुरुआत बिहार से हुई। तेजस्वी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उसे दो नंबरी सरकार करार दिया।

नेहा बोरा ने भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना

इंडिया गठबंधन की इस रैली में आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के नागरिकों के समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। नेहा बोरा ने कहा कि कुछ लोग यह दावा करते हैं कि भारत का इतिहास और आजादी की कहानी उनके साथ ही शुरू हुई। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास किसी एक राजनीतिक दल या संगठन तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में विपक्षी दलों और लोकतंत्र समर्थकों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि देश की लोकतांत्रिक परंपराएं किसी भी राजनीतिक संगठन से बड़ी हैं।

चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता

रामलीला मैदान की इस रैली में विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण, कथित वोट कटौती और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। अलग-अलग दलों के नेताओं ने अपने राज्यों के चुनावी अनुभव साझा करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। रैली के जरिए इंडिया गठबंधन ने चुनावी व्यवस्था के मुद्दे पर साझा राजनीतिक लड़ाई का संदेश देने की कोशिश की।

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