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रूह कंपा देगा ये खौफनाक मर्डर : गरीब घर के बेटे की पहले किडनैपिंग, फिर उतरा मौत की घाट, हत्या करने वाले को पीट-पीटकर मार डाला

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नई दिल्ली। दुश्मनी और बदला लेने की भावना में एक गरीब घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। ईमानदारी की कीमत एक 20 साल के नौजवान को इतनी भयानक मिलेगी उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा।
बांग्लादेश के चित्तगोंग का रहने वाला शिबली सादिक रिदोय को उसके ही कंपनी के कुछ लोगों ने इतनी दर्दनाक मौत दी कि जब लोगों के सामने मृतक बच्चे का कंकाल सामने आया तो लोगों ने में इतना गुस्सा भर गया कि भीड़ ने आरोपी को पीट-पीट कर मार डाला।
28 अगस्त 2023 के दिन एक गरीब घर में उस समय काला अंधेरा छा गया जब उनके इकलौते 20 साल का शिबली सादिक रिदोय ने अपनी मां नाहिद अख्तर को आखिरी बार फोन किया। शिबली ने मां को बताया कि उसे कुछ लोगों ने किडनैप कर लिया है और वे उसे बुरी तरह मार-पीट रहे हैं। मां नाहिद इससे पहले कुछ समझ पाती, कॉल कट गया।
थोड़ी देर बाद शिबली के मोबाइल से एक बार फिर मां नाहिद को कॉल आया। लेकिन इस बार फोन पर शिबली नहीं आरोपी की आवाज थी। उसने नाहिद को धमकी दी कि अगर वह बेटे को जिंदा देखना चाहती है तो 15 लाख टका ( बांग्लादेश करंसी) दें।
इस सब की शुरूआत मृतक शिबली के पोलट्री फॉर्म से शुरू हुई जहैं वह मैनेजर की नौकरी करता था और अपने काम को लेकर भी काफी ईमानदार था। लेकिन उसकी यही ईमानदारी उसके लिए मुसीबत बन गई। कदालपुर के जिस पोल्ट्री फॉर्म में वह नौकरी कर रहा था, वहां अल्पसंख्यक समुदाय के 6 लोग भी काम करते थे जो बेहद लापरवाह ते जिसे देखते हुए आए दिन शिबली और उनमें अन-बन चलती रहती थी। जब वे लोग बार-बार लापरवाही बरतने लगे तो शिबली ने उन्हें टोकना शुरू कर दिया जिससे तिलमिलाए लोग 28 अगस्त 2023 को पोल्ट्री फार्म के उन वर्कर्स ने शिबली को किडनैप कर लिया।
उमोंगचिंग नाम के शख्सके साथ शिबली के विवाद की शुरुआत हुई थी। किडनैपिंग के बाद शिबली ने छुपकर किसी तरह मां नाहिद अख्तर को फोन किया और बताया कि उसका किडनैप हो गया है। किडनैपर्स द्वारा बेटे की सलामती के लिए जहां 15 लाख टका (बांग्लादेशी करंसी) के लिए माता-पिता के होश उड़ गए वहीं किडनैपर्स भी शिबली के परिवार की हालत जानते थे. इसलिए उन्होंने बाद मेंफिरौती की रकम 2 लाख टका कर दी।
शिबली के माता-पिता ने दर-दर भटकने के बाद बड़ी मुश्किल से 4 सितंबर को 2 लाख टका जमा कर लिए और किडनैपर्स से संपर्क कर उन्हें सौंप दिए लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपना बेटा नहीं मलिा। इस किडनैपर्स ने कहा कि तुम घर जाओ, शिबली वहां आ जाएगा। तीन दिन तक जब बेटा घर नहीं लौटा तो पिता ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू की और पोल्ट्री फार्म के 6 वर्कर्स को पकड़ लिया। इनमें उमोंगचिंग मर्मा, सुईचिंगमुंग मर्मा, अंगथुईमुंग मर्मा और उक्याथवाई मर्मा नामजद आरोपी थे. बाकी दो अज्ञात लोग थे। पुलिस की सख्त पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे लोग सिर्फ शिबली से बदला लेना चाहते थे जिस दौरान उन्होंने शिबली को मार डाला।
पुलिस ने पूछा कि शिबली का लाश कहां है. उन्होंने बताया कि पास की पहाड़ी में उन्होंने लाश को फेंक दिया है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि आरोपी उमोंगचिंग मर्मा ने ये भी खुलासा किया कि उन्होंने लाश के मांस को पकाकर खा लिया और फिर कंकाल को पहाड़ी पर जाकर फेंक दिया।
वहीं जब 11 सितंबर को शिबली का कंकाल मिला तो माता-पिता के पैरो तले जमीन खिसक गई। पूरे इलाके के लोगों का भी गुस्सा फूट पड़ा और जब पुलिस मुख्य आरोपी उमोंगचिंग मर्मा को लेकर थाने जाने लगी तभी रास्ते में लोगों ने उमोंगचिंग को पकड़ कर इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई= हालांकि बाकी आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है।


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