कोलकाता। बंगाल में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस व मुख्य विपक्षी भाजपा ने एक-दूसरे पर धमकी भरे बयान देने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग में शिकायतें दर्ज कराई हैं। तृणमूल ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री व भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ व धमकी भरे बयान दिए। यह चुनाव आचार संहिता, भारतीय न्याय संहिता और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम,1951 के प्रावधानों का उल्लंघन है।
दूसरी तरफ भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख व बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने बंगाल के शिक्षा मंत्री व तृणमूल नेता ब्रात्य बसु के एक बयान को लेकर उनपर कार्रवाई की मांग की है।
मालवीय ने आरोप लगाया कि बसु ने पुलिस अधिकारियों व सिविक वॉलंटियरों को चुनाव आयोग के निर्देश मानने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। यह एक गंभीर मामला है और संस्थागत निष्ठा के मूल पर ही प्रहार है। लोक सेवक कानून का पालन करने व संवैधानिक निकायों के निर्देशों का अनुपालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भाजपा प्रत्याशी पर आवासीय परिसरों में जबरन घुसकर प्रचार का आरोप
कोलकाता की मानिकतल्ला विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी तापस राय पर आवासीय परिसरों में जबरन घुसकर चुनाव प्रचार करने का आरोप लगा है। फूलबगान इलाके के दो आवासीय परिसरों के वाशिंदा ने इसे लेकर फूलबगान थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि तापस राय बिना अनुमति के आवासीय परिसरों में जबरन घुस गए। सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर उन्हें धमकी दी। उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरी तरफ तापस राय ने आरोप को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि लंबे राजनीतिक जीवन में इससे पहले कभी किसी ने उनपर इस तरह का आरोप नहीं लगाया है।