नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने से पहले राज्य की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताज़ा अपडेट के अनुसार, इस बार लगभग 7 लाख नए मतदाता सूची में जोड़े गए हैं। हालांकि, इन नए मतदाताओं के विस्तृत विवरण को लेकर अभी भी गोपनीयता बनी हुई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दो चरणों में मतदान करेंगे नए मतदाता
निर्वाचन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है कि इन नए मतदाताओं को चुनाव के शुरुआती चरणों में विभाजित किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 3.22 लाख नए मतदाता पहले चरण में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वहीं, शेष 3.88 लाख मतदाता दूसरे चरण के चुनाव में पहली बार मतदान प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।
आंकड़ों के विश्लेषण पर आयोग की गोपनीयता
दिलचस्प बात यह है कि चुनाव आयोग ने अभी तक इन 7 लाख मतदाताओं का आयु या लिंग के आधार पर कोई आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया है। यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने मतदाता 18-19 वर्ष के युवा हैं जो पहली बार ‘फर्स्ट टाइम वोटर’ के रूप में वोट डालेंगे। इसके अतिरिक्त, फॉर्म-6 (नाम जोड़ने के आवेदन) की कुल संख्या और खारिज किए गए आवेदनों के आंकड़ों को भी फिलहाल गुप्त रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के तहत कुल आंकड़े जारी कर दिए गए हैं, लेकिन विस्तृत डेटा जरूरत पड़ने पर बाद में साझा किया जाएगा।
राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या और वर्तमान स्थिति
नए नाम जुड़ने के बाद पश्चिम बंगाल में अब कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 6,82,51,008 हो गई है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, यह संख्या अंतिम नहीं है; न्यायाधिकरण के विभिन्न आदेशों और लंबित आवेदनों के निपटारे के बाद मतदाताओं की इस सूची में और भी वृद्धि होने की संभावना है।