Home » पश्चिम बंगाल » ‘विजया सम्मेलन में तारीफ, एक महीने बाद पूछा- मेयर की कुर्सी कब छोड़ोगे?’ शोभन चट्टोपाध्याय ने 8 साल पुराना किस्सा सुनाकर ममता बनर्जी पर साधा निशाना

‘विजया सम्मेलन में तारीफ, एक महीने बाद पूछा- मेयर की कुर्सी कब छोड़ोगे?’ शोभन चट्टोपाध्याय ने 8 साल पुराना किस्सा सुनाकर ममता बनर्जी पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके कभी बेहद करीबी रहे शोभन चट्टोपाध्याय के रिश्तों में भले ही आज पहले जैसी नजदीकी नहीं है, लेकिन दोनों के बीच पुराने संबंधों की चर्चा अक्सर होती रहती है।. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके कभी बेहद करीबी रहे शोभन चट्टोपाध्याय के रिश्तों में भले ही आज पहले जैसी नजदीकी नहीं है, लेकिन दोनों के बीच पुराने संबंधों की चर्चा अक्सर होती रहती है। शोभन चट्टोपाध्याय आज भी भाई दूज के मौके पर ममता बनर्जी से मिलने पहुंचते हैं। वहीं, अभिषेक बनर्जी के अस्पताल में भर्ती होने के दौरान भी शोभन उनसे मिलने पहुंचे थे। इसके बावजूद उनके मन में साल 2018 की एक घटना को लेकर नाराजगी आज भी बरकरार है। हाल ही में एक विशेष इंटरव्यू में शोभन चट्टोपाध्याय ने उस पुराने घटनाक्रम को याद किया, जब ममता बनर्जी ने उनसे कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा देने के बारे में सवाल किया था। उन्होंने बताया कि एक ओर मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से उनके काम की तारीफ की थी, तो दूसरी ओर करीब एक महीने बाद उनसे पद छोड़ने के बारे में पूछ लिया गया था।

मेयर पद छोड़ने की बात पर जताई नाराजगी

इंटरव्यू के दौरान शोभन चट्टोपाध्याय से सवाल किया गया कि अगर भविष्य में ममता बनर्जी उन्हें दोबारा कोलकाता का मेयर बनने का प्रस्ताव देती हैं, तो क्या वह इसे स्वीकार करेंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने साल 2018 की घटनाओं को याद किया। शोभन के मुताबिक, 17 अक्टूबर को दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित विजया सम्मेलन में ममता बनर्जी ने उनके काम की प्रशंसा की थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उस समय कहा था कि उन्हें शोभन पर गर्व है। शोभन ने उस बातचीत को याद करते हुए बताया कि ममता बनर्जी ने कोलकाता में आए प्रवासी बंगालियों की प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया था। बाहर रहने वाले कई बंगाली, जो पांच या सात साल बाद दुर्गा पूजा के दौरान शहर लौटे थे, उन्होंने कहा था कि कोलकाता इतना बदल गया है कि अब उसे पहचानना भी मुश्किल हो रहा है। शोभन के अनुसार, मुख्यमंत्री ने शहर में हुए बदलावों और उनके काम की सराहना की थी।

‘एक महीने बाद ही पूछा- मेयर का पद कब छोड़ोगे?’

शोभन चट्टोपाध्याय ने दावा किया कि तारीफ के लगभग एक महीने बाद ही उनसे मेयर पद छोड़ने को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने बताया कि 22 नवंबर 2018 को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस घटनाक्रम को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 17 अक्टूबर को उनकी प्रशंसा की गई और करीब एक महीने दो दिन बाद उनसे पूछा गया कि वह मेयर की कुर्सी कब छोड़ेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि विजया सम्मेलन के दौरान की गई तारीफ वास्तव में दिल से थी या फिर उनके इस्तीफे का इंतजार किया जा रहा था। शोभन ने कहा कि वह किसी कुर्सी से चिपके रहने वाले व्यक्ति नहीं थे। जब उन्हें पद छोड़ने के लिए कहा गया, तो उन्होंने बिना देर किए इस्तीफा दे दिया।

इस्तीफे के बाद पार्टी और प्रशासन से भी बनाई दूरी

शोभन चट्टोपाध्याय ने इंटरव्यू में यह भी बताया कि मेयर पद छोड़ने के बाद उन्होंने कोलकाता नगर निगम से दूरी बना ली थी। उनके मुताबिक, इस्तीफे के बाद वह दोबारा निगम कार्यालय नहीं गए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने पद छोड़ा था। इसके बाद उन्हें पार्टी की बैठकों और कार्यक्रमों में भी पहले जैसी अहमियत नहीं मिली। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें किसी से शिकायत नहीं है और ऊपरवाला सब देख रहा है।

फिरहाद हकीम पर भी शोभन ने उठाए सवाल

इंटरव्यू के दौरान शोभन चट्टोपाध्याय ने पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री फिरहाद हकीम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें समझाने की जिम्मेदारी फिरहाद हकीम को दी गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शोभन ने सवालिया अंदाज में कहा, “बबी को समझाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बबी क्यों, बबी कौन?” उनकी इस टिप्पणी को फिरहाद हकीम के प्रति नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।

ममता से पुराने रिश्ते, लेकिन दिल में अब भी कायम है नाराजगी

शोभन चट्टोपाध्याय कभी ममता बनर्जी के बेहद करीबी नेताओं में गिने जाते थे। दोनों के बीच राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों की काफी चर्चा रही है। हालांकि, समय के साथ उनके रिश्तों में दूरी आ गई। इसके बावजूद त्योहारों पर ममता बनर्जी से उनकी मुलाकात और कुछ खास मौकों पर उनकी मौजूदगी यह दिखाती है कि पुराने रिश्ते पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। आठ साल पुरानी घटना का जिक्र कर शोभन ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि 2018 में मेयर पद छोड़ने से जुड़ी बातें आज भी उनके मन में हैं।

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