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आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात ‘मुरासु’, 120 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाएं; कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र से टकराया। लैंडफॉल के दौरान तूफान की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।. . .

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र से टकराया। लैंडफॉल के दौरान तूफान की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। एहतियात के तौर पर कई ट्रेनों और 30 से अधिक उड़ानों को रद्द करना पड़ा। वहीं, ओडिशा में करीब 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।

सुबह तड़के तट से टकराया तूफान, धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात ने 3 नवंबर को सुबह करीब 3:30 से 5:30 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के मध्य ओंगोल के आसपास तटीय क्षेत्र को पार किया। इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि तेज झोंकों में रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तूफान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होगा। मंगलवार दोपहर तक इसकी तीव्रता घटकर सामान्य चक्रवाती तूफान जैसी हो सकती है। रात तक इसके डिप्रेशन में बदलने और 4 नवंबर की सुबह तक काफी कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है।

रेल और हवाई सेवाओं पर पड़ा असर

खराब मौसम को देखते हुए रेलवे और विमानन सेवाओं में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। दक्षिण तटीय रेलवे ने नौ ट्रेनों का परिचालन रद्द किया है। विजयवाड़ा, गुडूर, गुंटूर और तेनाली सहित कई रेल मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं, मौसम खराब होने के कारण 30 से ज्यादा उड़ानों पर असर पड़ा है। विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम से संचालित 19 घरेलू उड़ानें रद्द की गईं, जबकि चेन्नई एयरपोर्ट से 11 उड़ानों का संचालन भी रोकना पड़ा।

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पांच राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

चक्रवात का प्रभाव आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना, तमिलनाडु, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में मंगलवार को व्यापक बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा भी हो सकती है। तेलंगाना के कई जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। उत्तरी तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 3 और 4 नवंबर को बारिश का दौर जारी रह सकता है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा

आंध्र प्रदेश के बापटला, प्रकाशम, नेल्लोर, कृष्णा, गुंटूर और पश्चिम गोदावरी जिलों में तेज हवाओं का असर ज्यादा रहने की आशंका है। शुरुआती घंटों में 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है। चेन्नई, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर में भी 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं तेलंगाना और रायलसीमा के कुछ अंदरूनी इलाकों में तेज तूफानी हवाओं का खतरा बना हुआ है।

समुद्र में ऊंची लहरें, तटीय इलाकों में सतर्कता

चक्रवात के कारण पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश के समुद्री तटों पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। ऊंची समुद्री लहरों और सामान्य ज्वार से अधिक जलस्तर के कारण निचले तटीय क्षेत्रों में पानी घुसने का खतरा है। प्रशासन ने मछुआरों को 4 नवंबर की दोपहर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

फ्लैश फ्लड और जलभराव का भी खतरा

भारी बारिश के चलते अगले 24 घंटों में कई जिलों में अचानक बाढ़ और जलभराव की आशंका जताई गई है। आंध्र प्रदेश के बापटला, गुंटूर, कृष्णा, एलुरु, पलनाडु, प्रकाशम और नेल्लोर में जोखिम अधिक बताया गया है। तेलंगाना के नलगोंडा, नगरकुरनूल और सूर्यापेट के अलावा रायलसीमा के तिरुपति और अन्नामय्या जिलों के निचले इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।

मकानों, फसलों और बिजली व्यवस्था को नुकसान की आशंका

तेज हवाओं और बारिश से कच्चे मकानों, झोपड़ियों और टीन की छतों को नुकसान पहुंच सकता है। पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने से बिजली आपूर्ति और संचार सेवाएं बाधित होने की आशंका है। किसानों की केला, पपीता, नारियल और धान की फसलों पर भी संकट मंडरा रहा है। इसके अलावा सड़कों और रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

प्रशासन ने लोगों से की घरों में रहने की अपील

मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें और कमजोर इमारतों में शरण लेने से बचें। यात्रा से पहले ट्रेन और फ्लाइट की स्थिति की जानकारी लेने, जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। मछुआरों को समुद्र से दूर रहने और तटीय क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में जाने की हिदायत दी गई है।

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