नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में रविवार, 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की बड़ी राजनीतिक रैली को लेकर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता अलग-अलग राज्यों से दिल्ली पहुंच रहे हैं। रैली के लिए रामलीला मैदान को चुना गया है, जहां सुबह से ही प्रदर्शनकारियों और पार्टी समर्थकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। इस आयोजन को विपक्ष ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ नाम दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का विरोध करना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाना है। रैली को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा संभावित भीड़ की है। रामलीला मैदान में करीब 50 हजार लोगों के बैठने की क्षमता बताई जा रही है, जबकि विपक्षी दलों का अनुमान है कि इस आयोजन में करीब 10 लाख लोग जुट सकते हैं। हालांकि, यह राजनीतिक दलों का अनुमान है, वास्तविक उपस्थिति का आंकड़ा आयोजन के दौरान ही स्पष्ट होगा।
राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेता होंगे शामिल
INDIA गठबंधन की इस रैली में विपक्ष के कई प्रमुख चेहरे एक मंच पर नजर आ सकते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, बिहार के नेता तेजस्वी यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत गठबंधन के अन्य नेताओं की भागीदारी प्रस्तावित है। अलग-अलग राज्यों से कांग्रेस और सहयोगी दलों के कार्यकर्ता भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। महाराष्ट्र से करीब 5,000 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आने की सूचना है। विपक्षी दल इस आयोजन के जरिए चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपनी राजनीतिक आवाज बुलंद करना चाहते हैं।
शशि थरूर ने मतदाता सूची को लेकर उठाए सवाल
रैली से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि चुनावी सूची में पारदर्शिता और शुद्धता बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, यदि मतदाता सूची में कुछ गलत नाम रह जाते हैं तो उन्हें सुधारा जा सकता है, लेकिन बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटना गंभीर चिंता का विषय है। थरूर ने अपने बयान में 13 करोड़ वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए।
अखिलेश यादव रैली में शामिल होने के लिए रवाना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी दिल्ली में होने वाले इस राजनीतिक आयोजन में शामिल होने के लिए रवाना हुए। कार्यक्रम की योजना के मुताबिक, INDIA गठबंधन के सांसद और वरिष्ठ नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एकत्र होंगे। इसके बाद वहां से नेता खुले वाहन के जरिए मिंटो रोड की तरफ जाएंगे। दोपहर करीब 12 बजे नेताओं के मिंटो ब्रिज पहुंचने का कार्यक्रम तय किया गया है। इसके बाद रैली से जुड़े मार्च और अन्य गतिविधियां आगे बढ़ाई जाएंगी।
14 जोन में बांटा गया रामलीला मैदान, 4 हजार पुलिसकर्मी तैनात
रैली में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए रामलीला मैदान को 14 अलग-अलग जोन में विभाजित किया गया है। मैदान और आसपास के इलाकों में करीब 4,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना है। इसके अलावा प्रमुख चौराहों और यातायात के संवेदनशील स्थानों पर लगभग 150 अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।निगरानी के लिए मैदान और आसपास 200 से अधिक CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिसकर्मियों के बॉडी-वॉर्न कैमरों के जरिए भी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
RAF, CRPF और CISF के जवान भी संभालेंगे सुरक्षा
रैली को देखते हुए दिल्ली के मध्य और नई दिल्ली क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी लगाया गया है। दिल्ली पुलिस के अलावा RAF, CISF, CRPF और SSB के जवानों की तैनाती की गई है। दीन दयाल उपाध्याय मार्ग और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। पुलिस का जोर इस बात पर है कि राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो और आम लोगों की आवाजाही भी पूरी तरह बाधित न हो।
चिल्ला बॉर्डर पर वाहनों की जांच, नोएडा से दिल्ली जाने वालों पर नजर
रैली के मद्देनजर दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। चिल्ला बॉर्डर पर पुलिस दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने की संभावना को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी जा रही है।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का प्रदर्शन
इस महारैली का राजनीतिक केंद्र मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान कई जगहों पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी सूची में गड़बड़ी की आशंका सामने आई है। INDIA गठबंधन इन मुद्दों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठा रहा है और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही होना बेहद जरूरी है। वहीं, इस पूरे मुद्दे पर निर्वाचन आयोग का पक्ष और आधिकारिक आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे।
दिल्ली में रैली को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
एक तरफ रामलीला मैदान में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर दिल्ली पुलिस सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर सतर्क है। कई राज्यों से नेताओं और समर्थकों के पहुंचने के कारण राजधानी के मध्य हिस्से में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि INDIA गठबंधन की यह रैली कितनी बड़ी होती है और विपक्षी नेता SIR तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर सरकार और निर्वाचन आयोग के सामने किस तरह अपनी मांग रखते हैं।