बर्गर किंग हत्याकांड से देशभर में आया चर्चा में मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ
रोहतक/नई दिल्ली: हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने उसे गिरफ्तार किया है। उस पर यूट्यूबर और बिग बॉस विजेता एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की साजिश में शामिल होने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होनी बाकी है। हिमांशु भाऊ मूल रूप से हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव का रहने वाला है। उसे हरियाणा और दिल्ली पुलिस के मोस्ट वांटेड अपराधियों में गिना जाता रहा है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी और अवैध हथियारों से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। उसका नाम नीरज बवाना गिरोह से नजदीकी और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ कथित दुश्मनी को लेकर भी सुर्खियों में रहा है।
किशोरावस्था में ही अपराध की दुनिया से जुड़ गया था हिमांशु
हिमांशु भाऊ की अपराध जगत में एंट्री कम उम्र में ही हो गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह महज 17 साल की उम्र में आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया था। बताया जाता है कि वर्ष 2020 में वह हिसार के एक बाल सुधार गृह से करीब 20 अन्य लड़कों के साथ फरार हो गया था। इसके बाद उसने अपना नेटवर्क तैयार करना शुरू किया और धीरे-धीरे एक संगठित गिरोह खड़ा कर लिया। जांच एजेंसियों के अनुसार, समय के साथ उसका गिरोह हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में सक्रिय हो गया। उस पर कारोबारियों और अन्य संपन्न लोगों को निशाना बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलने के आरोप भी लगे।
24 घंटे में तीन हत्याओं से अपराध जगत में बढ़ी पहचान
हिमांशु भाऊ का नाम वर्ष 2022 में बड़े पैमाने पर चर्चा में आया। उस दौरान हरियाणा में 24 घंटे के भीतर हुई तीन सनसनीखेज हत्याओं से उसका नाम जोड़ा गया। इन घटनाओं के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर उसके कथित नेटवर्क पर और अधिक केंद्रित हो गई। जांच के दौरान उसके गिरोह के सदस्यों, आपसी रंजिश और दूसरे आपराधिक समूहों के साथ टकराव जैसे पहलुओं की पड़ताल की गई। जांच एजेंसियां उसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी भी मानती रही हैं। हालांकि, विभिन्न आपराधिक घटनाओं में उसकी व्यक्तिगत भूमिका का निर्धारण संबंधित मामलों के साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
राजौरी गार्डन का बर्गर किंग हत्याकांड बना बड़ी पहचान
जून 2024 में दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके में स्थित बर्गर किंग आउटलेट के भीतर अमन जूण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने राजधानी में सनसनी फैला दी थी। घटना के बाद हिमांशु भाऊ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। रिपोर्टों के अनुसार, सोशल मीडिया पर उससे जुड़े एक अकाउंट के जरिए हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पुलिस ने इस मामले में गैंगवार और आपसी दुश्मनी समेत विभिन्न पहलुओं की जांच की। जांचकर्ताओं ने कथित गिरोह के सदस्यों की भूमिका और वारदात के पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश की। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों और उनके नेटवर्क को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी थीं।
विदेश में बैठकर गिरोह चलाने और रंगदारी मांगने के आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, भारत से बाहर जाने के बाद भी हिमांशु भाऊ कथित तौर पर अपने गिरोह के संपर्क में बना रहा। उस पर विदेश से वॉट्सऐप कॉल के जरिए भारत में कारोबारियों, डॉक्टरों और प्रॉपर्टी डीलरों से रंगदारी मांगने के आरोप हैं। बताया जाता है कि उसके निशाने पर व्यापारी, शराब कारोबारी और सट्टेबाजी से जुड़े लोग भी रहते थे। आरोप है कि रकम देने से इनकार करने वालों को धमकाया जाता था और भारत में मौजूद गिरोह के सदस्य उनके खिलाफ हिंसक वारदातों को अंजाम देते थे। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि प्रत्येक मामले में उपलब्ध सबूतों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है।
फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से भागने का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, हिमांशु भाऊ कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से फरार हुआ था। उसके पुर्तगाल और अमेरिका में रहने की खबरें भी सामने आती रही हैं। उसके खिलाफ इंटरपोल की ओर से नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। अगस्त 2025 में एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग के बाद उसकी तलाश तेज होने की बात कही गई थी।अब अमेरिका में उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद उसके कथित आपराधिक नेटवर्क और भारत में दर्ज मामलों की जांच को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद प्रत्यर्पण, कानूनी कार्रवाई और संबंधित मामलों में उसकी भूमिका को लेकर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित दुश्मनी भी रही चर्चा में
हिमांशु भाऊ को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा उसके कथित गैंग नेटवर्क और दूसरे अपराधियों के साथ दुश्मनी की रही है। उसे नीरज बवाना गिरोह के करीब बताया जाता है, जबकि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के साथ उसके संबंधों को प्रतिद्वंद्विता के रूप में देखा जाता रहा है। पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, ऐसे गिरोहों के बीच वर्चस्व, आर्थिक हितों और आपसी रंजिश को लेकर टकराव हो सकता है। इन संघर्षों का असर कई बार कारोबारियों और आम लोगों की सुरक्षा पर भी पड़ता है। कुल मिलाकर, हिमांशु भाऊ का मामला कम उम्र में अपराध की दुनिया में प्रवेश, कथित संगठित गिरोह के विस्तार, रंगदारी के आरोपों और विदेश से नेटवर्क संचालित करने के दावों से जुड़ा है। अमेरिका में उसकी गिरफ्तारी की खबर के बाद अब आगे की कानूनी कार्रवाई और विभिन्न मामलों में उसकी कथित भूमिका पर सबकी नजर रहेगी।