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एक घंटे में दो बार कांपी उत्तर बंगाल की धरती, सिक्किम में 20 दिनों में 50 से ज्यादा भूकंप, 4.6 तीव्रता का फिर से झटका

सिलीगुड़ी। उत्तर बंगाल में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी सहित कई इलाकों में हल्का कंपन दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि एक घंटे के भीतर दो बार धरती कांपी। प्रारंभिक जानकारी. . .

सिलीगुड़ी। उत्तर बंगाल में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी सहित कई इलाकों में हल्का कंपन दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि एक घंटे के भीतर दो बार धरती कांपी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इन झटकों की वजह Sikkim में आ रही लगातार भूकंपीय गतिविधियां हैं।

सिक्किम में बार-बार भूकंप

फरवरी की शुरुआत से ही सिक्किम में बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में अब तक 50 से अधिक बार धरती कांप चुकी है। रिक्टर स्केल पर तीव्रता कभी 3 तो कभी 4 दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी कम अवधि में लगातार झटकों की घटनाएं पहले कम ही देखने को मिली हैं। इन कंपन का असर पश्चिम बंगाल के उत्तर बंगाल क्षेत्र में भी महसूस किया गया।
जानकारी के मुताबिक, सिक्किम के Gyalshing में 4.6 तीव्रता का भूकंप सुबह 11 बजकर 34 मिनट पर आया। मुख्य झटके के बाद पांच आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए। बताया जा रहा है कि पिछले 20 दिनों में राज्य में 50 से अधिक भूकंप आ चुके हैं।

नीय लोगों की चिंता बढ़ी

इससे पहले विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि ये झटके ‘फोरशॉक’ हो सकते हैं, जो किसी बड़े भूकंप से पहले आते हैं। उनका कहना है कि भूकंप कभी-कभी झुंड के रूप में भी आते हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल के लिए भी इसे संभावित खतरे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
लगातार आ रहे झटकों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

सिक्किम में गुरुवार को भूकंप के दो हल्के झटके महसूस किए गए.

एनसीएस के आंकड़ों के मुताबिक पहला भूकंप ग्यालशिंग जिले के यूक्सोम से 4 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में केंद्रित था. यह झटका काफी तेज था और गंगटोक, नामची, मंगन और पेलिंग जैसे इलाकों में भी महसूस किया गया। लोग घरों से बाहर निकल आए और कई जगहों पर लोग डर के मारे चीखते हुए सड़कों पर पहुंच गए।दूसरा भूकंप मंगन जिले में केंद्रित था, जो गंगटोक से 11 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था. यह झटका पहले की तुलना में कम तीव्र था, लेकिन लगातार दो झटकों से लोगों का डर और बढ़ गया।

सिक्किम भूकंप संवेदनशील क्षेत्र

सिक्किम भूकंप संवेदनशील क्षेत्र में आता है, क्योंकि यह हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा है जहां इंडियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स की टक्कर होती रहती है।राज्य में पहले भी कई बार मध्यम तीव्रता के भूकंप आ चुके हैं। 2011 में सिक्किम में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और भारी तबाही हुई थी। उस घटना के बाद से राज्य सरकार ने भूकंप-प्रतिरोधी इमारतों और आपातकालीन तैयारियों पर जोर दिया है।

अलर्ट जारी किया गया

गुरुवार के भूकंपों के बाद राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने अलर्ट जारी किया और जिलाधिकारियों को प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। गंगटोक और आसपास के इलाकों में पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी संभावित नुकसान की तुरंत सूचना मिल सके। अभी तक किसी इमारत के गिरने, दरार आने या अन्य नुकसान की कोई सूचना नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पहले झटके के दौरान कई लोग कार्यालयों और स्कूलों से बाहर निकल आए। कुछ जगहों पर लोग घंटों तक खुले में बैठे रहे। सोशल मीडिया पर लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और भूकंप के बाद के झटकों की आशंका जता रहे हैं।

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