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श्रीलंका पहुंचे उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी मजबूती

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन श्रीलंका की दो दिन की राजकीय यात्रा पर कोलंबो पहुंच गए हैं। इस दौरान वे श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से बातचीत करेंगे। वे अन्य वरिष्ठ नेताओं और. . .

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन श्रीलंका की दो दिन की राजकीय यात्रा पर कोलंबो पहुंच गए हैं। इस दौरान वे श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से बातचीत करेंगे। वे अन्य वरिष्ठ नेताओं और भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच चल रहे उच्च स्तरीय आदान-प्रदान के बीच हो रहा है और इससे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
श्रीलंका भारत की क्षेत्रीय पहुंच में एक महत्वपूर्ण भागीदार बना हुआ है, जिसमें उसका विजन महासागर और पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देने की नीति शामिल है।
इस यात्रा से दोनों पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों और नागरिकों के बीच घनिष्ठता को बल मिलेगा, साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी।

तमिल समुदाय के लोगों को सौंपेंगे घर

इसके बाद उपराष्ट्रपति कोलंबो में एक सामुदायिक कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में वे ‘इंडियन हाउसिंग प्रोजेक्ट’ के तीसरे चरण के तहत भारत सरकार की सहायता से निर्मित घरों को तमिल समुदायों के लाभार्थियों को वर्चुअल माध्यम से सौंपेंगे। इसके साथ ही तमिल समुदायों के लिए निर्मित घरों की कुल संख्या 50,000 तक पहुंच जाएगी। इस परियोजना के चौथे चरण में 10,000 और घरों का निर्माण कार्य चल रहा है।

20 अप्रैल को करेंगे नुवारा एलिया की यात्रा

वहीं, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन 20 अप्रैल को नुवारा एलिया की यात्रा करेंगे, जहां वे भारतीय आवास परियोजनाओं का अवलोकन करेंगे और स्थानीय तमिल समुदाय के साथ बातचीत करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच हाल ही में हुई उच्च-स्तरीय वार्ताओं के क्रम में हो रही है। इससे भारत तथा श्रीलंका के बीच सदियों पुरानी सभ्यता और जन-दर-जन संबंधों के और अधिक सुदृढ़ होने की आशा है।
पिछले महीने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईंधन संकट के दौरान भारत द्वारा त्वरित सहायता देने के लिए आभार व्यक्त किया था।
भारत से भेजे गए 38,000 मीट्रिक टन ईंधन की खेप कोलंबो पहुंची थी।
24 मार्च को पीएम मोदी और अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर इसके प्रभावों पर चर्चा की गई थी।
दोनों नेताओं ने ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों की समीक्षा की और साझा चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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