गुवाहाटी। असम की राजधानी गुवाहाटी में पांच लोगों की हत्या के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई (34) की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को उसे एक अन्य बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच के सिलसिले में शिवसागर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान गौरीसागर इलाके में उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। इस दौरान हुई झड़प में पुलिस की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने एक जांच अधिकारी की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की थी। उसे रोकने के दौरान हाथापाई हुई, जिसमें पुलिस अधिकारी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद शिवसागर सदर थाने के प्रभारी अधिकारी ने गोली चलाई। इस घटना के बाद गुवाहाटी के चर्चित होटल गोलीकांड की जांच में एक नया मोड़ आ गया है। इस गोलीबारी में होटल मालिक के परिवार के पांच लोगों की मौत हुई थी, जबकि परिवार का एक ड्राइवर घायल हुआ था।
पुलिस का दावा- सर्विस रिवॉल्वर छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था आरोपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पापरी चेतिया के अनुसार, घनकांत गोगोई को 2004 के एक बैंक धोखाधड़ी मामले में पूछताछ के सिलसिले में शिवसागर ले जाया जा रहा था। रास्ते में गौरीसागर इलाके में पुलिस वाहन रोका गया। इसी दौरान आरोपी ने प्राकृतिक जरूरत के लिए वाहन से नीचे उतरने की अनुमति मांगी। पुलिस का आरोप है कि वाहन से उतरने के बाद उसने जांच अधिकारी की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी और पुलिस अधिकारी के बीच संघर्ष हुआ। पुलिस के मुताबिक, अधिकारी को बचाने के लिए शिवसागर सदर थाने के प्रभारी को गोली चलानी पड़ी। गोली लगने से घायल गोगोई को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि घनकांत गोगोई एक प्रशिक्षित निशानेबाज था और विभिन्न प्रकार के हथियार चलाने में सक्षम था।
क्या था गुवाहाटी का होटल बिलास इन गोलीकांड?
गुवाहाटी के उलुबाड़ी सर्विस इलाके में स्थित होटल बिलास इन में 26 अक्टूबर की रात गोलीबारी की घटना हुई थी। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। होटल में हुई फायरिंग में पांच लोगों की जान चली गई थी। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई थी:
- हेलेना भराली- होटल की मालकिन।
- देवर्षि कश्यप (भराली)- हेलेना के बेटे।
- भूदेव भराली।
- रिनिका कश्यप।
- नारायण दास।
इस हमले में परिवार का ड्राइवर सत्येंद्र पाठक भी घायल हुआ था।
लीज और किराया विवाद को बताया गया हमले की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया था कि होटल मालिक पक्ष और होटल को लीज पर लेने वाले घनकांत गोगोई के बीच विवाद चल रहा था। बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच लीज एग्रीमेंट और किराए के भुगतान को लेकर लंबे समय से तनाव था। जांचकर्ताओं को आशंका थी कि इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और होटल में गोलीबारी की घटना हुई। हालांकि, इस विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही थी।
गिरफ्तारी के बाद मिला था .32 बोर का पिस्तौल
होटल में गोलीबारी की घटना के बाद पुलिस ने घनकांत गोगोई को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से लाइसेंसी .32 बोर का पिस्तौल बरामद किया गया था। पुलिस ने हिरासत में उससे पूछताछ की और 2 नवंबर को घटनास्थल पर अपराध का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन) भी कराया। इसके बाद 3 नवंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पुलिस ने आरोपी की रिमांड मांगी थी। हालांकि, अदालत ने पुलिस रिमांड की मांग स्वीकार नहीं की और आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। अब पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत के बाद मामले की जांच की दिशा बदल गई है।
2004 के बैंक धोखाधड़ी मामले में भी थी पूछताछ
घनकांत गोगोई केवल होटल गोलीकांड के मामले में ही जांच के घेरे में नहीं था। पुलिस उसे वर्ष 2004 के एक बैंक धोखाधड़ी मामले में भी पूछताछ के लिए शिवसागर ले जा रही थी। इसी यात्रा के दौरान गौरीसागर इलाके में मुठभेड़ हुई। पुलिस अब इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इसमें यह भी महत्वपूर्ण होगा कि हिरासत के दौरान आरोपी ने किस परिस्थिति में पुलिस अधिकारी की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की और गोली चलने की पूरी घटना कैसे हुई।
एनकाउंटर के बाद उठे कई सवाल
गुवाहाटी होटल गोलीकांड के मुख्य आरोपी की मौत के बाद अब पुलिस मुठभेड़ की परिस्थितियां भी जांच का विषय बन गई हैं। एक तरफ पुलिस का दावा है कि आरोपी ने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की थी और अधिकारी की जान बचाने के लिए गोली चलानी पड़ी। दूसरी तरफ इस घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम की पुष्टि होना महत्वपूर्ण होगा। होटल गोलीकांड में पांच लोगों की मौत के मामले में आरोपी की भूमिका और अन्य साक्ष्यों से जुड़े सवाल भी अब जांच का हिस्सा बने रहेंगे। फिलहाल घनकांत गोगोई की मौत के साथ होटल बिलास इन गोलीकांड का एक महत्वपूर्ण आरोपी अब जीवित नहीं है। पुलिस के सामने अब मुठभेड़ की परिस्थितियों और मामले से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच की चुनौती है।