राम-कृष्ण की तुलना पर बढ़ा विवाद, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने मांगी थी माफी; अखिलेश बोले- सभी कार्यक्रम रद्द हों, नई अनुमति भी नहीं मिले
लखनऊ। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। धीरेंद्र शास्त्री की ओर से माफी मांगे जाने के बावजूद अखिलेश यादव ने इसे ईशनिंदा बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में माफी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कथावाचक पर देशभर में आजीवन प्रतिबंध लगाने और उनके सभी कार्यक्रम रद्द करने की मांग की है।
‘ईशनिंदा के लिए कभी माफी नहीं’, अखिलेश का तीखा हमला
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, ‘मानवीय भूलों के लिए तो क्षमा किया जा सकता है, ईशनिंदा के लिए कभी नहीं। ऐसे दुष्मुखी लोगों पर आजीवन प्रतिबंध लगाना ही समाज के लिए श्रेयस्कर है। पूरे देश में इनके सभी कार्यक्रम रद्द किए जाएं, नई अनुमति नहीं दी जाए और सार्वजनिक जीवन में हर सच्चा सनातनी इनका पूर्ण बहिष्कार करे।’ उन्होंने आगे कहा कि ऐसे व्यक्ति को अपने किए का पश्चाताप और प्रायश्चित करने के बावजूद माफी नहीं मिलनी चाहिए। अखिलेश ने वैधानिक कार्रवाई की भी मांग की।
अखिलेश ने उठाया साजिश का सवाल, बोले- जांच जरूरी
सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में इस पूरे विवाद को सनातन समाज की एकता से जोड़ते हुए साजिश की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है कि कोई व्यक्ति सनातन समाज की एकता को तोड़ने का काम कर रहा है। यह गहरी जांच का विषय है कि सनातनियों के बीच सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का षड्यंत्र कौन कर रहा है और इसके पीछे कोई बाहरी शक्ति है या आंतरिक। अखिलेश ने कहा कि भगवान राम और भगवान कृष्ण दोनों ही एक ही परम सत्ता के अवतार हैं। ऐसे में एक को दूसरे से श्रेष्ठ बताने वाली तुलना का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने इस मामले में उच्च स्तर पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की।
धीरेंद्र शास्त्री ने कथा के दौरान क्या कहा था?
दरअसल, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना करते हुए कुछ टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा था, ‘हमारे राम सीधे हैं और तुम्हारे कृष्ण टेढ़े हैं। धाम भी सीधा है अयोध्या, तुम्हारे वाले का वृंदावन।’ उन्होंने भगवान कृष्ण के बांसुरी बजाने और भगवान राम के धनुष चलाने की तुलना करते हुए यह भी कहा था कि बंसी बजाना तो खेल है, लेकिन धनुष चलाना खेल नहीं है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो गया। मथुरा-वृंदावन के संतों, कृष्ण भक्तों और अखिल भारतीय यादव महासभा सहित कई संगठनों ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई।
विवाद बढ़ा तो धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी
विरोध बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की और माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करने या राम और कृष्ण के बीच किसी तरह का भेद पैदा करने का कोई इरादा नहीं था। उनकी टिप्पणी को गलत अर्थों में लिया गया है। धीरेंद्र शास्त्री ने हाथ जोड़कर कहा कि यदि उनकी बातों से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह स्वयं भगवान कृष्ण के भक्त हैं और ब्रज परंपरा से उनका गहरा जुड़ाव है।
माफी के बाद भी नहीं थमा विवाद, संतों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं जारी
धीरेंद्र शास्त्री की सफाई और माफी के बावजूद मामला शांत नहीं हुआ है। मथुरा-वृंदावन के संतों और कृष्ण भक्तों की नाराजगी के बीच अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। अखिलेश यादव ने जहां आजीवन प्रतिबंध और कानूनी कार्रवाई की मांग की है, वहीं उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कथित साजिश की जांच कराने की भी बात कही है। फिलहाल विवाद का केंद्र भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना को लेकर की गई टिप्पणी, उसके बाद मांगी गई माफी और उस पर राजनीतिक एवं धार्मिक प्रतिक्रियाएं हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई होती है या विवाद सार्वजनिक बहस तक ही सीमित रहता है।