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दिवाली से पहले शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी : सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 23,300 के पार; रिलायंस समेत कई दिग्गज शेयरों में जोरदार खरीदारी

दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।. . .

नई दिल्ली। दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिलने के बावजूद भारतीय बाजार में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,000 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 23,300 के स्तर के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की खरीदारी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के बेहतर तिमाही नतीजे और चुनिंदा सेक्टरों में मजबूत खरीदारी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। खास बात यह रही कि लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का माहौल देखने को मिला।

सेंसेक्स में 1,000 अंकों से ज्यादा की छलांग, निफ्टी 23,300 के पार

सोमवार को कारोबार शुरू होते ही भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल बन गया। बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 960 अंकों से ज्यादा यानी करीब 1.29 फीसदी की बढ़त के साथ 75,420 के स्तर को पार कर गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स की बढ़त 1,000 अंकों से भी अधिक हो गई। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी करीब 251 अंकों यानी 1.09 फीसदी की तेजी के साथ 23,304 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। दिवाली से पहले बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों के बाद बाजार में लौटी खरीदारी को निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय बाजार को बड़ी राहत

भारतीय शेयर बाजार में तेजी की सबसे प्रमुख वजहों में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट शामिल रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले सप्ताह कच्चे तेल की कीमतें छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं। हालांकि, ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत में प्रगति की उम्मीदों के बीच तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

कारोबार के दौरान:

  • ब्रेंट क्रूड: 3.02 फीसदी गिरकर 110.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा।
  • WTI क्रूड: 3.05 फीसदी गिरकर 100.94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए राहत लेकर आती है। कच्चा तेल सस्ता होने से देश के आयात बिल पर दबाव कम हो सकता है। इसके अलावा महंगाई, चालू खाते के घाटे और रुपये पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में गिरावट को भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4.42% की तेजी

सोमवार को बाजार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज की अहम भूमिका रही। कंपनी के सितंबर तिमाही के उम्मीद से बेहतर वित्तीय नतीजों के बाद निवेशकों ने इसके शेयरों में जमकर खरीदारी की। कारोबार के शुरुआती घंटों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 4.42 फीसदी उछल गया। रिलायंस के शेयर में आई इस तेजी का असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी में कंपनी का बड़ा वेटेज होने के कारण इसके शेयरों में तेजी से पूरे बाजार को समर्थन मिला।

टाटा स्टील, एनटीपीसी और मारुति समेत इन शेयरों में भी तेजी

सोमवार को केवल रिलायंस ही नहीं, बल्कि कई अन्य बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

प्रमुख तेजी वाले शेयरों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

कंपनीशेयर में तेजी
रिलायंस इंडस्ट्रीज4.42%
टाटा स्टील3.52%
एनटीपीसी3.16%
मारुति सुजुकी2.46%
पावर ग्रिड1.80%
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL)1.79%

मेटल, ऊर्जा, ऑटो और सरकारी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी ने बाजार की तेजी को व्यापक आधार दिया।

ऑयल एंड गैस और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा उत्साह

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सोमवार को ज्यादातर सेक्टर हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और प्रमुख कंपनियों में खरीदारी का फायदा ऑयल एंड गैस सेक्टर को मिला।

प्रमुख सेक्टरों का प्रदर्शन:

सेक्टर इंडेक्सबढ़त
निफ्टी ऑयल एंड गैस2.39%
निफ्टी मेटल1.47%
निफ्टी पीएसयू बैंक1.63%
निफ्टी ऑटो1.20%
निफ्टी आईटी0.46%

ऑयल एंड गैस इंडेक्स में सबसे ज्यादा 2.39 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद मेटल और सरकारी बैंकों के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। ऑटो सेक्टर में मारुति जैसे शेयरों की तेजी ने इंडेक्स को मजबूती दी। वहीं, आईटी सेक्टर में भी हल्की बढ़त देखने को मिली।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी लौटी खरीदारी

सोमवार की तेजी केवल सेंसेक्स और निफ्टी तक सीमित नहीं रही। बाजार के व्यापक सूचकांकों में भी मजबूती देखने को मिली। इससे संकेत मिला कि निवेशक बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी पैसा लगा रहे हैं।

प्रमुख इंडेक्स का प्रदर्शन:

इंडेक्सबढ़त
निफ्टी 1000.95%
निफ्टी 2000.92%
निफ्टी 5000.89%
निफ्टी मिडकैप 1000.78%
निफ्टी स्मॉलकैप 1000.27%

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी बाजार में सकारात्मक माहौल का संकेत देती है। हालांकि, स्मॉलकैप इंडेक्स में तेजी तुलनात्मक रूप से कम रही।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मिला अतिरिक्त समर्थन

भारतीय शेयर बाजार को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की खरीदारी से भी मजबूती मिली है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में लगभग 3,600 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। विदेशी निवेशकों की खरीदारी को बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे घरेलू शेयरों में निवेश की मांग बढ़ती है। लगातार विदेशी पूंजी का प्रवाह बाजार में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारतीय कंपनियों के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन ने भी विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत करने में भूमिका निभाई है।

एआई कंपनियों में बिकवाली से भारत जैसे बाजारों को मिल सकता है फायदा

वैश्विक बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का असर भी निवेशकों की रणनीति पर दिखाई दे रहा है। एआई से जुड़ी कंपनियों में निवेश और उनके शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर चिंताओं के बीच कुछ निवेशक दूसरे बाजारों की ओर रुख कर सकते हैं।भारत जैसे उभरते बाजारों को इस बदलाव का फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसकी एक वजह यह है कि भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन केवल एआई आधारित कारोबार और टेक्नोलॉजी कंपनियों पर निर्भर नहीं है। भारत में बैंकिंग, ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, मेटल, उपभोक्ता वस्तुओं और बुनियादी ढांचे जैसे कई मजबूत सेक्टर मौजूद हैं। इससे निवेशकों को अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश के अवसर मिलते हैं।

इंडिया विक्स में बढ़ोतरी, बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत

बाजार में तेजी के बीच इंडिया विक्स में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इंडिया विक्स 1.71 फीसदी चढ़कर 15.57 के स्तर पर पहुंच गया। इंडिया विक्स को बाजार का डर सूचकांक भी कहा जाता है। यह आने वाले समय में निफ्टी में संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर निवेशकों की अपेक्षाओं का संकेत देता है। विक्स में बढ़ोतरी का मतलब है कि बाजार में भविष्य के उतार-चढ़ाव को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। इसलिए सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी के बावजूद निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

क्या दिवाली से पहले बाजार में जारी रहेगी तेजी?

दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में आई इस शानदार तेजी ने निवेशकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की खरीदारी, रिलायंस के बेहतर नतीजे और घरेलू कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन से बाजार को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें, ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों का रुख, कंपनियों के तिमाही नतीजे और वैश्विक शेयर बाजारों का प्रदर्शन शामिल हैं। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि एक दिन की तेज बढ़त का मतलब यह नहीं है कि बाजार में लगातार तेजी बनी रहेगी। इंडिया विक्स में बढ़ोतरी भी संकेत देती है कि उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

निवेशकों को राहत

दिवाली से पहले शेयर बाजार में आई जोरदार तेजी ने निवेशकों को राहत दी है। सेंसेक्स का 1,000 अंकों से ज्यादा उछलना और निफ्टी का 23,300 के पार पहुंचना बाजार में मजबूत खरीदारी को दर्शाता है। हालांकि, निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे बाजार की तेजी में जल्दबाजी करने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल, जोखिम और अपनी निवेश क्षमता को ध्यान में रखकर फैसले लें।

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