ADVERTISEMENT
Home » क्राइम » देवास में शराब तस्करों ने आयशर से कुचलकर खातेगांव TI दिलीप पुरी की हत्या की, इलाज के दौरान मौत; तस्करी रोकने पहुंचे थे पुलिस अधिकारी

देवास में शराब तस्करों ने आयशर से कुचलकर खातेगांव TI दिलीप पुरी की हत्या की, इलाज के दौरान मौत; तस्करी रोकने पहुंचे थे पुलिस अधिकारी

मध्यप्रदेश के देवास जिले से पुलिस विभाग को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान आयशर वाहन से कुचलकर मौत हो गई।. . .

देवास (मध्यप्रदेश)। मध्यप्रदेश के देवास जिले से पुलिस विभाग को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान आयशर वाहन से कुचलकर मौत हो गई। शराब से भरे वाहन को रोकने की कोशिश में चालक ने पहले थाना प्रभारी को जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद वे सड़क पर गिर गए और आयशर का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी को पुलिस जवान तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना रात करीब 1:30 बजे इंदौर-बैतूल हाईवे क्षेत्र में हुई। बताया जा रहा है कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवैध शराब से भरा एक आयशर वाहन हरदा की ओर से आ रहा है और उसे इंदौर के रास्ते गुजरात ले जाया जाना है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस की कई टीमें तस्करी में शामिल वाहन को पकड़ने के लिए तैनात की गई थीं। ड्यूटी के दौरान थाना प्रभारी की मौत की खबर से देवास पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आयशर वाहन जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बनाई थीं पांच से अधिक टीमें

जानकारी के मुताबिक, देवास पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा की तरफ से एक आयशर वाहन में बड़ी मात्रा में अवैध शराब भरकर ले जाई जा रही है। तस्करी में शामिल लोग इस शराब को इंदौर के रास्ते गुजरात पहुंचाने की तैयारी में थे। सूचना मिलने के बाद देवास के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने वाहन को पकड़ने के लिए पांच से अधिक पुलिस टीमें गठित की थीं। इन टीमों में कन्नौद, सतवास और खातेगांव के थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस की अलग-अलग टीमें संदिग्ध वाहन की तलाश में जुटी थीं। संभावित रास्तों पर निगरानी रखी जा रही थी और वाहन को रोकने के लिए नाकाबंदी भी की गई थी। इसी कार्रवाई के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी अपनी टीम के साथ तस्करी में इस्तेमाल हो रहे आयशर वाहन तक पहुंचे।

पानी पीने के लिए रुका था आयशर चालक, पकड़ने पहुंचे थे TI

बताया जा रहा है कि हरदा-नेमावर हाईवे पर आयशर चालक कुछ देर के लिए पानी पीने के लिए रुका था। इसी दौरान पुलिस टीम को वाहन के बारे में जानकारी मिली। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी मौके पर पहुंचे और चालक को वाहन से नीचे उतरने के लिए कहा। इसी दौरान चालक और थाना प्रभारी के बीच झूमाझटकी शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक, चालक ने पकड़े जाने से बचने के लिए आयशर वाहन को तेजी से भगाने की कोशिश की। इसी दौरान वाहन ने दिलीप पुरी को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वे सड़क पर गिर पड़े और आयशर का पिछला पहिया उनके शरीर के ऊपर से निकल गया। हादसे में थाना प्रभारी को गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया।

ADVERTISEMENT

अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

हादसे के तुरंत बाद पुलिस जवान घायल दिलीप पुरी को नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए इलाज शुरू किया, लेकिन चोटें बेहद गंभीर थीं। तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। रात करीब 1:30 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। थाना प्रभारी की मौत की खबर मिलते ही पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में शोक फैल गया। जिस अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई कर रही थी, उसी अधिकारी की इस अभियान के दौरान जान चली गई।

रात 3:30 बजे घटनास्थल पहुंचे SP आदित्य मिश्रा

घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई। देवास के नवागत पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा रात करीब 3:30 बजे घटनास्थल और खातेगांव पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और पुलिसकर्मियों से पूरे घटनाक्रम के संबंध में चर्चा की। इसके बाद मामले की जांच और शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। दूसरी ओर, थाना प्रभारी के परिजनों को भी घटना की सूचना दी गई। खबर मिलते ही परिवार के लोग खातेगांव पहुंचे। परिवार के पहुंचने के बाद माहौल गमगीन हो गया।

पैतृक गांव बरमंडल में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

थाना प्रभारी दिलीप पुरी मूल रूप से मध्यप्रदेश के धार जिले की सरदारपुर तहसील के बरमंडल गांव के रहने वाले थे। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी किसान होने के साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी हैं। बेटे की मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद रिश्तेदार और परिचित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। दिलीप पुरी का परिवार फिलहाल इंदौर में रह रहा था। उनके छोटे भाई भी इंदौर में निजी नौकरी करते हैं। पुलिस अधिकारी दिलीप पुरी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बरमंडल में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

2007 में उप निरीक्षक के पद से शुरू किया था सफर

दिलीप पुरी का पुलिस सेवा में लंबा अनुभव रहा था। उन्होंने वर्ष 2007 में उप निरीक्षक (SI) के पद से पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई थानों में जिम्मेदारी संभाली। TI बनने के बाद वे इंदौर के हीरानगर और चंदन नगर थानों में भी पदस्थ रहे। इसके बाद उनका तबादला देवास जिले में हुआ। वे पहले सतवास थाने में पदस्थ थे। करीब दो महीने पहले ही उन्हें खातेगांव थाने का प्रभारी बनाया गया था। खातेगांव के तत्कालीन थाना प्रभारी विजय लोधी का तबादला देवास के सिविल लाइन थाने में होने के बाद दिलीप पुरी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इससे पहले वे बड़वानी जिले से स्थानांतरित होकर देवास आए थे।

शराब से भरा आयशर वाहन जब्त, चालक गिरफ्तार

घटना के बाद पुलिस ने शराब से भरे आयशर वाहन को जब्त कर लिया है। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर MP 43 H 4786 बताया गया है। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शराब तस्करी के मामले में हरदा के राहुल नाम के व्यक्ति का नाम सामने आया है। इसके अलावा देवास के कुछ लोगों के भी इस तस्करी नेटवर्क में शामिल होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की खेप किसके कहने पर भेजी जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।

खरगोन में रजिस्टर्ड है आयशर वाहन

जांच में सामने आया है कि जिस आयशर वाहन से थाना प्रभारी की जान गई, वह खरगोन जिले में अकील कुरैली के नाम से रजिस्टर्ड है।वाहन पर ‘एच. सुरूर’ लिखा हुआ बताया जा रहा है। इसे खरगोन के बस और ट्रांसपोर्ट कारोबारी हबीब सुरूर से जुड़ा बताया गया है। जानकारी के मुताबिक, हबीब सुरूर का निधन हो चुका है और अब उनका बेटा बसों तथा ट्रांसपोर्ट का कारोबार संभालता है। खरगोन थाना प्रभारी बनवारी मंडलोई ने बताया कि संबंधित वाहन मालिक और चालक के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस टीम रवाना की गई थी। फिलहाल पुलिस वाहन के स्वामित्व, उसके इस्तेमाल और शराब तस्करी में शामिल लोगों के संबंध में जांच कर रही है।

टिमरनी से लाई जा रही थी शराब, कुछ लोग हिरासत में

सूत्रों के अनुसार, आयशर वाहन में भरी अवैध शराब हरदा जिले के टिमरनी क्षेत्र से लाई जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने रात के दौरान टिमरनी से कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। इन लोगों से पूछताछ कर शराब की खेप के स्रोत और तस्करी के पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि शराब कहां से खरीदी गई थी, इसे किन रास्तों से ले जाया जा रहा था और इस अवैध कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

TI की मौत के बाद शराब तस्करी नेटवर्क की जांच तेज

खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के बाद देवास पुलिस के सामने अब अवैध शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की चुनौती है। पुलिस ने वाहन जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है और कुछ अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध शराब तस्करी के कारोबार और इसे रोकने के दौरान पुलिसकर्मियों के सामने आने वाले जोखिमों को सामने ला दिया है। एक पुलिस अधिकारी की ड्यूटी के दौरान हुई मौत ने पूरे पुलिस महकमे को शोक में डाल दिया है। अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस इस तस्करी के पीछे शामिल लोगों की पहचान करना और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ना है।

Web Stories
 
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम