नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल की आगामी फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ को रिलीज से पहले बड़ी कानूनी राहत मिली है। फिल्म के ट्रेलर में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा दिखाए जाने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई थी। याचिका में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, अदालत ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। हाई कोर्ट के इस फैसले से फिल्म के निर्माताओं को बड़ी राहत मिली है। अब इस याचिका के आधार पर फिल्म की सिनेमाघरों में रिलीज पर कोई रोक नहीं रहेगी। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के सामने रखने की छूट दी है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने PIL खारिज कर क्या कहा?
फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म की रिलीज रोकने की मांग स्वीकार नहीं की। अदालत ने कहा कि उसके सामने ऐसा कोई पर्याप्त आधार नहीं है, जिसके आधार पर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का आदेश जारी किया जाए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत और आपत्तियां CBFC के समक्ष रखने की अनुमति दी है। यानी फिल्म के कंटेंट को लेकर यदि किसी को आपत्ति है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत फिल्म प्रमाणन बोर्ड से संपर्क कर सकता है। इस फैसले के बाद फिल्म के निर्माताओं को फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है।
फिल्म के ट्रेलर में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा दिखाने पर हुआ विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत फिल्म के आधिकारिक ट्रेलर के सामने आने के बाद हुई थी। ट्रेलर में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ शारीरिक हिंसा से जुड़े दृश्य दिखाए गए हैं। इन्हीं दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि डॉक्टरों की सुरक्षा देश में एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है। अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट तथा हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। ऐसे माहौल में किसी फिल्म के ट्रेलर में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा दिखाना समाज में गलत संदेश दे सकता है। इसी आधार पर फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता को CBFC जाने की मिली छूट
दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार जरूर किया, लेकिन याचिकाकर्ता की शिकायतों के लिए कानूनी रास्ता खुला रखा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता अपनी सभी आपत्तियां केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC के सामने रख सकता है। CBFC फिल्म के प्रमाणन से जुड़े नियमों के तहत शिकायत पर विचार कर सकता है और अपने अधिकार क्षेत्र में उचित फैसला ले सकता है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल अदालत ने फिल्म के प्रदर्शन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन फिल्म की सामग्री को लेकर प्रमाणन बोर्ड के सामने शिकायत करने का विकल्प मौजूद है।
मेकर्स के लिए बड़ी राहत, रिलीज का रास्ता हुआ साफ
फिल्म रिलीज होने से पहले कानूनी विवाद में फंसने से निर्माताओं की चिंता बढ़ गई थी। यदि अदालत फिल्म पर रोक लगा देती, तो इसका सीधा असर इसके प्रदर्शन और रिलीज की योजनाओं पर पड़ सकता था। लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले ने फिलहाल इस कानूनी अड़चन को दूर कर दिया है। अब फिल्म के निर्माता रिलीज से जुड़ी अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, CBFC की प्रमाणन प्रक्रिया और अन्य जरूरी मंजूरियां अपनी जगह महत्वपूर्ण रहेंगी।
कुल मिलाकर, दिल्ली हाई कोर्ट से मिली राहत के बाद ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को झटका लगा है। अब देखना होगा कि फिल्म को लेकर CBFC के सामने कोई नई शिकायत आती है या नहीं और दर्शकों के बीच यह फिल्म कैसी प्रतिक्रिया हासिल करती है।