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गाजन उत्सव को लेकर जलपाईगुड़ी की गलियों में घूम रहे देवी-देवता, चैत्र मास के अंत में होगी चरक पूजा

जलपाईगुड़ी। “गाजन” उत्सव पश्चिम बंगाल, भारत और बांग्लादेश में मनाया जाने वाला एक हिंदू धार्मिक लोक पर्व है। इस पर्व में शिव, नील, मनसा और धर्म के देवता की पूजा की जाती है। जलपाईगुड़ी में गजान उत्सव को “गमीरा” के. . .

जलपाईगुड़ी। “गाजन” उत्सव पश्चिम बंगाल, भारत और बांग्लादेश में मनाया जाने वाला एक हिंदू धार्मिक लोक पर्व है। इस पर्व में शिव, नील, मनसा और धर्म के देवता की पूजा की जाती है। जलपाईगुड़ी में गजान उत्सव को “गमीरा” के नाम से भी जाना जाता है। चैत्र माह के अंतिम सप्ताह के दौरान, पूरे जिले में भिक्षुओं या शिव भक्तों द्वारा शिव गजन आयोजित किए जाते हैं। लोग अलग-अलग देवी-देवताओं के रूप में सज कर घर-घर चंदा इकट्ठा करने जाते हैं और इस त्योहार को मनाते हैं।
चैत्र मास के अंत में “चड़क पूजा” आयोजित की जाती है। और इसलिए भक्तों की पुकार के अनुसार शिव व दुर्गा अपने पूरे परिवार के साथ भक्तों के घर घर में प्रकट हुए। ऐसी ही तस्वीर हर रोज देखने को मिल रही है। जीवंत देवी-देवताओं के वेश में गृहस्थ के घर पूजा के लिए पहुंचते हैं। और चंदा इकट्ठा कर रहे हैं। क्रांति के चौरंगी निवासी श्रीजन दास ने कहा कि पिछले 40 साल से हम चैत्र मास के अंत में चरक पूजा करते आ रहे हैं। और इस चाडक पूजा के आसपास हर साल हम अलग-अलग रूपों में गाँव-गाँव जाते हैं और फिर हम चैत्र मास के अंतिम दिन “चड़क” मेले का आयोजन करते हैं। और वह मेला किसी धर्म विशेष का नहीं है। फिर सभी धर्मों के लोग आए। कुल मिलाकर जलपाईगुड़ी जिले में शिव भक्त गजानन पर्व का लुत्फ उठा रहे हैं।

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