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झारखंड की राजनीति में उबाल : ईडी के सामने नहीं हाजिर हुए सीएम सोरेन, जाएंगे छत्तीसगढ़ : सहयोगी बोले- मुख्यमंत्री कोई खिलौना नहीं

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रांची। झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी के समन के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ईडी ने सुबह साढ़े 11 बजे मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खनन मामले में पूछताछ के लिए सीएम को बुलाया था, लेकिन वो पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे। इधर सीएम से सवाल-जबाव को लेकर ईडी ऑफिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इधर कल रात हुई विधायक दल की बैठक के बाद यह साफ हो गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं होंगे। बैठक में शामिल कई विधायक और मंत्रियों ने इसे सरकार को अस्थिर करने की साजिश बताया।
बाहर निकल कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री कोई खिलौना नहीं हैं। हम कानूनी सलाह ले रहे हैं कि इस पर क्या करना है। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार आज मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ जाएंगे, जहां वो रायपुर में हो रहे आदिवासी नृत्य महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।
सरकार को अस्थिर करने की साजिश
कल शाम सत्तापक्ष के विधायकों की मुख्यमंत्री आवास में बैठक देर रात तक चली। बैठक की अध्यक्षता मुख्यंत्री हेमंत सोरेन ने की और सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठक के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, बन्ना गुप्ता सहित कई नेताओं ने पूरे घटनाक्रम को भाजपा की साजिश करार दिया। जांच एजेंसियों के दुरुपयोग की बात कही।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कल साहिबगंज में कहा, विपक्ष के अनुरोध पर ईडी इस मामले की जांच कर रही है। बैठक से बाहर आकर बन्ना गुप्ता ने कहा, हम सभी एकजुट हैं और जनता की अदालत में जाएंगे. प्रदेश सरकार को अस्थिर करने की साजिश का पर्दाफाश करेंगे।
विधायकों ने दिखाई एकजुटता
नेताओं ने एक स्वर में कहा, सरकार को अस्थिर करने में जुटे राज्यपाल और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का रायपुर जाने का कार्यक्रम पूर्व से ही निर्धारित है और वे वहां जाएंगे ही। जहां तक ईडी के समन की बात है तो सीएम की ओर से इस संदर्भ में संवाद किया जाएगा।
5 नवंबर से जन आंदोलन शुरू होगा
मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में फैसला लिया गया कि पांच नवंबर से आंदोलन शुरू होगा। इस बैठक से पहले पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने भी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यही कहा कि पार्टी अपने पुराने रंग में आएगी और आंदोलन करेगी। बैठक के बाद भी नेताओं ने इस पर जोर दिया कि राज्यपाल रमेश बैस और सरकार को अस्थिर करने में जुटी केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन की शुरुआत होगी। सत्ताधारी गठबंधन के सभी दल आंदोलन में भाग लेंगे और हर जिला मुख्यालय में यह आंदोलन होगा।
जनता के बीच जाएंगे
स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा- कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर राज्यपाल की साजिश का पर्दाफाश करेंगे। भाजपा अगर लड़ना चाहती है तो सीधे लड़े, अगर राज्यपाल भी सरकार को बर्खास्त करना चाहते हैं तो सीधे कर दें। भाजपा पीठ में छुरा घोंपना चाहती है।
इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, राज्यपाल छत्तीसगढ़ में कहते हैं झारखंड में एटम बम फटेगा। इसका जवाब उन्हें इसी राज्य में मिलेगा। ईडी को भी एक बार पूछ लेना चाहिए था कि मुख्यमंत्री कब समय दे सकते हैं।


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