मोबाइल बैटरियों में धमाकों के बाद तेजी से फैली आग, संकरी गलियों के कारण राहत कार्य में आई बाधा; फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के करोल बाग स्थित मशहूर गफ्फार मार्केट में देर रात भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग करीब रात 1 बजे के बाद एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी और देखते ही देखते कई दुकानों तक फैल गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की लगभग 25 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों को आग बुझाने के दौरान काफी मशक्कत करनी पड़ी। राहत की बात यह रही कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस अग्निकांड में किसी की जान जाने या घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, दुकानों में रखे सामान और व्यावसायिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
रात 1:28 बजे मिली आग लगने की सूचना
जानकारी के अनुसार, करोल बाग की गफ्फार मार्केट स्थित चेन वाली गली में देर रात आग लगने की घटना सामने आई। पुलिस को रात करीब 1 बजकर 28 मिनट पर पीसीआर कॉल के माध्यम से आग की सूचना मिली। आग पुरी प्लाजा की दुकान संख्या 13/21 में लगी थी। यहां मोबाइल एक्सेसरीज का कारोबार होता है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर रखी मोबाइल बैटरियों में आग लगी, जिसने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें धीरे-धीरे इमारत की ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गईं। चार मंजिला व्यावसायिक परिसर में मोबाइल एक्सेसरीज और क्रॉकरी की दुकानें मौजूद थीं। दुकानों में बड़ी मात्रा में सामान रखे होने के कारण आग पर नियंत्रण पाना चुनौतीपूर्ण हो गया।
मोबाइल बैटरियों में धमाकों से बढ़ी मुश्किल
प्रत्यक्ष घटनाक्रम से जुड़ी शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में आग सीमित दिखाई दे रही थी, लेकिन कुछ समय बाद इमारत में रखी बैटरियों में धमाके होने लगे। इससे आग बुझाने के अभियान में अतिरिक्त कठिनाई पैदा हुई। मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज के स्टॉक में मौजूद बैटरियों के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका जताई गई है। हालांकि, बैटरियों में आग लगने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। प्राथमिक तौर पर बैटरियों के गर्म होने या ओवरचार्जिंग को संभावित कारण माना जा रहा है। इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
संकरी गलियों ने बढ़ाई दमकल कर्मियों की परेशानी
इस अग्निकांड में दमकल विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल तक पहुंचने की थी। गफ्फार मार्केट की संबंधित गली काफी संकरी होने के कारण बड़ी दमकल गाड़ियों को इमारत के नजदीक ले जाना संभव नहीं हो पाया। ऐसी स्थिति में दमकल कर्मियों को छोटे पाइपों की मदद से इमारत के भीतर पानी पहुंचाना पड़ा। सीमित जगह, इमारत के अंदर जमा गर्मी और लगातार निकलते धुएं ने राहत एवं बचाव कार्य को और मुश्किल बना दिया।आग बुझाने के लिए लगभग 25 दमकल गाड़ियों को लगाया गया। इसके अलावा मौके पर तीन कैट एंबुलेंस और दो पुलिस पीसीआर वाहन भी तैनात किए गए, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर ने बताई इमारत की स्थिति
घटनास्थल पर मौजूद डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर एम.के. चट्टोपाध्याय ने बताया कि आग पर नियंत्रण के प्रयासों के बावजूद इमारत से धुआं निकल रहा था। उन्होंने इमारत की बनावट और वेंटिलेशन की कमी को राहत कार्य में बड़ी चुनौती बताया। उनके अनुसार, भवन में हवा के आवागमन की उचित व्यवस्था नहीं है। पूरी इमारत में केवल एक सीढ़ी है और प्रत्येक मंजिल पर लगभग 14 से 15 दुकानें बनी हुई हैं। ऐसे में अंदर जमा धुएं और अत्यधिक गर्मी के बीच दमकल कर्मियों को काम करना पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि पुलिस और दमकल विभाग को रात करीब 1:30 बजे आग की सूचना मिली थी। इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और उसके ऊपर तीन मंजिलें हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, आग ग्राउंड फ्लोर की एक या दो दुकानों से शुरू होकर ऊपर की मंजिलों तक पहुंची। फायर अधिकारी ने यह भी बताया कि बेसमेंट सुरक्षित था और उस समय तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली थी। आग बुझाने के बाद इमारत में तलाशी अभियान चलाने की योजना थी।
आग पर काबू, लेकिन इमारत से निकलता रहा धुआं
दमकल विभाग की लगातार कोशिशों के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, इमारत के अंदर मौजूद गर्मी और धुएं के कारण कूलिंग तथा सर्च ऑपरेशन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दमकल कर्मियों को यह सुनिश्चित करना था कि दुकानों और भवन के अलग-अलग हिस्सों में आग दोबारा न भड़के। बैटरियों और इलेक्ट्रॉनिक सामान की मौजूदगी के कारण अंदरूनी हिस्सों की जांच भी जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इलाके में कानून-व्यवस्था सामान्य है और किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
आग की वजह जानने के लिए कई स्तरों पर होगी जांच
इस घटना के बाद संबंधित विभागों ने आग लगने के कारणों और इमारत की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की तैयारी की है। जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
- फायर विभाग: आग लगने के वास्तविक कारण और आग फैलने की परिस्थितियों की जांच करेगा।
- इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर: बिजली के तारों, शॉर्ट सर्किट और बैटरियों से जुड़े संभावित तकनीकी कारणों की पड़ताल करेगा।
- एफएसएल टीम: इमारत में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों और घटनास्थल से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच करेगी।
- एमसीडी: भवन की संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा मानकों के अनुपालन का आकलन करेगी।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि व्यावसायिक इमारत में अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास और वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं।
दुकानदारों को नुकसान, जांच रिपोर्ट का इंतजार
गफ्फार मार्केट दिल्ली का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और विभिन्न प्रकार की एक्सेसरीज की बड़ी संख्या में दुकानें हैं। ऐसे में इस आग की घटना से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। हालांकि, नुकसान का वास्तविक आकलन आग पूरी तरह बुझने और इमारत का निरीक्षण पूरा होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि शुरुआती रिपोर्ट में किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। अब पुलिस, दमकल विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की जांच से यह स्पष्ट होगा कि आग किस वजह से लगी और क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में कोई कमी थी।