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भारतीय मूल के रंजीव पुरी ने अमेरिका में रचा इतिहास, बने मिशिगन हाउस के पहले भारतीय-अमेरिकी स्पीकर; ओबामा के चुनाव अभियान में भी कर चुके हैं काम

अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की राजनीतिक भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। इसी कड़ी में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पंजाबी मूल के रंजीव पुरी को मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का नया स्पीकर. . .

अमेरिका की राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय को मिली बड़ी कामयाबी, 42 वर्षीय डेमोक्रेटिक नेता रंजीव पुरी को मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का अध्यक्ष चुना गया; पंजाबी मूल के माता-पिता के संघर्ष को याद कर हुए भावुक

वाशिंगटन। अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की राजनीतिक भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। इसी कड़ी में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पंजाबी मूल के रंजीव पुरी को मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का नया स्पीकर चुना गया है। इस पद पर पहुंचने वाले वह पहले भारतीय-अमेरिकी नेता बताए जा रहे हैं। 42 वर्षीय डेमोक्रेटिक नेता की इस नियुक्ति को अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रंजीव पुरी इससे पहले भी मिशिगन की राजनीति में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। इसके अलावा वह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के 2008 और 2012 के चुनाव अभियानों में भी काम कर चुके हैं। स्पीकर चुने जाने के बाद पुरी ने इसे अपने राजनीतिक जीवन का बेहद सम्मानजनक अवसर बताया और अपने सहयोगियों का आभार जताया।

मिशिगन हाउस के स्पीकर चुने जाने पर जताया आभार

गुरुवार को अपने साथी विधायकों द्वारा स्पीकर चुने जाने के बाद रंजीव पुरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए उनका चयन होना उनके लिए बड़े सम्मान की बात है। उन्होंने अपने सहयोगियों का विश्वास जताने के लिए धन्यवाद भी दिया। पुरी ने आगे कहा कि वह नई जिम्मेदारी संभालने और जनता के लिए काम शुरू करने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने मिशिगन के नवनिर्वाचित राजनीतिक नेतृत्व के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जाहिर की। इनमें नवनिर्वाचित सीनेट मेजॉरिटी लीडर डैरिन कैमिलेरी और गवर्नर जोसलिन बेन्सन शामिल हैं। उनका कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा।

पंजाबी मूल के माता-पिता के संघर्ष को किया याद

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद रंजीव पुरी ने अपने माता-पिता के संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता पंजाबी मूल के अप्रवासी थे और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर अमेरिका आए थे। पुरी ने भावुक होते हुए कहा कि जब उनके माता-पिता ने अमेरिका में नई जिंदगी शुरू की थी, तब उन्होंने शायद कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि उनका बेटा एक दिन मिशिगन हाउस का नेतृत्व करेगा। उन्होंने इस उपलब्धि को अमेरिकी लोकतंत्र और अवसरों की भावना से जोड़ते हुए कहा कि यही अमेरिका का वास्तविक वादा है, जहां मेहनत और लगन से व्यक्ति बड़ी जिम्मेदारियों तक पहुंच सकता है।उनकी यह टिप्पणी भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि अमेरिका में प्रवासी परिवारों की अगली पीढ़ी राजनीति और सार्वजनिक जीवन में अपनी पहचान बना रही है।

बराक ओबामा के चुनाव अभियान में भी निभा चुके हैं अहम भूमिका

रंजीव पुरी का राजनीतिक अनुभव काफी पुराना है। उन्होंने वर्ष 2008 और 2012 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के चुनाव अभियानों में काम किया था। इन अभियानों के दौरान उन्हें अमेरिकी चुनावी राजनीति, संगठन निर्माण और जनसंपर्क से जुड़े कामों का अनुभव मिला। राजनीतिक अनुभव हासिल करने के बाद पुरी ने यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वह मिशिगन लौटे और ऑटोमोटिव उद्योग में काम किया। राजनीति और कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम करने के अनुभव ने उनके सार्वजनिक जीवन को नई दिशा दी।

तीसरे कार्यकाल में डेमोक्रेटिक कॉकस के नेता बने थे पुरी

मिशिगन की राजनीति में रंजीव पुरी की पहचान एक सक्रिय और अनुभवी नेता के रूप में रही है। स्टेट हाउस में अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान उन्हें 110 सदस्यीय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेटिक कॉकस का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई थी। यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली थी, जब सदन में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण था। ऐसे राजनीतिक माहौल में डेमोक्रेटिक विधायकों के बीच समन्वय बनाना और उनकी रणनीति को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण चुनौती थी। अब स्पीकर के रूप में उनका चयन उनके राजनीतिक सफर का एक और बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं और आवास की लागत कम करना रही है प्राथमिकता

रंजीव पुरी की नियुक्ति पर इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने भी उन्हें बधाई दी है। पटेल ने कहा कि पुरी ने आम लोगों की आर्थिक परेशानियों को कम करने से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम किया है। इनमें स्वास्थ्य सेवाओं और आवास की बढ़ती लागत प्रमुख हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुरी अपनी नई जिम्मेदारी के जरिए दक्षिण एशियाई समुदाय सहित मिशिगन के सभी नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रतिनिधियों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से स्थानीय राजनीति में प्रवासी समुदायों की आवाज को और मजबूती मिल सकती है।

अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकियों का बढ़ता प्रभाव

रंजीव पुरी का मिशिगन हाउस का स्पीकर चुना जाना भारतीय मूल के अमेरिकियों की राजनीतिक उपलब्धियों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण घटना है। अमेरिका में भारतीय मूल के कई लोग राजनीति, प्रशासन, कारोबार, शिक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे हैं। अब पुरी की नियुक्ति से मिशिगन की राजनीति में भी भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधित्व को नई पहचान मिली है। उनकी पृष्ठभूमि भी खास है। पंजाबी मूल के अप्रवासी परिवार से निकलकर अमेरिकी राजनीति के एक महत्वपूर्ण पद तक पहुंचना उनकी व्यक्तिगत मेहनत और राजनीतिक यात्रा को दर्शाता है।

अब नई जिम्मेदारी में होंगी रंजीव पुरी की बड़ी चुनौतियां

स्पीकर बनने के बाद रंजीव पुरी के सामने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। उन्हें सदन की कार्यवाही का संचालन करने के साथ विधायी प्राथमिकताओं और राजनीतिक सहमति बनाने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभानी होगी। स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती बनाना, आवास की लागत कम करना और आम नागरिकों की आर्थिक चुनौतियों का समाधान उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है। इसके अलावा विभिन्न समुदायों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी उनसे प्रभावी भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है। कुल मिलाकर, रंजीव पुरी का मिशिगन हाउस का स्पीकर चुना जाना भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व का अवसर है। पंजाबी अप्रवासी परिवार से निकलकर अमेरिका की राजनीति में इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंचना उनकी यात्रा को खास बनाता है। अब सबकी नजरें इस बात पर रहेंगी कि वह अपनी नई भूमिका में मिशिगन के नागरिकों के लिए किस तरह काम करते हैं।

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