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दिवालिया कंपनी पर ED का बड़ा एक्शन, कोलकाता-दिल्ली-बेंगलुरु समेत 17 ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को कोलकाता की इंजीनियरिंग कंपनी मैकनेली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (MBECL) और उससे जुड़े लोगों व संस्थाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की. . .

FEMA जांच के तहत चला तलाशी अभियान

कोलकाता : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को कोलकाता की इंजीनियरिंग कंपनी मैकनेली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (MBECL) और उससे जुड़े लोगों व संस्थाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत चलाए गए इस अभियान में कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु समेत करीब 17 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली गई। ED अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई कंपनी के अधिग्रहण, विदेशी फंडिंग और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई।

दिवालिया प्रक्रिया और अधिग्रहण की जांच

MBECL हाल ही में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के माध्यम से कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजरी थी। इस प्रक्रिया के तहत BTL EPC कंपनी की समाधान योजना को मंजूरी दी गई। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कंपनी का नियंत्रण हासिल करने के लिए इस्तेमाल किए गए धन का स्रोत क्या था और रकम का लेनदेन किन माध्यमों से हुआ। ED यह भी जांच कर रही है कि कहीं दिवाला समाधान प्रक्रिया का इस्तेमाल उन लोगों को कंपनी का नियंत्रण अप्रत्यक्ष रूप से वापस दिलाने के लिए तो नहीं किया गया, जो दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (IBC), 2016 की धारा 29A के तहत कंपनी के अधिग्रहण के लिए अयोग्य हो सकते थे।

कोलकाता में कारोबारियों के घर और दफ्तरों पर तलाशी

कोलकाता में ED की टीमों ने अलीपुर, न्यू अलीपुर और बालीगंज सहित कई इलाकों में तलाशी ली। अधिकारियों ने कारोबारियों के घरों और कार्यालयों में पहुंचकर बैंक खातों, कारोबारी लेनदेन, विदेशी मुद्रा से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की। अलीपुर में एक कारोबारी के आवास पर बुधवार सुबह तलाशी शुरू हुई। इसके अलावा बालीगंज में भी इसी मामले से जुड़े परिसरों की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी।

विदेशी मुद्रा लेनदेन में गड़बड़ी का आरोप

ED सूत्रों के अनुसार, जांच का एक प्रमुख पहलू विदेशी मुद्रा विनिमय के नाम पर कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि विदेशी फंडिंग और अन्य वित्तीय लेनदेन में नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर कथित मनी ट्रेल की जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग और संस्थाएं कौन हैं।

चिटफंड मामलों से भी जुड़े कुछ ठिकाने

ED ने हाल के दिनों में कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में चिटफंड तथा कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की है। कुछ दिन पहले नारकेलडांगा, नेताजीनगर और रवींद्र सरोवर सहित कम से कम छह ठिकानों पर तलाशी ली गई थी। इस कार्रवाई के दौरान नारकेलडांगा में कारोबारी अब्दुर जब्बार मोल्ला के आवास की भी तलाशी ली गई थी। एजेंसी को संदेह है कि चिटफंड योजनाओं के माध्यम से जुटाई गई रकम को कारोबार, रियल एस्टेट या निर्माण क्षेत्र में लगाया गया हो सकता है।

अमृत ग्रुप और APM चिटफंड की जांच

ED के अनुसार, मृत ग्रुप और APM चिटफंड से जुड़े मामलों की भी जांच चल रही है। एजेंसी का आरोप है कि निवेशकों को अधिक मुनाफे का लालच देकर करीब 131.86 करोड़ रुपये जुटाए गए। इनमें से लगभग 71.04 करोड़ रुपये निवेशकों को वापस नहीं किए जाने का आरोप है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम कहां और किन लोगों के माध्यम से स्थानांतरित की गई।

75 करोड़ रुपये की संपत्ति और नकदी जब्त करने का दावा

ED ने हालिया तलाशी अभियान के दौरान करीब:

  • 75 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज।
  • 1 करोड़ रुपये नकद
  • 4,800 अमेरिकी डॉलर
  • करीब 20 करोड़ रुपये के कथित बेनामी निवेश से जुड़े कागजात।

बरामद करने का दावा किया है। एजेंसी के मुताबिक, जब्त दस्तावेजों की जांच के बाद संपत्तियों और लेनदेन की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट होगी।

श्रेई ग्रुप के खिलाफ भी कार्रवाई

वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक अन्य मामले में ED ने श्रेई ग्रुप के खिलाफ भी कार्रवाई की थी। एजेंसी के अनुसार, 11 सितंबर को की गई तलाशी के दौरान विभिन्न ठिकानों से नकदी और कीमती सामान समेत करीब 35 लाख रुपये बरामद किए गए। इसके अलावा अलग-अलग बैंक खातों में जमा लगभग 1.50 करोड़ रुपये और एक अन्य कंपनी में रखे करीब 2.90 करोड़ रुपये को फ्रीज किए जाने की जानकारी दी गई है।

सोना और आभूषण भी बरामद

जांच एजेंसी ने तलाशी के दौरान करीब 1.95 लाख रुपये मूल्य का सोना और आभूषण बरामद किए जाने का भी दावा किया है। ED अब इन वस्तुओं, बैंक खातों और बरामद दस्तावेजों के आधार पर कथित अवैध धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल की जांच कर रही है।

आगे की जांच जारी

ED अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल व वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच का उद्देश्य विदेशी मुद्रा नियमों के कथित उल्लंघन, मनी लॉन्ड्रिंग, चिटफंड से जुटाई गई रकम और दिवाला प्रक्रिया के संभावित दुरुपयोग के बीच संबंधों का पता लगाना है। फिलहाल मामले में जिन संस्थाओं और व्यक्तियों के परिसरों पर तलाशी ली गई है, उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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