कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सितंबर के आखिरी दिनों में एक बार फिर बारिश का दौर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और इसका असर राज्य के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के रूप में दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम 23 सितंबर की रात उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के बीच से गुजर सकता है। मौसम विभाग ने गांगेय पश्चिम बंगाल में 23 सितंबर को भारी बारिश, 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 25 सितंबर को फिर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ आंधी, बिजली चमकने और तेज झोंकों वाली हवाओं की भी संभावना जताई गई है।
कोलकाता में आज कैसा रहेगा मौसम?
कोलकाता और आसपास के इलाकों में बुधवार को बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार 22 सितंबर को कोलकाता-अलीपुर में 8 मिमी और दमदम में 29.3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी बारिश के दौरान शहर के निचले इलाकों में पानी जमा होने से यातायात पर असर पड़ सकता है। खासकर सुबह और शाम के समय सड़क पर निकलने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के लिए तैयार रहना होगा।
दक्षिण बंगाल में अगले 48 घंटे अहम
डीप डिप्रेशन के प्रभाव से दक्षिण बंगाल में मौसम की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 23 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 24 सितंबर को बारिश की तीव्रता और बढ़ने का अनुमान है। 25 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। इसलिए खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
समुद्र के ऊपर बना सिस्टम अब किस दिशा में बढ़ रहा है?
IMD के मुताबिक 22 सितंबर की शाम तक यह सिस्टम पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन के रूप में मौजूद था। यह करीब 7 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ा और इसके 23 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के आसपास से तट पार करने की संभावना जताई गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्तमान स्थिति में इसे चक्रवात नहीं, बल्कि Deep Depression के रूप में ही वर्गीकृत किया गया है।
उत्तर बंगाल में भी बारिश का असर
बारिश का असर केवल दक्षिण बंगाल तक सीमित नहीं रहेगा। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए भी 23 और 24 सितंबर को भारी बारिश तथा 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी रास्तों से यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
समुद्र जाने वालों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
डीप डिप्रेशन के प्रभाव से समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना है। IMD के समुद्री बुलेटिन में उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति मध्यम से खराब और कभी-कभी बहुत खराब रहने की संभावना बताई गई है। दक्षिण ओडिशा तट के लिए समुद्र की स्थिति और अधिक खराब रहने का अनुमान है। ऐसे में मछुआरों और छोटी नौकाओं को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।
26 सितंबर के बाद मिल सकती है राहत
मौसम विभाग के 23 सितंबर के चेतावनी अपडेट में गांगेय पश्चिम बंगाल के लिए 26 सितंबर को कोई विशेष भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है। हालांकि गरज-चमक जैसी स्थानीय मौसमी गतिविधियां संभव हैं। फिलहाल 23 से 25 सितंबर के बीच पश्चिम बंगाल के मौसम पर खास नजर रखने की जरूरत है। भारी बारिश या बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में रहने और समुद्र के करीब जाने से बचना सुरक्षित रहेगा।
पूजा से पहले मौसम का यह दौर क्यों अहम?
पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा की तैयारियां शुरू होने के साथ बाजारों और सड़कों पर गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों की बारिश का असर स्थानीय आवाजाही और खुले में होने वाली तैयारियों पर पड़ सकता है। हालांकि मौसम की स्थिति जिले और समय के अनुसार बदल सकती है, इसलिए बाहर निकलने से पहले स्थानीय IMD अपडेट और प्रशासन की चेतावनी देखना सबसे उपयोगी रहेगा।