मुंबई: पश्चिम बंगाल में बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने की कोशिशों के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी से मुलाकात की। मुंबई स्थित अंबानी परिवार के आवास एंटीलिया में हुई इस बैठक को राज्य में निवेश बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल में रिलायंस समूह की मौजूदा गतिविधियों के विस्तार के साथ-साथ नए निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, आईटी और बायोगैस जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश पर बातचीत हुई है।
मुंबई पहुंचते ही एंटीलिया पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सोमवार को मुंबई पहुंचे और एयरपोर्ट से सीधे मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी से हुई। बैठक की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें मुख्यमंत्री अंबानी परिवार के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अंबानी परिवार को कालीघाट की मां काली की एक विशेष प्रतिमा भी भेंट की।
किन क्षेत्रों में निवेश पर हुई चर्चा?
बैठक में पश्चिम बंगाल में रिलायंस के कारोबार को और विस्तार देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सामने आई जानकारी के मुताबिक, बातचीत में कई प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे।
- डेटा सेंटर
- सेमीकंडक्टर
- आईटी और टेक्नोलॉजी
- बायोगैस
- रिलायंस के मौजूदा कारोबार का विस्तार
- संभावित वाइल्डलाइफ परियोजना
इन क्षेत्रों में संभावित निवेश को लेकर बातचीत हुई है, हालांकि अभी किसी नई परियोजना के लिए निवेश की अंतिम राशि या विस्तृत समयसीमा की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने बताया, बैठक में क्या हुई बातचीत?
मुकेश अंबानी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल में उद्योगों के विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ऐसे दूरदर्शी निवेश का स्वागत करने के लिए तैयार है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें और राज्य की अर्थव्यवस्था को लंबे समय में मजबूती मिले। उन्होंने अंबानी परिवार के आवास पर भगवान गणेश के सामने प्रार्थना करने और मां काली का स्मारक भेंट करने का भी जिक्र किया।
सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर पर पहले भी हुई है चर्चा
रिलायंस की ओर से पश्चिम बंगाल में सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर से जुड़े निवेश की संभावनाओं की चर्चा पहले भी सामने आ चुकी है। मुख्यमंत्री ने इससे पहले दावा किया था कि अनंत अंबानी ने बंगाल में निवेश को लेकर रुचि दिखाई है। न्यू टाउन स्थित बंगाल सिलिकॉन वैली हब में डेटा सेंटर से जुड़ी परियोजना के लिए रिलायंस को जमीन आवंटित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में एंटीलिया में हुई ताजा बैठक को राज्य में रिलायंस की कारोबारी मौजूदगी को और बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
बंगाल में वाइल्डलाइफ परियोजना की भी संभावना
बैठक के दौरान रिलायंस की वाइल्डलाइफ से जुड़ी परियोजना की संभावना पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, बंगाल में रिलायंस की ‘वंतारा’ जैसी किसी परियोजना की संभावना तलाशे जाने पर बातचीत हुई। राज्य में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर पहले से योजनाएं चल रही हैं। हालांकि, अंबानी परिवार के साथ बैठक के बाद इस संबंध में किसी अंतिम परियोजना की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
सरकार का फोकस बड़े उद्योगों पर
पश्चिम बंगाल सरकार लगातार राज्य में बड़े औद्योगिक समूहों को निवेश के लिए आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। सरकार का जोर बड़े उद्योगों के साथ-साथ रोजगार पैदा करने वाली परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कई मौकों पर कह चुके हैं कि राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है और निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार का ध्यान है।
दूसरे बड़े उद्योग समूहों से भी बातचीत
राज्य में निवेश बढ़ाने की कोशिशों के तहत सरकार की ओर से दूसरे बड़े औद्योगिक समूहों के साथ भी बातचीत की जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए जमीन और अन्य सुविधाओं से जुड़े कदम उठाए जाने की बात सरकार की ओर से कही गई है। ऐसे में रिलायंस समूह के साथ मुख्यमंत्री की ताजा मुलाकात को राज्य की व्यापक निवेश रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
अब नजर रिलायंस की अगली घोषणा पर
एंटीलिया में हुई बैठक के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि रिलायंस समूह बंगाल में कितने बड़े निवेश की घोषणा करता है। फिलहाल बातचीत में डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, आईटी, बायोगैस और वाइल्डलाइफ से जुड़े संभावित क्षेत्रों का उल्लेख सामने आया है। हालांकि, निवेश की निश्चित राशि, परियोजनाओं की अंतिम सूची और उनकी समयसीमा को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। आने वाले दिनों में रिलायंस की ओर से कोई औपचारिक ऐलान होता है या नहीं, इस पर उद्योग जगत की नजर रहेगी।