नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की वेज सीलिंग (वेतन सीमा) को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। 12 साल बाद किए गए इस बदलाव से देश के संगठित क्षेत्र के करोड़ों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। इस बड़े बदलाव के बाद कर्मचारियों की सेविंग्स, पेंशन और बीमा कवर पर क्या असर पड़ेगा, आइए इसे विस्तार से समझते हैं: इस फैसले से न सिर्फ आपकी सेविंग्स और पेंशन में इजाफा होगा, बल्कि कर्मचारियों को मिलने वाला एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम (EDLI) कवर भी 7 लाख रुपये से बढ़कर 10.50 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकता है। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही होगी। मौजूदा वेतन सीमा के तहत EPF खाताधारकों को 7.50 लाख रुपये तक का लाइफ इंश्योरेंस कवर मिलता है।
1. अनिवार्य दायरे में आएंगे 51 लाख से अधिक नए कर्मचारी
- नया दायरा: अब तक जिन कर्मचारियों की मूल वेतन और महंगाई भत्ते (Basic + DA) की कुल राशि 15,000 रुपये से अधिक थी, वे अनिवार्य ईपीएफ दायरे से बाहर थे या स्वैच्छिक विकल्प चुनते थे।
- फायदा: इस सीमा के 25,000 रुपये होने से लगभग 51 लाख से अधिक नए कर्मचारी अनिवार्य रूप से ईपीएफ (EPF), ईपीएस (EPS) और ईडीएलआई (EDLI) सुरक्षा कवच के दायरे में आ जाएंगे।
2. पेंशन में 67% तक की बड़ी बढ़ोतरी
वेज सीलिंग बढ़ने का सबसे बड़ा फायदा कर्मचारियों की पेंशन (EPS-95) पर पड़ेगा। नियमों के तहत पात्र कर्मचारियों की पेंशन में 67 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
- शर्त: इस बढ़े हुए लाभ का पूरा फायदा उठाने के लिए कर्मचारियों को 25,000 रुपये की नई सैलरी सीमा के तहत कम से कम 5 साल की सेवा (सविर्नस पीरियड) पूरी करनी होगी।
- यदि कोई कर्मचारी नई सीमा लागू होने के बाद 5 साल पूरे किए बिना रिटायर होता है, तो उसकी पेंशन की गणना पुरानी सीमा के आधार पर ही की जाएगी।
3. बीमा कवर (EDLI) बढ़कर 10.50 लाख रुपये तक होने की उम्मीद
कर्मचारी जमा लिंग्ड बीमा योजना (EDLI) के तहत मिलने वाला जीवन बीमा कवर भी सैलरी लिमिट बढ़ने से सीधे प्रभावित होगा।
- वर्तमान स्थिति: मौजूदा नियमों के तहत नौकरी के दौरान किसी सदस्य की असामयिक मृत्यु होने पर नॉमिनी को अधिकतम 7 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है।
- संभावित बदलाव: वेज सीलिंग 15,000 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये होने पर यह अधिकतम बीमा राशि बढ़कर 10.50 लाख रुपये या उससे भी अधिक हो सकती है। इसकी आधिकारिक और सटीक पुष्टि श्रम मंत्रालय द्वारा जारी होने वाले अंतिम विस्तृत नोटिफिकेशन के बाद ही स्पष्ट होगी।
4. टेक-होम सैलरी और अंशदान पर असर
- कंट्रीब्यूशन में बदलाव: वेतन सीमा बढ़ने से एम्प्लॉई और एम्प्लॉयर दोनों का वैधानिक योगदान बढ़ेगा।
- बचत बनाम टेक-होम: कर्मचारियों का पीएफ योगदान 12% के हिसाब से अधिक कटेगा, जिससे भविष्य के लिए सेविंग्स तो मजबूत होगी, लेकिन शॉर्ट-टर्म में हाथ में आने वाली सैलरी (Take-home salary) पर थोड़ा असर पड़ सकता है। हालांकि, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि नियोक्ता इसका अनावश्यक बोझ कर्मचारियों के वेतन ढांचे पर न डालें।