नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में शनिवार से शुरू होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया गया है। भारत मंडपम में होने वाले इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष प्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं। विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के करीब 15,000 जवानों के साथ अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं। राजधानी के संवेदनशील और महत्वपूर्ण इलाकों पर लगातार नजर रखने के लिए 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों के साथ फेस रिकग्निशन और नंबर प्लेट पहचानने वाली तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
भारत मंडपम में जुटेंगे दुनिया के बड़े नेता
18वां BRICS शिखर सम्मेलन दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में कई प्रमुख वैश्विक नेता हिस्सा लेने वाले हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सम्मेलन में भागीदारी की पुष्टि की है। यह करीब सात साल के अंतराल के बाद उनकी भारत यात्रा होगी। सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख समेत कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।
राजधानी में 15 हजार पुलिसकर्मियों का सुरक्षा घेरा
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। करीब 15,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेंगी। सुरक्षा केवल सम्मेलन स्थल तक सीमित नहीं रहेगी। एयरपोर्ट, विदेशी मेहमानों के होटल, भारत मंडपम और उन स्थानों पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी जहां VVIP प्रतिनिधिमंडल जाएंगे।
500 से ज्यादा कैमरों से 24 घंटे निगरानी
नई दिल्ली इलाके में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जाएगी। इनमें सामान्य निगरानी कैमरों के अलावा अत्याधुनिक तकनीक वाले कैमरे भी लगाए गए हैं।
इनमें:
- हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे
- चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली
- वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे
- संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की व्यवस्था
शामिल हैं।
सुरक्षा एजेंसियां इन कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पूरी तरह बंद नहीं होगी, लेकिन ट्रैफिक बदल सकता है
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने साफ किया है कि BRICS सम्मेलन के कारण पूरी राजधानी में आवाजाही बंद नहीं होगी। हालांकि, विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के काफिले के गुजरने के दौरान कुछ सड़कों पर अस्थायी ट्रैफिक रोक लगाई जा सकती है। VVIP काफिले की आवाजाही के समय परिस्थितियों के अनुसार वाहनों को कुछ देर रोका जा सकता है। कुछ मार्गों पर डायवर्जन भी लागू किया जा सकता है। पुलिस के मुताबिक, जहां सुरक्षा स्थिति अनुमति देगी वहां सामान्य यातायात जारी रखा जाएगा।
VVIP काफिलों के कारण रोजाना कई बार बदलेंगे ट्रैफिक रूट
अधिकारियों के मुताबिक सम्मेलन के दौरान हर दिन कई बार हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट होने की संभावना है। विदेशी नेताओं को एयरपोर्ट से होटल, होटल से भारत मंडपम और वहां से द्विपक्षीय बैठकों या दूसरे कार्यक्रमों तक ले जाने के दौरान विशेष सुरक्षा कॉरिडोर बनाए जाएंगे। एक दिन में करीब 70 से 80 या उससे अधिक हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट होने की संभावना जताई गई है। हर VVIP मूवमेंट के लिए ट्रैफिक पुलिस को अलग से मार्ग नियंत्रण, सुरक्षा घेरा, प्रवेश प्रतिबंध और रूट डायवर्जन की व्यवस्था करनी होगी। इसलिए सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों को अधिक ट्रैफिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
इन प्रमुख सड़कों पर पड़ सकता है असर
BRICS सम्मेलन के दौरान दिल्ली की 35 से अधिक सड़कें प्रभावित हो सकती हैं। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को इन मार्गों पर निकलने से पहले एडवाइजरी देखने की सलाह दी है।
प्रभावित होने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल हैं:
- मथुरा रोड
- सरदार पटेल मार्ग
- शांति पथ
- जनपथ
- अशोका रोड
- बाराखंभा रोड
- टॉल्स्टॉय मार्ग
- अफ्रीका एवेन्यू रोड
- नीति मार्ग
- पंचशील मार्ग
- एपीजे अब्दुल कलाम रोड
दक्षिणी दिल्ली से मध्य दिल्ली के बीच भी VVIP प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के कारण व्यस्त समय में यातायात दबाव बढ़ सकता है।
मिस्र के प्रतिनिधिमंडल से दक्षिण दिल्ली में बढ़ सकता है दबाव
अधिकारियों के अनुसार साकेत स्थित होटल से मध्य दिल्ली की ओर मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही के कारण दक्षिणी दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। खासकर पीक ऑवर में यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
होटल से लेकर एयरपोर्ट तक सुरक्षा की कई परतें
विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए उनके ठहरने वाले होटलों में भी अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। प्रवेश और निकास पर पहचान सत्यापन, सुरक्षा जांच और निगरानी बढ़ाई गई है। इसके अलावा खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, यातायात प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। दिल्ली पुलिस ने सम्मेलन से जुड़े प्रमुख रूटों का निरीक्षण किया है। साथ ही केंद्र और राज्य की विभिन्न एजेंसियों तथा पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें भी की गई हैं।
आम लोगों के लिए पुलिस की खास अपील
दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का फोकस विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के साथ-साथ आम जनता को कम से कम परेशानी पहुंचाने पर है। अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा जरूरतों के अनुसार ही कुछ मार्गों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जाएंगे। लोगों से अपील की गई है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी और रूट डायवर्जन की जानकारी जरूर देख लें। जरूरी न हो तो प्रभावित इलाकों में जाने से बचना और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना बेहतर होगा।
BRICS Summit के दौरान दिल्ली में हाई अलर्ट
BRICS सम्मेलन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर रहेंगी। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की लगातार आवाजाही, भारत मंडपम में होने वाली उच्चस्तरीय बैठकें और द्विपक्षीय कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा एवं यातायात एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, प्रशासन की कोशिश है कि सुरक्षा से कोई समझौता किए बिना राजधानी की सामान्य गतिविधियों को अधिकतम संभव सीमा तक जारी रखा जाए।