दुबई। दुबई में रविवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर एशिया कप का खिताब रिकॉर्ड आठवीं बार अपने नाम कर लिया। मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों की ऐतिहासिक जीत का जश्न था, लेकिन मुकाबले के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन को लेकर ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने पूरे टूर्नामेंट को एक बार फिर विवाद के केंद्र में ला दिया। भारतीय टीम पुरस्कार समारोह में शामिल नहीं हुई और एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन समारोह को लेकर सवाल खड़े हो गए और सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे।
72 रन की जीत के बाद ट्रॉफी से दूर रही टीम इंडिया
श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय महिला टीम ने 72 रन से जीत दर्ज की। खिताब जीतने के बाद खिलाड़ी मैदान पर जश्न मनाती नजर आईं, लेकिन पुरस्कार वितरण समारोह शुरू होने के बाद तस्वीर अचानक बदल गई। फाइनल खत्म होने के बाद आधे घंटे से ज्यादा समय तक ट्रॉफी प्रेजेंटेशन का इंतजार चलता रहा। इस दौरान भारतीय खिलाड़ी मैदान पर एक साथ बैठी रहीं। उनके साथ बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी मौजूद थे। इसके बाद भारतीय टीम मैदान से निकलकर ड्रेसिंग रूम की ओर चली गई। खिलाड़ी प्रेजेंटेशन समारोह के लिए वापस मैदान पर नहीं लौटीं।
नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से भारत का साफ इनकार
Mohsin Naqvi left the stadium in embarrassment after Team India refused to take the trophy from him.😂🔥 pic.twitter.com/3RnbHmtUKP
— 𝐑𝐮𝐬𝐡𝐢𝐢𝐢⁴⁵ (@rushiii_12) September 13, 2026
भारतीय टीम के समारोह में नहीं पहुंचने के पीछे सबसे बड़ी वजह मोहसिन नकवी की मौजूदगी बताई गई। भारत ने इससे पहले भी उनके हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार किया था और इस बार महिला टीम ने भी वही रुख अपनाया। इस घटनाक्रम ने पिछले साल के पुरुष एशिया कप के विवाद को फिर से चर्चा में ला दिया। तब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी और पदक लेने से इनकार कर दिया था। यानी एक साल बाद भी विवाद का मूल मुद्दा खत्म नहीं हुआ और महिला एशिया कप के फाइनल में भी उसका असर दिखाई दिया।
श्रीलंका ने संभाला उपविजेता का पुरस्कार समारोह
Fans chanted “Trophy Chor, Trophy Chor” when they saw Mohsin Naqvi leaving the stadium.😭🙏 pic.twitter.com/XljKlQLVHB
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भारतीय टीम की गैरमौजूदगी में पुरस्कार वितरण समारोह आगे बढ़ाया गया। श्रीलंकाई कप्तान चमारी अटापट्टू ने मोहसिन नकवी से उपविजेता का चेक प्राप्त किया। इससे पहले श्रीलंकाई खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को श्रीलंका क्रिकेट के अंतरिम प्रमुख एरॉन विक्रमरत्ने ने पदक प्रदान किए। श्रीलंका का पुरस्कार समारोह पूरा होने के बाद नकवी भी स्टेडियम से बाहर निकल गए। हालांकि, विजेता भारतीय टीम की गैरमौजूदगी के कारण एशिया कप की ट्रॉफी मंच पर भारतीय खिलाड़ियों को नहीं सौंपी जा सकी।
क्या दुबई स्टेडियम में लगे ‘ट्रॉफी चोर’ के नारे?
नकवी के स्टेडियम से बाहर निकलने के दौरान सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें दर्शकों की ओर से ‘ट्रॉफी चोर’ जैसे नारे लगाए जाने का दावा किया गया। हालांकि, इन वायरल वीडियो की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन नारों को फिलहाल सोशल मीडिया पर किए गए दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। इन वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि किए बिना इसे आधिकारिक घटनाक्रम मानना उचित नहीं होगा।
पिछले साल का विवाद फिर आया सामने
Mohsin Naqvi left the stadium in embarrassment after Team India refused to take the trophy from him.😂🔥 pic.twitter.com/3RnbHmtUKP
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यह पूरा घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2025 के पुरुष एशिया कप फाइनल के बाद भी भारत और नकवी के बीच ट्रॉफी को लेकर विवाद हुआ था। उस समय भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने बिना ट्रॉफी के ही मंच पर जश्न मनाया था। रिपोर्टों में यह भी सामने आया था कि भारत की ट्रॉफी एसीसी कार्यालय में रखी गई थी। अब महिला एशिया कप के फाइनल में भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से दूरी बना ली। इससे साफ है कि पिछले विवाद का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
बीसीसीआई ने पहले ही बता दिया था अपना रुख
फाइनल से पहले ही बीसीसीआई ने एसीसी को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक, बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि यदि मोहसिन नकवी पुरस्कार वितरण समारोह में मौजूद रहते हैं, तो भारतीय टीम उनके हाथों ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेगी। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के मुताबिक, भारतीय बोर्ड ने वैकल्पिक व्यवस्था का सुझाव भी दिया था। उन्होंने बताया कि भारत एसीसी उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी से ट्रॉफी लेने के लिए तैयार था, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया।
सैकिया ने कहा—‘हमारे पास कोई और विकल्प नहीं था’
देवजीत सैकिया ने पूरे मामले पर कहा कि बीसीसीआई ने एसीसी उपाध्यक्ष से ट्रॉफी प्रदान करवाने का अनुरोध किया था, लेकिन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। ऐसे में भारतीय टीम के पास प्रेजेंटेशन सेरेमनी से अलग रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि किसी न किसी स्तर पर भारत को दोनों ट्रॉफियां वापस मिल जाएंगी।
मैदान पर भारत की जीत, बाहर ट्रॉफी का विवाद
एक तरफ भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप का खिताब जीता, वहीं दूसरी तरफ ट्रॉफी प्रेजेंटेशन विवादों में घिर गया। भारत की जीत ऐतिहासिक रही, लेकिन फाइनल के बाद ट्रॉफी मंच पर विजेता टीम के हाथों में नजर नहीं आई। नकवी की मौजूदगी, भारत का समारोह से बाहर रहना और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो—इन सबने एक बार फिर क्रिकेट और कूटनीति के बीच बढ़ती खींचतान को सुर्खियों में ला दिया। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय टीम को उसकी विजेता ट्रॉफी कब और किसके हाथों सौंपी जाएगी।