डेस्क। महेंद्र सिंह धोनी इस बार अपने पहनावे को लेकर चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने दो कुर्ते पहने, जिन पर उत्तराखंड और रांची की पारंपरिक कला को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया। एक लुक को पत्नी साक्षी धोनी ने सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की शादी के लिए डिजाइन करवाया, तो दूसरा उनके फैमिली सेलिब्रेशन का है। जिनमें कैप्टन कूल का देसी अंदाज कमाल का लगा।
तभी तो जैसे ही डिजाइनर ने धोनी के कपड़ों की डिटेल्स शेयर की, तो लोगों को उसके पीछे की कहानी भा गई। जिसमें परंपरा के साथ सांस्कृतिक विरासत को मॉडर्न टच के साथ पेश करना दिल जीत गया। जहां उत्तराखंड की कला से इंस्पायर्ड कुर्ते पर बनी चित्रकारी का इतिहास 1000 साल से भी ज्यादा पुराना है, तो दूसरे की जड़े भी हजारों साल पुरानी हैं।
हिना कोचर ने डिजाइन किए दोनों लुक्स
धोनी के दोनों लुक्स को डिजाइनर हिना कोचर ने श्यामली अरोड़ा के साथ मिलकर तैयार किया है। जिन्होंने ही साक्षी धोनी के चंबा रुमाल से इंस्पायर्ड कुर्ते को डिजाइन किया था। अब धोनी के एक कुर्ते में उनके होमटाउन रांची की कला देखने को मिली, तो दूसरे लुक में पत्नी साक्षी के होमटाउन उत्तराखंड की पारंपरिक कला का टच दिल जीत गया।
उत्तराखंड की ऐपन कला से सजा कुर्ता
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धोने एक पर्सनल सेलिब्रेशन के दौरान लाल रंग के कुर्ते के साथ आइवरी पजामा पहने दिखे। जिसके लिए साक्षी ने हिना से एक स्पेशल आउटफिट तैयार करने के लिए कहा था, जो भारतीय शिल्पकला से प्रेरित हो और उत्तराखंड में उनकी जड़ों से जुड़ा हो। ऐसे में कुर्ते को कुमाऊं क्षेत्र की कला, ऐपन से प्रेरित होकर बनाया गया।
क्या होती है ऐपन कला?
ऐपन सदियों पुरानी (लगभग 1000 साल से ज्यादा) पारंपरिक लोक कला है। जिसे महिलाएं शादी जैसे शुभ समारोह पर घर के आंगन, दरवाजों और पूजा स्थल पर बनाती हैं। इसके लिए आमतौर पर लाल मिट्टी (गेरू) से बेस बनाया जाता है और उस पर चावल के पेस्ट से चित्र उकेरे जाते हैं। इस कला को शुभता, समृद्धि, सुरक्षा और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। इसमें देवी- देवाताओं के साथ ही अलग- अलग तरह के पैटर्न बनाए जाते हैं, जैसे सर्कल, ट्रायंगल, स्क्वायर या सीधी- तिरछी रेखाएं।
कुर्ते पर बने टाइगर मोटिफ्स लगे बढ़िया
धोनी के लुक में ऐपन कला को हिना ने बखूबी दर्शाया है और रेड के साथ आइवरी कलर को चूज किया। जहां रेड शुभता और उत्सव का प्रतीक है, तो आइवरी पवित्रता और धार्मिक भावना को दर्शाता है। जिस पर वाइट कलर से कुर्ते के कॉलर और सेंटर एरिया पर सर्कल शेप में डिजाइन दिया, तो बॉर्डर को भी हाइलाइट करके टाइगर मोटिफ्स बनाए। जिन्होंने उनके लुक को क्लासी वाइब दी, तो वाइब्रेंट कलर के साथ आइवरी पजामे का कॉम्बो सटल और सोबर लगा।
दूसरे कुर्ते पर की रांची की खोवर कला
वहीं, दूसरे लुक के लिए धोनी ने कुछ ऐसा पहना, जो उनके घर (रांची, झारखंड) की झलक दिखा गया। उनका कुर्ता रांची की खोवर कला से प्रेरित है, जो इस क्षेत्र में शादी की रस्मों के दौरान बनाई जाने वाली एक पारंपरिक चित्रकारी है। जिसे बड़ी- ही खूबसूरती से ग्रे कुर्ते पर बनाया, जो उन्हें क्लासी लुक दे गया।
जानिए खोवर कला के बारे में
खोवर कला की जड़ें हजारों साल पुरानी गुफा चित्रों (रॉक पेंटिंग) से जुड़ी मानी जाती हैं। जिसे आदिवासी महिलाएं शादी के समय दूल्हा- दुल्हन के कमरे के दीवारों पर बनाती थीं, जो आज भी होता है। जिस पर फूल- पत्ते, पक्षी, जानवर और प्रकृति से इंस्पायर्ड चित्र होते हैं। जहां खोवर शब्द का मतलब ही दूल्हा-दुल्हन का कमरा होता है।
इसे बनाने के लिए मिट्टी की परत को दीवार पर लगाकर उसे अलग- अलग पैटर्न बनाकर तराशा जाता था। आमतौर पर काली मिट्टी की दीवार पर सफेद या हल्के रंग से डिजाइन बनाए जाते थे। जिसे ध्यान में रखकर हिना ने धोनी को ग्रे कुर्ते के साथ ब्लैक जैकेट पहनाई। जिन पर लाइट शेड से डिजाइन बनाए गए।
कुछ ऐसा है धोनी का अंदाज
धोनी के कुर्ते और जैकेट पर वाइट और ग्रे शेड से फूल- पत्तों की बेल बनाई गई, जो इसे रिच लुक दे रही है। इसके लिए आरी एम्ब्रॉयडरी का इस्तेमाल हुआ। जिसे लिए सूई के बदले हुक जैसे औजार से कढ़ाई की जाती है, जो दोनों और एक जैसी लगती है। वहीं, कुर्ते पर खोवर इंस्पायर्ड मोटिफ्स स्टनिंग लगे। कुर्ते पर फूलों के आकर को छोटा रखा, तो जैकेट पर डिजाइन हैवी है। जिसके साथ आइवरी कलर का पजामा पहने धोनी का देसी रूप गजब का लगा।