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मानसून सत्र: लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक पारित, सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पर करीब 10 घंटे तक चली मैराथन चर्चा के बाद. . .

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पर करीब 10 घंटे तक चली मैराथन चर्चा के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सरकार की ओर से जवाब दिया और संशोधनों सहित बिल को सदन में पारित करने के लिए प्रस्तुत किया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

10 घंटे चली मैराथन चर्चा के बाद बिल हुआ पास

एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक पर चर्चा की शुरुआत मंगलवार को हुई थी, जो बुधवार तक जारी रही। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने अपने-अपने तर्क रखे। करीब 10 घंटे की विस्तृत बहस के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब दिया। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच बिल को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने रखा अपना पक्ष

विधेयक पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस कानून के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना चाहती है तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

राहुल गांधी पर डॉ. जितेंद्र सिंह का हमला

चर्चा के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सदन में एक कहानी सुनाई थी, इसलिए वह भी 21 जुलाई की एक घटना का उल्लेख करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, वे हताश होकर प्रधानमंत्री के आवास के बाहर जाकर बैठ गए थे। उनकी हताशा समझी जा सकती है। वे लंबे समय से चाहते हैं कि देश की जनता उन्हें प्रधानमंत्री बनाए और 7 लोक कल्याण मार्ग भेजे। जब उनसे हटने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे उठाकर हटाया जाए।” इसके साथ ही उन्होंने असम आंदोलन का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

प्रियंका गांधी के दावों पर सरकार का जवाब

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के उस बयान का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि देश में 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुईं और 750 करोड़ से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया है और 52 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और नई व्यवस्था से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर और अधिक प्रभावी रोक लगेगी।

के.सी. वेणुगोपाल के आरोपों पर भी पलटवार

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल के बयान का जवाब देते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष केवल नकारात्मक तस्वीर पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा क्षेत्र की बात करनी थी तो यह भी बताया जाना चाहिए था कि उच्च शिक्षा में अवसरों में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती थी कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर गंभीर और सार्थक चर्चा हो, लेकिन विपक्ष ने लगातार हंगामा किया।

राज्यसभा में भी विपक्ष का हंगामा

उधर, राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने सीपीएम के दिल्ली स्थित कार्यालय पर कथित छापेमारी का मुद्दा उठाया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला।

जेपी नड्डा ने दिया विपक्ष को जवाब

राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कोई असामान्य घटना नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं स्वयं छात्र कार्यकर्ता के रूप में दो बार गिरफ्तार हो चुका हूं।” उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीतिक विवाद खड़ा न करने की अपील की।

एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक का उद्देश्य

सरकार के अनुसार, इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य—

  • प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाना।
  • परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना।
  • संगठित परीक्षा माफिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान करना।
  • अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना और भर्ती प्रक्रियाओं में विश्वास बढ़ाना।

सदन की कार्यवाही स्थगित

एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। मानसून सत्र के दौरान इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली।

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