नई दिल्ली। पेपर लीक पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार आज राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। बुधवार (29 जुलाई) को यह विधेयक लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनिमत से पारित हो चुका है। सरकार का दावा है कि नए संशोधन से सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर प्रभावी रोक लगेगी और संगठित पेपर लीक नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
NEET-UG 2026 विवाद के बाद आया सख्त कानून
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार इस संशोधन विधेयक को लेकर तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना, अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल करना और पेपर लीक माफिया पर कड़ी कार्रवाई करना है।
राज्यसभा में क्या है नंबर गेम?
विधेयक के पारित होने की संभावना राज्यसभा के मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए मजबूत मानी जा रही है।
- कुल सदस्य संख्या: 245
- वर्तमान सक्रिय सदस्य: 242
- साधारण बहुमत का आंकड़ा: 123
- NDA के सांसद: 152
चूंकि इस विधेयक को पारित कराने के लिए साधारण बहुमत की आवश्यकता है और NDA के पास 152 सांसदों का समर्थन है, इसलिए सरकार के लिए इसे राज्यसभा से पारित कराना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है।
विधेयक के प्रमुख प्रावधान
संशोधन विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के मामलों पर पहले से अधिक कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं—
- संगठित पेपर लीक गिरोह, संस्थानों और दोषी अधिकारियों के लिए अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल।
- पेपर लीक सिंडिकेट और संबंधित सर्विस प्रोवाइडर संस्थानों पर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना।
- मामलों के त्वरित निपटारे के लिए प्रत्येक राज्य में विशेष अदालतों की स्थापना।
- राज्य पुलिस या विशेष जांच दल (STF) को 60 दिनों के भीतर जांच पूरी करने का प्रावधान।
संसद में क्यों हुआ हंगामा?
विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर परीक्षा व्यवस्था में विफलता का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने कहा कि यह कानून भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक है। चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। वहीं केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आज राज्यसभा पर देश की नजर
लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद अब सभी की निगाहें राज्यसभा की कार्यवाही पर हैं। यदि विधेयक उच्च सदन से भी पारित हो जाता है, तो सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों के खिलाफ देश में और अधिक सख्त कानूनी व्यवस्था लागू होने का रास्ता साफ हो जाएगा.