नागोया: भारत की स्टार पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने गुरुवार को कुछ ही घंटों के अंतराल में दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पहले शीतल ने तोमर कुमार के साथ कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया और फिर महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में भी बाजी मार ली। इससे पहले उन्होंने क्वालीफिकेशन राउंड में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की थी। शीतल के इस प्रदर्शन से भारतीय दल की पदक उम्मीदों को बड़ा सहारा मिला है।
एक दिन में दो गोल्ड, शीतल ने दिखाया दम
शीतल देवी ने गुरुवार को पहले तोमर कुमार के साथ मिलकर कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में इंडोनेशिया की टीम को 151-148 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इसके बाद शीतल ने महिला व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 142 अंक हासिल किए और गोल्ड मेडल जीत लिया। सिंगापुर की अलीम नूर स्याहिदाह ने 139 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया। इस तरह शीतल ने कुछ घंटों के भीतर दो स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेल जगत में अपनी उपलब्धियों का नया अध्याय जोड़ दिया।
क्वालीफिकेशन में 704 अंक, विश्व रिकॉर्ड की बराबरी
शीतल देवी ने प्रतियोगिता के क्वालीफिकेशन राउंड में 720 में से 704 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने तुर्किये की ओजनूर क्युरे गिरडी के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। उन्होंने मार्च में बैंकॉक में बनाए अपने 698 अंकों के एशियाई रिकॉर्ड में भी छह अंक का सुधार किया। इसके साथ ही एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड 680 से बढ़कर 704 अंक हो गया। मिक्स्ड टीम क्वालीफिकेशन में शीतल और तोमर कुमार की जोड़ी ने कुल 1402 अंक हासिल किए। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रदर्शन ने भारत के पिछले 1400 अंकों के विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
पायल नाग के साथ जीता था सिल्वर मेडल
शीतल देवी का एशियन पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। दो गोल्ड मेडल जीतने से पहले वह पायल नाग के साथ महिला कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में रजत पदक हासिल कर चुकी थीं। शीतल और पायल ने डबल्स क्वालीफिकेशन में कुल 1379 अंक बनाए, जिससे भारतीय जोड़ी ने नया एशियाई और गेम्स रिकॉर्ड कायम किया। इस स्कोर में पायल ने 675 अंकों का योगदान दिया। इस तरह शीतल ने मौजूदा प्रतियोगिता में अब तक तीन पदक अपने नाम किए हैं। इनमें एक रजत और दो स्वर्ण पदक शामिल हैं।
रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन से दुनिया का ध्यान खींचा
महज 18 साल की उम्र में शीतल देवी ने पैरा तीरंदाजी में अपनी अलग पहचान बना ली है। मौजूदा विश्व चैंपियन और दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। क्वालीफिकेशन राउंड में व्यक्तिगत रिकॉर्ड की बराबरी करने के बाद मिक्स्ड टीम में भी रिकॉर्ड स्कोर हासिल करना उनकी निरंतरता को दर्शाता है। फाइनल में गोल्ड जीतकर उन्होंने यह भी साबित किया कि वह दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता रखती हैं।
2023 एशियन पैरा गेम्स में भी जीता था गोल्ड
शीतल देवी के लिए यह सफलता नई नहीं है। उन्होंने 2023 में हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2024 के पेरिस पैरालिंपिक में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतने और विश्व चैंपियन बनने के बाद शीतल ने पैरा तीरंदाजी में भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में अपनी जगह मजबूत की है।
शीतल देवी की सफलता से भारत को बड़ी उम्मीदें
एशियन पैरा गेम्स 2026 में शीतल देवी का प्रदर्शन भारतीय दल के लिए बड़ी उपलब्धि है। व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में गोल्ड जीतने के साथ-साथ रिकॉर्ड की बराबरी करना उनके शानदार अभियान को और खास बनाता है। एक रजत और दो स्वर्ण पदकों के साथ शीतल देवी ने नागोया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनके प्रदर्शन ने न सिर्फ भारत की पदक उम्मीदों को मजबूती दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी में देश की ताकत को भी एक बार फिर सामने रखा है।