नई दिल्ली। फिल्म जगत के मशहूर निर्देशक और निर्माता संजय गुप्ता के निधन की खबर से बॉलीवुड में शोक की लहर है। 59 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले संजय गुप्ता अपनी अलग तरह की फिल्मों और दमदार कहानी कहने के अंदाज के लिए पहचाने जाते थे। उनके अचानक चले जाने से प्रशंसकों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को गहरा झटका लगा है। इस बीच उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आखिरी पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है। खास बात यह है कि उन्होंने निधन से करीब 10 दिन पहले यह पोस्ट शेयर की थी। इसमें वह अपनी बेटी डलिया के साथ एक खूबसूरत पारिवारिक पल साझा करते नजर आए थे। इस पोस्ट को देखकर अब उनके चाहने वाले भावुक हो रहे हैं।
बेटी के साथ बिताए खास पल की थी तस्वीर साझा
संजय गुप्ता ने अपनी आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट X (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर की थी। तस्वीर में उनकी बेटी डलिया लेगो ब्लॉक्स की मदद से एक बड़ा बिल्डिंग सेट तैयार करती दिखाई दे रही थीं। इस पोस्ट से पिता और बेटी के बीच साझा की गई एक प्यारी गतिविधि की झलक मिलती है। तस्वीर के साथ संजय गुप्ता ने मजेदार अंदाज में लिखा था, “मेरी डाइनिंग टेबल पर अब तक का सबसे बड़ा लेगो सेट बन रहा है। कमाल है!!!” उनकी इस पोस्ट को अब लोग उनके परिवार के साथ बिताए गए खुशनुमा पलों की याद के तौर पर देख रहे हैं। संजय गुप्ता के परिवार में पत्नी अनुराधा गुप्ता और दो बच्चे शिवांश गुप्ता तथा डलिया गुप्ता हैं।
घर में सिर पर चोट लगने के बाद हुआ निधन
संजय गुप्ता के निधन की जानकारी फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया के जरिए दी। उनके मुताबिक, घर पर सिर में चोट लगने के कारण निर्देशक की मौत हुई। अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर भावुक संदेश साझा करते हुए संजय गुप्ता को अपना करीबी दोस्त और शानदार फिल्ममेकर बताया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि यह खबर उनके लिए बेहद दुखद और अप्रत्याशित है। उन्होंने संजय गुप्ता को एक बेहतरीन कहानीकार, उत्साही व्यक्तित्व और सिनेमा के प्रति समर्पित इंसान बताते हुए कहा कि उनका जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है। साथ ही उन्होंने दिवंगत निर्देशक के परिवार और करीबियों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अशोक पंडित ने अपने दोस्त को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और बताया कि अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
‘आतिश’ से शुरू हुआ था निर्देशन का सफर
संजय गुप्ता ने हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान एक ऐसे निर्देशक के रूप में बनाई, जिन्होंने अपराध, गैंगवार और मुंबई के अंडरवर्ल्ड की कहानियों को बड़े पर्दे पर अलग अंदाज में पेश किया। उनका जन्म 1967 में मुंबई में हुआ था। साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से उन्होंने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा। इस फिल्म में संजय दत्त और आदित्य पंचोली प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने कई ऐसी फिल्मों का निर्देशन किया, जिन्होंने एक्शन और क्राइम जॉनर में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘राम शास्त्र’, ‘खौफ’, ‘जंग’, ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ शामिल हैं। निर्देशन के अलावा संजय गुप्ता ने फिल्म निर्माण में भी योगदान दिया। ‘दस कहानियां’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी फिल्मों के निर्माण से भी उनका नाम जुड़ा रहा।
‘कांटे’ और ‘काबिल’ से मिली खास पहचान
संजय गुप्ता की फिल्मों की बात हो और ‘कांटे’ का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। साल 2002 में रिलीज हुई इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव जैसे कलाकार नजर आए थे। यह फिल्म अपनी कहानी, एक्शन और हीस्ट थ्रिलर शैली के कारण दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुई। आज भी इसे संजय गुप्ता की यादगार फिल्मों में गिना जाता है। वहीं, ऋतिक रोशन और यामी गौतम की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘काबिल’ भी उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली थी।
‘द मिरांडा ब्रदर्स’ थी आखिरी निर्देशित फिल्म
संजय गुप्ता के निर्देशन में बनी आखिरी फिल्म ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ थी। इसमें हर्षवर्धन राणे और मीजान जाफरी ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं। यह फिल्म साल 2024 में जियो सिनेमा पर रिलीज हुई थी। अपने लंबे फिल्मी सफर में संजय गुप्ता ने एक्शन, क्राइम और थ्रिलर फिल्मों के जरिए दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। उनके अचानक निधन से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे फिल्ममेकर को खो दिया, जिसकी फिल्मों की अपनी अलग शैली और पहचान थी। वहीं, निधन से कुछ दिन पहले बेटी के साथ साझा की गई उनकी आखिरी तस्वीर अब उनके प्रशंसकों के लिए एक भावुक याद बन गई है।