कोलकाता: दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो के टिकट और पास की बिक्री में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पूर्व पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री और गायक इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस मामले में जुटाई गई पूरी रकम केवल इंद्रनील सेन के पास गई या इस कथित घोटाले में अन्य प्रभावशाली लोग भी शामिल थे? सुवेंदु अधिकारी ने इंद्रनील सेन और ममता बनर्जी के पुराने करीबी संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि मामले की जांच केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके मुताबिक, कथित तौर पर जुटाई गई रकम का पूरा हिसाब सामने आना चाहिए और यह भी पता लगना चाहिए कि इससे किन लोगों को फायदा पहुंचा। हालांकि, इस मामले में अन्य नेताओं की संलिप्तता या रकम के बंटवारे को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।
इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो के पासों की बिक्री में कथित अनियमितताओं के मामले में इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ के बाद कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट ने उन्हें गिरफ्तार किया। इंद्रनील सेन पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार के दौरान मंत्री रह चुके हैं। वह बंगाल के जाने-माने गायक भी हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले को कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए जांच का दायरा बढ़ाने की मांग की है।
‘क्या पूरा पैसा अकेले इंद्रनील सेन ने ही रखा?’
सुवेंदु अधिकारी ने सवाल उठाया कि दुर्गा पूजा जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन के नाम पर यदि करोड़ों रुपये जुटाए गए, तो यह पता लगाना जरूरी है कि रकम आखिर कहां गई। उन्होंने इंद्रनील सेन और ममता बनर्जी के पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों सार्वजनिक मंचों पर साथ दिखाई देते रहे हैं और युगल गीत भी गाते थे। ऐसे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच में सभी संभावित पहलुओं को देखना चाहिए। मुख्यमंत्री का आरोप है कि इस मामले में पैसों का लेन-देन किन लोगों तक पहुंचा, इसका पता लगाया जाना जरूरी है। हालांकि, ममता बनर्जी या किसी अन्य नेता की इस कथित मामले में भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष जांच के बिना नहीं निकाला जा सकता।
मासआर्ट संस्था पर क्या हैं आरोप?
मामले में इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुछंदा से जुड़ी संस्था ‘मासआर्ट’ (MassArt) का नाम सामने आया है। आरोप है कि संस्था ने दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान प्रीव्यू शो के टिकट और पास बेचने के लिए यूनेस्को के नाम का कथित तौर पर अनुचित इस्तेमाल किया। शिकायत के अनुसार, पासों की कीमत 1,800 रुपये से लेकर 12,000 रुपये तक रखी गई थी। आरोप है कि इस माध्यम से लोगों से बड़ी रकम जुटाई गई, लेकिन उसके उचित वित्तीय लेखे-जोखे को लेकर सवाल उठे। फिलहाल, इन आरोपों की वास्तविकता और रकम के इस्तेमाल से संबंधित तथ्यों की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी। किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी भी उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार तय होगी।
बोबाजार थाने में शिकायत, जांच के लिए बनाई गई SIT
इस मामले में बोबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद कोलकाता पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच दल यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। मामले में टिकट और पास की बिक्री, उनसे जुटाई गई रकम तथा संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियों के सामने यह स्पष्ट करना भी जरूरी होगा कि आयोजन से जुड़ी रकम किस खाते में जमा हुई और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अदालत से अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद इंद्रनील सेन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ी। हालांकि, गिरफ्तारी अपने आप में आरोपों को साबित नहीं करती। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच के परिणामों पर निर्भर करेगा।
‘पैसे की ट्रेल कहां तक जाती है’, सुवेंदु अधिकारी ने उठाया सवाल
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और लोगों की आस्था से जुड़ा उत्सव है। ऐसे आयोजन में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप गंभीरता से जांचे जाने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इतने बड़े पैमाने पर कथित गतिविधियां किसी एक व्यक्ति के स्तर पर ही संचालित हुई हों, यह मानकर जांच को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, पैसों के लेन-देन की पूरी कड़ी सामने आनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि कहीं अन्य लोगों को भी इसका लाभ तो नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच में किसी व्यक्ति के राजनीतिक प्रभाव या पद को आड़े नहीं आने देना चाहिए।
बंगाल की राजनीति में क्यों अहम है यह मामला?
इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी ऐसे समय में सामने आई है, जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार चर्चा में हैं। दुर्गा पूजा राज्य का सबसे बड़ा सांस्कृतिक उत्सव है और इससे जुड़ी किसी भी कथित वित्तीय गड़बड़ी का राजनीतिक असर व्यापक हो सकता है। इस मामले में अब तीन सवाल महत्वपूर्ण होंगे:
- प्रीव्यू शो के टिकट और पास बेचकर वास्तव में कितनी रकम जुटाई गई?
- इस रकम का हिसाब-किताब और इस्तेमाल किस तरह किया गया?
- क्या कथित अनियमितताओं में अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की भी कोई भूमिका थी?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद दुर्गा पूजा पास बिक्री का कथित मामला पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद का नया केंद्र बन गया है। सुवेंदु अधिकारी ने मामले में पैसों के लेन-देन की पूरी जांच की मांग करते हुए ममता बनर्जी पर सवाल उठाए हैं। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई, वित्तीय रिकॉर्ड से सामने आने वाले तथ्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर रहेगी।