नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के बीच विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की अपनी रणनीति तेज कर दी है। दोनों सदनों के विपक्षी फ्लोर लीडर्स (संसदीय दल के नेता) की बैठक आज कुछ देर में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के चैंबर में होगी। बैठक में सत्र के शेष दिनों के लिए सदन के भीतर और बाहर की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
बैठक के बाद संसद परिसर में प्रदर्शन
फ्लोर लीडर्स की बैठक के तुरंत बाद, सुबह करीब 10:30 बजे विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष अपनी एकजुटता दिखाएगा।
इन दो मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
1. 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई पर जवाब की मांग
विपक्ष 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और बल प्रयोग को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है। विपक्ष की मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मामले में संसद में बयान दें और जवाब दें।
2. राम मंदिर चंदा विवाद पर सरकार से जवाब
अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए मिले दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और गबन से जुड़ी खबरों को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहा है।
लोकसभा में आज इन विधेयकों पर होगी चर्चा
आज लोकसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर विचार और पारित कराने का कार्यक्रम तय है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी सदन में इन विधेयकों को पेश करेंगे।
निजी सदस्य के कई अहम विधेयक भी होंगे पेश
आज लोकसभा में विभिन्न सांसद निजी सदस्य विधेयक भी पेश कर सकते हैं।
- कांग्रेस सांसद शशि थरूर कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास, उनकी संपत्तियों की सुरक्षा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण से जुड़ा विधेयक पेश करेंगे।
- कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल तटीय राज्यों के मछुआरों के कल्याण और सुरक्षा से संबंधित विधेयक पेश करेंगे।
- नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेंहदी जम्मू-कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट में संशोधन से जुड़ा निजी विधेयक पेश कर सकते हैं।
FCRA संशोधन विधेयक पर भी हो सकती है चर्चा
भारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच सरकार 12 अगस्त को संसद में विदेशी अंशदान (नियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill) पर चर्चा करा सकती है। इससे पहले गुरुवार को लोकसभा ने कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया था।