पूर्व बर्धमान: पूर्व बर्धमान में आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने किसानों के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले पंपसेट की बिजली पर ₹2 प्रति यूनिट सरकारी सब्सिडी देने का ऐलान किया। इसके साथ ही धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बढ़ाकर ₹2,700 प्रति क्विंटल करने और किसानों को मिलने वाली वार्षिक आर्थिक सहायता बढ़ाने की भी घोषणा की गई।
4 लाख किसानों को बिजली सब्सिडी का लाभ
मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य के सभी ब्लॉकों में कृषि कार्य के लिए पंपसेट का इस्तेमाल करने वाले किसानों को बिजली बिल में प्रति यूनिट ₹2 की सब्सिडी मिलेगी।सरकार के अनुसार, इस योजना से राज्य के करीब 4 लाख किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके लिए सरकार पर करीब ₹300 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आने का अनुमान बताया गया है।
1 अगस्त 2026 से लागू मानी जाएगी योजना
घोषणा के मुताबिक, बिजली सब्सिडी का लाभ 1 अगस्त 2026 से प्रभावी माना जाएगा। किसानों को इसका लाभ अगले बिलिंग/क्वार्टर चक्र से मिलने की बात कही गई है।मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी किसान का कृषि कार्य में सालाना बिजली बिल करीब ₹50 हजार आता है, तो प्रति यूनिट ₹2 की सब्सिडी से उसे साल में लगभग ₹25 हजार से ₹30 हजार तक की बचत हो सकती है। वास्तविक बचत किसान की बिजली खपत पर निर्भर करेगी।
पूर्व बर्धमान के करीब 25 हजार किसानों को फायदा
घोषणा के अनुसार, अकेले पूर्व बर्धमान जिले में करीब 25 हजार किसान इस बिजली सब्सिडी योजना के दायरे में आ सकते हैं। कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए पंपसेट पर होने वाला बिजली खर्च किसानों की लागत का एक हिस्सा होता है। ऐसे में सरकार ने इस खर्च को कम करने के लिए प्रति यूनिट सब्सिडी देने की घोषणा की है।
धान का MSP बढ़ाकर ₹2700 करने का ऐलान
जनसभा में किसानों के लिए दूसरी बड़ी घोषणा धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर की गई। मुख्यमंत्री ने धान का MSP बढ़ाकर ₹2,700 प्रति क्विंटल करने की बात कही। इस कदम का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराना बताया गया है। हालांकि, इस घोषणा के लागू होने की विस्तृत प्रक्रिया और खरीद व्यवस्था से जुड़ी आधिकारिक जानकारी अलग से स्पष्ट की जानी होगी।
किसानों की सालाना आर्थिक सहायता भी बढ़ाने की घोषणा
किसानों को सीधे आर्थिक मदद के मुद्दे पर भी घोषणा की गई। शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, किसानों को मिलने वाली वार्षिक सहायता को ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 किया जाएगा।सरकार की ओर से इसके लिए पात्रता, भुगतान की प्रक्रिया और योजना के विस्तृत नियमों की जानकारी अलग से जारी की जा सकती है।
बिजली सब्सिडी से लेकर MSP तक, किसानों पर फोकस
जनसभा में की गई घोषणाओं में मुख्य रूप से किसानों की लागत कम करने और कृषि उपज से होने वाली आय बढ़ाने पर जोर दिया गया। एक ओर बिजली बिल में प्रति यूनिट ₹2 की राहत देने की बात कही गई है, वहीं दूसरी ओर धान के MSP और वार्षिक आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। अब इन घोषणाओं को लागू करने के लिए संबंधित विभागों की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक आदेश और योजना की शर्तें महत्वपूर्ण होंगी।