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BRICS Summit 2026: PM मोदी ने BRICS नेताओं का किया स्वागत, भारत मंडपम में दूसरे दिन भी महामंथन

नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आज दूसरा और आखिरी दिन है। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन में शामिल. . .

नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आज दूसरा और आखिरी दिन है। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन में शामिल नेताओं का स्वागत कर रहे हैं। समिट के दूसरे दिन करीब 10:30 बजे संयुक्त फोटो सेशन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद नेताओं के बीच विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

मलेशिया, वियतनाम और फिलीपींस के नेता भारत मंडपम पहुंचे

BRICS सम्मेलन के दूसरे दिन मलेशिया, वियतनाम और फिलीपींस समेत कई देशों के नेता भारत मंडपम पहुंचे। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश, तकनीक, आतंकवाद और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में विकासशील देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित रहेगा ओपन सेशन

BRICS Summit के दूसरे दिन का खुला सत्र भारत की अध्यक्षता के चार प्रमुख स्तंभों—रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी पर केंद्रित रहेगा। बैठक में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और वैश्विक विकास को अधिक समावेशी बनाने के रास्तों पर विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा बदलती वैश्विक आर्थिक व्यवस्था और ग्लोबल साउथ की भूमिका भी चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल रहेगी।

प्रधानमंत्री मोदी की कई अहम द्विपक्षीय बैठकें

दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें प्रस्तावित हैं। इनमें कजाकिस्तान, मिस्र, युगांडा और बुरुंडी के नेताओं के साथ बैठकें शामिल हैं। इन मुलाकातों में व्यापार, निवेश, रणनीतिक सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

पहले दिन भारत को मिली बड़ी कूटनीतिक कामयाबी

BRICS Summit के पहले दिन भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली। सदस्य देशों ने नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। घोषणा-पत्र में व्यापार, आतंकवाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, संस्थागत सुधार और वैश्विक सहयोग समेत कई अहम मुद्दों पर साझा रुख सामने आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा-पत्र को ऐसे BRICS का प्रतिबिंब बताया, जिसकी पहुंच पहले से ज्यादा व्यापक है और जिसके उद्देश्य अधिक मजबूत हैं।

पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा

नई दिल्ली घोषणा-पत्र में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया है। इसमें 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई। BRICS देशों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया। घोषणा में आतंकवादियों के साथ-साथ उनके मददगारों और उन्हें पनाह देने वालों को जवाबदेह ठहराने की जरूरत पर भी बल दिया गया। भारत के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट और स्पष्ट वैश्विक कार्रवाई की मांग करता रहा है।

PM मोदी और शी जिनपिंग की 50 मिनट की मुलाकात

समिट के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच करीब 50 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने और सीमा पर शांति एवं स्थिरता बनाए रखने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने देना चाहिए। दोनों पक्षों के बीच संबंधों को सामान्य और स्थिर बनाने की दिशा में संवाद जारी रखने पर भी जोर रहा।

पुतिन के साथ भी PM मोदी की अहम बैठक

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात भी पहले दिन की प्रमुख कूटनीतिक घटनाओं में रही। दोनों नेताओं ने भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी, आपसी सहयोग और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

BRICS नेताओं के लिए PM मोदी का खास गाला डिनर

पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS नेताओं के लिए भारत मंडपम में विशेष गाला डिनर का आयोजन किया। इसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष शामिल हुए। डिनर में भारतीय खान-पान, संगीत और संस्कृति की विशेष झलक देखने को मिली। आयोजन का माहौल उस समय और खास हो गया, जब मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने किशोर कुमार का गीत गाया।

इस सांस्कृतिक क्षण ने औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम के बीच नेताओं के लिए एक अनौपचारिक और यादगार माहौल तैयार किया।

ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने पर जोर

इस बार के BRICS Summit का एक अहम फोकस ग्लोबल साउथ है। विकासशील देश वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था में अपनी भूमिका और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग लंबे समय से करते रहे हैं। समिट में आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, तकनीकी विकास और वैश्विक संस्थानों में सुधार जैसे मुद्दों के जरिए विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर चर्चा हो रही है।

बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच अहम सम्मेलन

भारत में आयोजित यह BRICS Summit ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया कई स्तरों पर तनाव और भू-राजनीतिक टकराव का सामना कर रही है। व्यापारिक प्रतिस्पर्धा, क्षेत्रीय संघर्ष, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी बदलाव और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता जैसी चुनौतियां अंतरराष्ट्रीय एजेंडे के केंद्र में हैं। ऐसे माहौल में BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और वैश्विक दक्षिण के हितों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक मजबूती से रखने की कोशिश इस सम्मेलन को खास महत्व देती है।

आज क्या-क्या होगा?

दूसरे दिन की प्रमुख गतिविधियों में शामिल हैं:

  • BRICS नेताओं का संयुक्त फोटो सेशन।
  • खुले सत्र में वैश्विक विकास की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन से सदस्य देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने और वैश्विक और सहयोग पर चर्चा।
  • रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी पर विचार-विमर्श।
  • प्रधानमंत्री मोदी की कई द्विपक्षीय बैठकें।
  • व्यापार और निवेश सहयोग पर चर्चा।
  • आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार।
  • ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और वैश्विक संस्थागत सुधार पर मंथन।

मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात

BRICS Summit 2026 के पहले दिन जहां नई दिल्ली घोषणा-पत्र, आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख और मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात ने सुर्खियां बटोरीं, वहीं दूसरे दिन भारत की कोशिश सम्मेलन के आर्थिक, तकनीकी और विकास संबंधी एजेंडे को आगे बढ़ाने की है। भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन से सदस्य देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने और वैश्विक दक्षिण की भूमिका को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

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