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कुलदीप यादव का कमाल : एक मैच में 10 विकेट लेकर रचा इतिहास, इंग्लैंड में दिखाया करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

भारतीय स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव ने इंग्लैंड में अपनी फिरकी का ऐसा कमाल दिखाया है कि हर तरफ उनकी चर्चा हो रही है। काउंटी चैंपियनशिप में यॉर्कशायर की ओर से खेलते हुए कुलदीप ने एसेक्स के खिलाफ मुकाबले में 10. . .

नई दिल्ली  भारतीय स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव ने इंग्लैंड में अपनी फिरकी का ऐसा कमाल दिखाया है कि हर तरफ उनकी चर्चा हो रही है। काउंटी चैंपियनशिप में यॉर्कशायर की ओर से खेलते हुए कुलदीप ने एसेक्स के खिलाफ मुकाबले में 10 विकेट लेकर इतिहास रच दिया। यह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कुलदीप के करियर का पहला मौका है, जब उन्होंने एक मैच में 10 विकेट हासिल किए हैं। कुलदीप के शानदार प्रदर्शन की बदौलत यॉर्कशायर ने एसेक्स को पारी और 106 रन से करारी शिकस्त दी। मुकाबला महज तीन दिन में समाप्त हो गया। इस जीत के साथ यॉर्कशायर ने काउंटी चैंपियनशिप के डिवीजन-1 में अपनी जगह भी पक्की कर ली

दोनों पारियों में कुलदीप ने बरपाया कहर

एसेक्स की पहली पारी में कुलदीप यादव ने 23 ओवर गेंदबाजी की और 70 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। इसके बाद दूसरी पारी में कुलदीप और भी खतरनाक साबित हुए। उन्होंने महज 16 ओवर में 50 रन देकर 6 विकेट झटक लिए। इस तरह दोनों पारियों में कुलदीप ने कुल 120 रन खर्च कर 10 विकेट हासिल किए। दोनों पारियों में वह यॉर्कशायर के सबसे सफल गेंदबाज रहे।

कुलदीप का मैच प्रदर्शन

पारीओवररनविकेट
पहली पारी23704
दूसरी पारी16506
कुल3912010

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पहली बार 10 विकेट

कुलदीप यादव के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पहली बार एक मैच में 10 विकेट हासिल किए हैं। इंग्लैंड की परिस्थितियों में कुलदीप की गेंदों में जिस तरह का टर्न और नियंत्रण देखने को मिला, उसने विपक्षी बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। उनकी फिरकी के सामने एसेक्स की बल्लेबाजी दोनों पारियों में टिक नहीं सकी।

गेंद से ही नहीं, बल्ले से भी किया कमाल

कुलदीप ने इस मुकाबले में सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्कि बल्ले से भी यॉर्कशायर की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यॉर्कशायर की पहली पारी में उन्होंने 94 गेंदों पर 36 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके शामिल रहे। खास बात यह रही कि कुलदीप ने डॉम बेस के साथ 83 रनों की अहम साझेदारी की। जब कुलदीप बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे, तब यॉर्कशायर का स्कोर 7 विकेट पर 281 रन था। ऐसा लग रहा था कि टीम 300 रन के आसपास ही सिमट सकती है। लेकिन कुलदीप ने डॉम बेस के साथ मिलकर पारी को संभाला और टीम के स्कोर को 8 विकेट पर 364 रन तक पहुंचाने में मदद की।बाद में यॉर्कशायर की टीम पहली पारी में 390 रन बनाने में सफल रही।

एसेक्स की बल्लेबाजी दोनों पारियों में हुई फेल

एसेक्स की टीम पहली पारी में यॉर्कशायर की गेंदबाजी के सामने सिर्फ 171 रन बना सकी। इसके बाद यॉर्कशायर ने उसे फॉलोऑन दे दिया। दूसरी पारी में भी एसेक्स के बल्लेबाज कोई खास प्रतिरोध नहीं कर सके और पूरी टीम महज 113 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह यॉर्कशायर ने मुकाबला पारी और 106 रन से जीत लिया।

कुलदीप ने इंग्लैंड में क्यों खींचा ध्यान?

कुलदीप यादव को लंबे समय से भारत के सबसे प्रभावी कलाई के स्पिनरों में गिना जाता है। हालांकि, विदेशी परिस्थितियों में उन्हें नियमित रूप से खेलने का उतना मौका नहीं मिला है। यॉर्कशायर के लिए इस मुकाबले में उनका प्रदर्शन बताता है कि सही परिस्थितियों और लगातार मौके मिलने पर कुलदीप विपक्षी बल्लेबाजों के लिए कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। खास तौर पर दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर उन्होंने अपनी गेंदबाजी में विविधता, नियंत्रण और टर्न का शानदार प्रदर्शन किया।

क्या कुलदीप को लेकर बदलेगा टीम मैनेजमेंट का प्लान?

कुलदीप के इस प्रदर्शन के बाद सबसे बड़ा सवाल भारतीय टीम मैनेजमेंट को लेकर उठ रहा है। हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए कुलदीप को नजरअंदाज किए जाने को लेकर सवाल उठे थे। अब इंग्लैंड में 10 विकेट लेने के बाद उनकी दावेदारी फिर मजबूत हुई है। खासकर उन परिस्थितियों में जहां पिच स्पिन गेंदबाजों की मदद करती है, कुलदीप की गेंदबाजी भारत के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकती है। टीम में उनकी भूमिका को लेकर अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को करना है, लेकिन काउंटी क्रिकेट में उनका यह प्रदर्शन निश्चित तौर पर उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल बना देगा।

उपमहाद्वीप में और खतरनाक हो सकते हैं कुलदीप

इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में 10 विकेट हासिल करना कुलदीप के आत्मविश्वास के लिए भी बड़ा बूस्ट है। अगर वह इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो उपमहाद्वीप की स्पिन-फ्रेंडली परिस्थितियों में उनकी गेंदबाजी और भी प्रभावी हो सकती है। भारत में आमतौर पर धीमी और टर्न लेने वाली पिचों पर कलाई के स्पिनरों को अतिरिक्त मदद मिलती है। ऐसे में कुलदीप अपनी गुगली और फ्लाइट के साथ बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

तीन दिन में खत्म हुआ मुकाबला

यॉर्कशायर और एसेक्स के बीच यह मुकाबला महज तीन दिन चला। यॉर्कशायर ने पहली पारी में 390 रन बनाए, जबकि एसेक्स की टीम दोनों पारियों में क्रमशः 171 और 113 रन ही बना सकी। कुलदीप यादव ने गेंद से 10 विकेट और बल्ले से 36 रन बनाकर मुकाबले में हरफनमौला योगदान दिया। उनके इस प्रदर्शन ने यॉर्कशायर को बड़ी जीत दिलाने के साथ-साथ काउंटी चैंपियनशिप के डिवीजन-1 में उसकी जगह भी पक्की कर दी।

फर्स्ट क्लास करियर के सबसे यादगार प्रदर्शनों में शामिल

कुलदीप यादव का यह 10 विकेट वाला प्रदर्शन उनके फर्स्ट क्लास करियर के सबसे यादगार प्रदर्शनों में शामिल हो गया है। पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट लेकर उन्होंने न सिर्फ एसेक्स की बल्लेबाजी की कमर तोड़ी, बल्कि बल्ले से भी उपयोगी 36 रन बनाए। अब देखना होगा कि इंग्लैंड में इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट कुलदीप यादव को लेकर अपनी रणनीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।

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