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FD में पैसा रखने से पहले जान लें ये 4 सरकारी और बैंकिंग स्कीम, मिल सकता है 8.05% तक ब्याज; समझें कहां कितना फायदा

अपनी बचत को सुरक्षित रखना और उस पर अच्छा ब्याज कमाना हर निवेशक की प्राथमिकता होती है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग बिना ज्यादा जोखिम उठाए बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा जमा करना पसंद करते हैं।. . .

डेस्क। अपनी बचत को सुरक्षित रखना और उस पर अच्छा ब्याज कमाना हर निवेशक की प्राथमिकता होती है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग बिना ज्यादा जोखिम उठाए बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा जमा करना पसंद करते हैं। हालांकि, निवेश के विकल्प केवल बैंक एफडी तक सीमित नहीं हैं। सरकार और बैंकों की कुछ ऐसी योजनाएं भी हैं, जिनमें अलग-अलग अवधि और जरूरत के हिसाब से निवेश किया जा सकता है। नवंबर 2026 में निवेशकों के पास SBI की मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट स्कीम, अमृत वृष्टि एफडी, RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड और पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं जैसे विकल्प मौजूद हैं। इनमें कुछ योजनाएं नियमित ब्याज देती हैं, जबकि कुछ में जरूरत पड़ने पर पैसे निकालने की सुविधा मिलती है। इन विकल्पों में अधिकतम 8.20 प्रतिशत तक ब्याज मिल रहा है। हालांकि, हर योजना की ब्याज दर, लॉक-इन अवधि, टैक्स और निकासी के नियम अलग हैं। आइए विस्तार से समझते हैं।

1. SBI MOD स्कीम: जरूरत पड़ने पर निकाल सकते हैं पैसा

अगर आप अपनी बचत पर एफडी जैसा ब्याज भी चाहते हैं और जरूरत पड़ने पर पैसे निकालने की सुविधा भी, तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट (MOD) स्कीम को समझ सकते हैं। यह सामान्य एफडी से थोड़ी अलग है। इसमें टर्म डिपॉजिट को आपके सेविंग्स या करंट अकाउंट से जोड़ा जाता है। जरूरत पड़ने पर पूरी एफडी बंद कराने के बजाय जमा राशि का एक हिस्सा निकाला जा सकता है। SBI के नियमों के मुताबिक, इस स्कीम से 1,000 रुपये के गुणकों में रकम निकालने की सुविधा मिलती है। बाकी जमा राशि पर शुरुआती डिपॉजिट के समय लागू ब्याज मिलता रहता है।

इसकी प्रमुख विशेषताएं:

  • न्यूनतम अवधि: 1 साल।
  • अधिकतम अवधि: 5 साल।
  • ATM, चेक या बैंक के अन्य उपलब्ध माध्यमों से निकासी।
  • जरूरत के मुताबिक एफडी का कुछ हिस्सा निकालने की सुविधा।

यह स्कीम उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें इमरजेंसी के लिए पैसों की उपलब्धता बनाए रखनी है। ध्यान रहे कि MOD कोई अलग से ज्यादा ब्याज देने वाली योजना नहीं है। इसकी खासियत निकासी की सुविधा है। ब्याज दर जमा की अवधि और SBI की लागू एफडी दर पर निर्भर करती है। <Cite refs={[“turn655320search9″,”turn655320search0”]}/>

2. SBI अमृत वृष्टि: 444 दिनों के निवेश पर तय ब्याज

जो लोग लगभग डेढ़ साल के लिए अपनी रकम जमा करना चाहते हैं, उनके लिए SBI की अमृत वृष्टि स्पेशल एफडी एक विकल्प है। यह 444 दिनों की अवधि वाली जमा योजना है। SBI की आधिकारिक ब्याज दर सूची के अनुसार, इस योजना में आम ग्राहकों को 6.45 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज का लाभ दिया जाता है।

योजना की खास बातें:

  • निवेश की अवधि: 444 दिन।
  • सामान्य ग्राहकों के लिए ब्याज: 6.45 प्रतिशत सालाना।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त ब्याज।
  • 80 वर्ष से अधिक उम्र के ग्राहकों के लिए अतिरिक्त ब्याज का प्रावधान।
  • समय से पहले निकासी पर सामान्य एफडी के लागू नियम और शर्तें लागू होती हैं।

इस योजना में निवेश करने से पहले बैंक की मौजूदा ब्याज दर और उपलब्धता जरूर जांच लें। खास बात यह है कि 444 दिनों की अवधि में मिलने वाला ब्याज निवेश के समय लागू शर्तों के अनुसार तय होता है।

3. RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड: मिल रहा है 8.05% ब्याज

अगर आप लंबे समय के लिए निवेश कर सकते हैं और नियमित ब्याज चाहते हैं, तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड पर विचार कर सकते हैं। ये बॉन्ड भारत सरकार की ओर से जारी किए जाते हैं और RBI इन्हें जारी करने का काम करता है। इस योजना की खासियत यह है कि इसमें मिलने वाली ब्याज दर हर छह महीने में रीसेट होती है। जुलाई से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए इसकी ब्याज दर 8.05 प्रतिशत सालाना निर्धारित है। यह दर नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) की 7.70 प्रतिशत ब्याज दर से 0.35 प्रतिशत अधिक है।

इस बॉन्ड की प्रमुख विशेषताएं:

  • मौजूदा ब्याज दर: 8.05 प्रतिशत सालाना।
  • निवेश की न्यूनतम राशि: 1,000 रुपये।
  • अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं।
  • ब्याज का भुगतान हर छह महीने में होता है।
  • निवेश की कुल अवधि: 7 साल।
  • ब्याज दर हर छह महीने में बदल सकती है।

इस योजना में एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। इसमें ब्याज का भुगतान हर छह महीने में होता है और ब्याज को दोबारा निवेश करने का विकल्प नहीं मिलता। वरिष्ठ नागरिकों को कुछ शर्तों के तहत समय से पहले पैसा निकालने की सुविधा दी जाती है। इसके लिए उम्र के अनुसार 4, 5 या 6 साल की लॉक-इन अवधि लागू होती है। यह भी ध्यान रखें कि बॉन्ड से मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है। इसलिए निवेश से पहले अपनी टैक्स देनदारी और सात साल तक पैसे रखने की क्षमता पर विचार करें।

4. पोस्ट ऑफिस की योजनाएं: 8.20% तक ब्याज का विकल्प

सरकारी बचत योजनाओं में पोस्ट ऑफिस की स्कीम लंबे समय से आम निवेशकों के बीच लोकप्रिय हैं। इनमें निवेश की सुरक्षा के साथ अलग-अलग अवधि और जरूरत के मुताबिक विकल्प मिलते हैं। अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

कुछ प्रमुख योजनाओं की मौजूदा ब्याज दरें इस प्रकार हैं:

पोस्ट ऑफिस योजनाब्याज दर
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.20%
सुकन्या समृद्धि योजना8.20%
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)7.70%
5 साल की टाइम डिपॉजिट7.50%
3 साल की टाइम डिपॉजिट7.10%
2 साल की टाइम डिपॉजिट7.00%
1 साल की टाइम डिपॉजिट6.90%

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

यह योजना मुख्य रूप से वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें फिलहाल 8.20 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। ब्याज का भुगतान हर तीन महीने में होता है। इस योजना में सामान्य तौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र व्यक्ति निवेश कर सकते हैं। कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए अलग पात्रता नियम भी हैं।

5 साल की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट

जो लोग पांच साल तक पैसा जमा रखने के लिए तैयार हैं, वे पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट योजना देख सकते हैं। इसमें फिलहाल 7.50 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। इस योजना में निवेश पर पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत धारा 80C के अनुसार निर्धारित सीमा तक टैक्स छूट मिल सकती है। हालांकि, टैक्स लाभ के लिए लागू शर्तों को समझना जरूरी है।

सुकन्या समृद्धि योजना

बेटियों के भविष्य के लिए बनाई गई इस योजना में 8.20 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। इसमें निवेश और निकासी के लिए उम्र तथा अन्य निर्धारित शर्तें लागू होती हैं। यह योजना लंबी अवधि की बचत के लिए बनाई गई है, इसलिए इसमें निवेश करने से पहले इसके नियमों को समझना जरूरी है।

निवेश करने से पहले इन 5 बातों को जरूर समझें

किसी भी योजना में केवल ज्यादा ब्याज देखकर पैसा लगाना सही फैसला नहीं होता। निवेश से पहले इन पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है।

  1. निवेश की अवधि: देखें कि आपको पैसे की जरूरत कब पड़ सकती है। लंबी लॉक-इन अवधि वाली योजना में अपनी पूरी बचत न लगाएं।
  2. ब्याज दर: कुछ योजनाओं में ब्याज पहले से तय रहता है, जबकि RBI फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में यह हर छह महीने में बदलता है।
  3. टैक्स: ब्याज से होने वाली कमाई पर आपकी आयकर श्रेणी के अनुसार टैक्स लग सकता है।
  4. समय से पहले निकासी: हर योजना में पैसा निकालने के अलग नियम और पेनाल्टी हो सकती है।
  5. निवेश की सुरक्षा: सरकारी योजनाओं और बैंक एफडी की गारंटी की प्रकृति अलग-अलग होती है।

क्या इन योजनाओं में पैसा 100 फीसदी सुरक्षित है?

इनमें से RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड और पोस्ट ऑफिस की सरकारी छोटी बचत योजनाओं को सरकारी समर्थन प्राप्त है। वहीं SBI की MOD और अमृत वृष्टि योजनाएं बैंक डिपॉजिट हैं। बैंक जमा पर DICGC के तहत प्रति जमाकर्ता, प्रति बैंक मूलधन और ब्याज मिलाकर अधिकतम 5 लाख रुपये तक बीमा सुरक्षा मिलती है। इसलिए बैंक एफडी को बिना किसी सीमा के 100 प्रतिशत गारंटीड कहना सही नहीं होगा।

अपनी जरूरत के अनुसार करें निवेश

अगर आपको जल्दी पैसे निकालने की सुविधा चाहिए तो SBI MOD पर विचार कर सकते हैं। निश्चित अवधि के लिए निवेश करने वालों के लिए अमृत वृष्टि और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट विकल्प हैं। वहीं लंबी अवधि और नियमित ब्याज चाहने वाले निवेशक RBI बॉन्ड की शर्तें देख सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए SCSS में 8.20 प्रतिशत ब्याज का विकल्प उपलब्ध है। निवेश का फैसला अपनी उम्र, जरूरत, जोखिम उठाने की क्षमता और टैक्स स्थिति को ध्यान में रखकर ही करें।

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