भारत के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड की मुश्किलें बढ़ीं, फील्डिंग प्रैक्टिस के दौरान मैट हेनरी से टकराने पर कॉनवे को लगी सिर में चोट; निक केली को टीम में शामिल होने का बुलावा
नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की वनडे सीरीज में कीवी टीम की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक के बाद एक खिलाड़ियों के चोटिल होने से न्यूजीलैंड का टीम संयोजन प्रभावित हो रहा है। अब टीम के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज डेवॉन कॉनवे भी चोट के चलते पूरी वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। ईडन पार्क में अभ्यास सत्र के दौरान हुए हादसे में कॉनवे के सिर में चोट लगी थी। इसके बाद उनकी कंकशन जांच की गई। हालांकि, शुरुआती उम्मीद थी कि वह जल्द मैदान पर वापसी कर सकते हैं, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण उन्हें सीरीज से बाहर रखने का फैसला लिया गया। कॉनवे के बाहर होने से न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को बड़ा झटका लगा है। दूसरी ओर, भारतीय टीम के लिए यह स्थिति सीरीज में अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर साबित हो सकती है।
फील्डिंग प्रैक्टिस के दौरान हुआ हादसा, मैट हेनरी से टकराए कॉनवे
डेवॉन कॉनवे के चोटिल होने की घटना ईडन पार्क में मंगलवार को अभ्यास के दौरान हुई। जानकारी के मुताबिक, फील्डिंग प्रैक्टिस के समय कॉनवे एक कैच पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी तेज गेंदबाज मैट हेनरी से टक्कर हो गई। इस टक्कर में कॉनवे के सिर पर चोट लगी और उन्हें कंकशन की समस्या का सामना करना पड़ा। घटना के बाद दोनों खिलाड़ियों की चिकित्सकीय जांच कराई गई। मैट हेनरी को जांच के बाद खेलने के लिए फिट घोषित कर दिया गया, लेकिन कॉनवे की स्थिति को देखते हुए उन्हें आराम देने का निर्णय लिया गया। चिकित्सकीय आकलन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि कॉनवे आगामी मुकाबलों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। ऐसे में न्यूजीलैंड को बाकी मैचों के लिए अपनी बल्लेबाजी रणनीति में बदलाव करना पड़ेगा।
निक केली को तुरंत टीम से जुड़ने का बुलावा
डेवॉन कॉनवे के बाहर होने के बाद न्यूजीलैंड टीम मैनेजमेंट ने उनकी जगह बाएं हाथ के बल्लेबाज निक केली को टीम से जुड़ने के लिए बुलाया है। निक केली को चौथे और पांचवें वनडे के लिए पहले ही टीम में चुना गया था। अब कॉनवे की अनुपस्थिति के कारण उन्हें पहले से ही टीम के साथ जुड़ने और उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं। न्यूजीलैंड के लिए यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कॉनवे केवल एक अनुभवी बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभाल सकते हैं। ऐसे में टीम को उनकी जगह बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों विभागों में संतुलन बनाना होगा।
पहले वनडे में भी नहीं खेल पाए थे कॉनवे
डेवॉन कॉनवे कंकशन असेसमेंट के कारण ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में भी न्यूजीलैंड की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन सके थे। उनकी अनुपस्थिति में टिम सीफर्ट को टीम में मौका मिला था। सीफर्ट ने मुकाबले में 38 रन की पारी खेली, लेकिन पूरी न्यूजीलैंड टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी। कीवी टीम की पारी महज 185 रनों पर सिमट गई। इसके जवाब में भारतीय टीम ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में पांच विकेट से जीत हासिल की। इस मैच के बाद न्यूजीलैंड के सामने बल्लेबाजी क्रम को मजबूत करने की चुनौती और बढ़ गई थी। अब कॉनवे के पूरी सीरीज से बाहर होने से टीम की परेशानी और गहरा गई है।
टी20 सीरीज से ही शुरू हो गया था चोटों का सिलसिला
न्यूजीलैंड की टीम के लिए खिलाड़ियों की चोटों की समस्या वनडे सीरीज शुरू होने से पहले ही सामने आने लगी थी। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी कीवी टीम को कई खिलाड़ियों की फिटनेस से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। इस सीरीज में भारतीय टीम ने 3-2 से जीत दर्ज की थी। अब वनडे सीरीज में भी चोटों का सिलसिला जारी है। कॉनवे से पहले न्यूजीलैंड के दो प्रमुख खिलाड़ी रचिन रविंद्र और मार्क चैपमैन भी चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं।
- रचिन रविंद्र: दाएं कंधे की चोट के कारण टीम से बाहर।
- मार्क चैपमैन: हैमस्ट्रिंग की समस्या के चलते उपलब्ध नहीं।
- डेवॉन कॉनवे: अभ्यास के दौरान सिर में चोट लगने के बाद पूरी सीरीज से बाहर।
इन तीनों खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी और टीम संयोजन पर असर डाल सकती है।
न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी पर बढ़ा दबाव
डेवॉन कॉनवे न्यूजीलैंड के भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। वह जरूरत के अनुसार पारी को संभालने और तेजी से रन बनाने दोनों में सक्षम हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम को शीर्ष क्रम में नए विकल्प तलाशने होंगे। इसके अलावा रचिन रविंद्र और मार्क चैपमैन जैसे खिलाड़ियों के बाहर होने से मध्यक्रम का अनुभव भी प्रभावित हुआ है।न्यूजीलैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि बाकी मुकाबलों में बल्लेबाजी का संतुलन कैसे कायम रखा जाए। भारतीय गेंदबाजों के सामने पहले वनडे में न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में दिखाई दी थी। ऐसे में आगामी मुकाबलों में कीवी बल्लेबाजों के लिए वापसी करना आसान नहीं होगा।
क्या भारत के लिए आसान होगी सीरीज जीत की राह?
न्यूजीलैंड के लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने से भारतीय टीम की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है। पहले वनडे में मिली जीत ने टीम इंडिया को अच्छा आत्मविश्वास दिया है। हालांकि, किसी भी सीरीज का परिणाम केवल विपक्षी टीम के खिलाड़ियों की चोटों से तय नहीं होता। न्यूजीलैंड के पास अभी भी ऐसे खिलाड़ी हैं जो किसी भी मुकाबले का रुख बदल सकते हैं। भारतीय टीम को अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी में निरंतरता बनाए रखनी होगी। वहीं न्यूजीलैंड के लिए बाकी मैचों में अपने उपलब्ध खिलाड़ियों के साथ बेहतर प्रदर्शन करना बड़ी चुनौती होगी। कुल मिलाकर, डेवॉन कॉनवे का बाहर होना न्यूजीलैंड के लिए बड़ा झटका है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कीवी टीम इस मुश्किल परिस्थिति से कैसे उबरती है और क्या टीम इंडिया इस मौके का फायदा उठाकर वनडे सीरीज अपने नाम कर पाती है।