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हिमाचल में मानसून का कहर: 142 मौतें, 797 करोड़ का नुकसान, 11 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट

शिमला । हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार कहर बरपा रहा है। भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क हादसों ने पूरे प्रदेश में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पिछले करीब डेढ़ महीने में 142 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि. . .

शिमला । हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार कहर बरपा रहा है। भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क हादसों ने पूरे प्रदेश में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पिछले करीब डेढ़ महीने में 142 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राज्य को लगभग 800 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने 11 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। देखिए ये रिपोर्ट।

बारिश, भूस्खलन, उफनती नदियां, सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में इस बार का मानसून लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ यानी SEOC की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून से 6 अगस्त के बीच मानसूनी आपदाओं और सड़क हादसों में 142 लोगों की जान जा चुकी है। 224 लोग घायल हुए हैं, जबकि राज्य को 797 करोड़ 87 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

मौसम विभाग, बादल, बारिश, पहाड़ी इलाके

मौसम विभाग ने 11 अगस्त तक प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 10 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। वहीं 11 अगस्त को चंबा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि 12 अगस्त के बाद बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है, लेकिन कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

लैंडस्लाइड, गिरे पेड़, रेस्क्यू ऑपरेशन

रिपोर्ट के मुताबिक, 64 लोगों की मौत प्राकृतिक आपदाओं और 78 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। प्राकृतिक आपदाओं में सबसे ज्यादा 21 लोगों की मौत पेड़ और चट्टान गिरने से हुई, जबकि 14 लोगों की जान भूस्खलन में गई। इसके अलावा दो लोग अब भी लापता हैं और 194 पशुओं की मौत दर्ज की गई है।

टूटी सड़कें, क्षतिग्रस्त मकान, खेत, दुकानें

बारिश ने बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रदेश में 22 मकान पूरी तरह और 39 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। 90 दुकानें और ढाबे, 142 गौशालाएं तथा 72 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि भी प्रभावित हुई है।

बंद सड़कें, एनएच, जेसीबी, बिजली कर्मचारी

लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 120 सड़कें बंद हैं, जिनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी और कुल्लू जिलों में बंद हैं। वहीं 39 ट्रांसफार्मर और 60 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित है।

प्रशासन, पुलिस, नदी-नाले, लोगों को चेतावनी

प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन बंद सड़कों को खोलने और बिजली-पानी जैसी जरूरी सेवाओं को जल्द बहाल करने में जुटा हुआ है।

मौसम विभाग की चेतावनी

फिलहाल मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए हिमाचल में अगले कुछ दिन बेहद अहम रहने वाले हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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