उत्तराखंड में चीरबासा के पास लगातार भूस्खलन और पत्थर गिरने से पैदल मार्ग बाधित; करीब 7 हजार यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड में खराब मौसम और पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण केदारनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन भी प्रभावित रही। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पैदल यात्रा पर रोक लगा दी है। वहीं, सुरक्षा बलों ने अभियान चलाकर करीब 7 हजार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड की ओर भेज दिया है। फिलहाल 500 से ज्यादा यात्रियों के फंसे होने की जानकारी है। केदारनाथ धाम के लिए आज से हेलीसेवा शुरू कर दी गई है। हालांकि, पैदल मार्ग पर स्थिति सामान्य नहीं होने के कारण पैदल यात्रा अभी भी बंद है।
चीरबासा के पास लगातार गिर रहे पत्थर, पैदल यात्रा रोकी गई
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण यात्रियों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इस मार्ग को यात्रियों के लिए बंद कर दिया है। सुरक्षा बलों और राहत-बचाव टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। टीमों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
करीब 7 हजार यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फंसे यात्रियों को निकालने के लिए सुरक्षा बलों ने अभियान चलाया। अब तक करीब 7 हजार यात्रियों को सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड की ओर भेजा गया है। हालांकि, अभी भी 500 से अधिक तीर्थयात्रियों के फंसे होने की जानकारी है। प्रशासन लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मौसम तथा रास्ते की स्थिति के अनुसार राहत अभियान चलाया जा रहा है।
केदारनाथ के लिए हेलीसेवा शुरू
पैदल यात्रा बंद होने के बीच केदारनाथ धाम के लिए हेलीसेवा आज से शुरू कर दी गई है। इससे श्रद्धालुओं को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम की स्थिति को देखते हुए हेलीसेवा भी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। प्रशासन ने यात्रियों से बिना अनुमति या जोखिम उठाकर पैदल मार्ग पर आगे नहीं बढ़ने की अपील की है।
बिहार में 49.67 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
उत्तराखंड के बाद बिहार में भी बारिश और बाढ़ ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य के 15 जिलों में 49.67 लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। राज्य की 5 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बिहार के 22 जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार के 22 जिलों में आज यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में बारिश और खराब मौसम की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका के बीच प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी के 72 जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 72 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
राजस्थान में 17 सितंबर तक बारिश का अलर्ट
राजस्थान में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य में 17 सितंबर तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को लेकर भी स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।
हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना
हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण सड़क मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
हरियाणा के 8 जिलों में यलो अलर्ट
हरियाणा के 8 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
बारिश के कारण शहरी इलाकों में जलभराव और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
पंजाब के 18 जिलों में बारिश की संभावना
पंजाब के 18 जिलों में आज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक आने की संभावना है।
कई राज्यों में मौसम का बदला मिजाज
उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में मौसम का असर अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड में भूस्खलन और पत्थर गिरने से केदारनाथ यात्रा प्रभावित है, जबकि बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें संवेदनशील इलाकों में निगरानी बनाए हुए हैं। केदारनाथ में पैदल यात्रा कब बहाल होगी, यह चीरबासा मार्ग की स्थिति और मौसम में सुधार पर निर्भर करेगा।