Home » एक्सक्लूसिव » दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी पहली बुलेट ट्रेन ने पकड़ी रफ्तार : 1557 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की डीपीआर तैयार, महज 6 घंटे 45 मिनट में तय होगी दिल्ली से सिलीगुड़ी की दूरी

दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी पहली बुलेट ट्रेन ने पकड़ी रफ्तार : 1557 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की डीपीआर तैयार, महज 6 घंटे 45 मिनट में तय होगी दिल्ली से सिलीगुड़ी की दूरी

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली से पूर्वांचल और पूर्वोत्तर को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। मुंबई-अहमदाबाद के बाद अब दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। नेशनल हाई. . .

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली से पूर्वांचल और पूर्वोत्तर को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। मुंबई-अहमदाबाद के बाद अब दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एनएचएसआरसीएल ने इस मेगा प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर रेल मंत्रालय को सौंप दी है। सरकार इस पूरे 1557 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को दो चरणों में पूरा करने की तैयारी कर रही है, जिसमें कुल 22 आधुनिक स्टेशन बनाए जाएंगे और डीपीआर को अंतिम मंजूरी के लिए जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।

पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार सिलीगुड़ी को विशेष प्राथमिकता

इस हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार सिलीगुड़ी को विशेष प्राथमिकता दी गई है। दूसरे चरण के तहत वाराणसी और पटना से होते हुए इस कॉरिडोर का विस्तार सिलीगुड़ी तक किया जाएगा, जिससे सिलीगुड़ी और उत्तर भारत के बीच की दूरियां सिमटकर रह जाएंगी। वर्तमान में दिल्ली से सिलीगुड़ी तक ट्रेन से सफर करने में 20 से 24 घंटे का लंबा समय लगता है, लेकिन इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के शुरू होने के बाद यह दूरी महज 6 घंटे 45 मिनट में तय हो जाएगी। इसके अलावा वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर मात्र 2 घंटे 55 मिनट और पटना से सिलीगुड़ी का सफर करीब 2 घंटे में पूरा हो सकेगा, जिससे सिलीगुड़ी क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।

813 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनेगा

परियोजना के पहले चरण में दिल्ली के सराय काले खां से वाराणसी तक लगभग 813 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनेगा, जो नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, कानपुर, लखनऊ, रायबरेली और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों से गुजरेगा। इसके बाद दूसरे चरण में यह ट्रेन बक्सर और पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक पहुंचेगी। दिल्ली से वाराणसी का सफर जहां मात्र 3 घंटे 50 मिनट में तय होगा, वहीं दिल्ली से पटना की दूरी 4 घंटे 41 मिनट में पूरी हो जाएगी। रेलवे ने इस ग्राउंड ऑपरेशन को तेज करने के लिए वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों और महाप्रबंधकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिससे जल्द ही जमीन पर काम नजर आने लगेगा।

मुख्य बिंदु

  • कुल लंबाई: 1557 किलोमीटर (पूरे कॉरिडोर की कुल लंबाई)।
  • स्टेशनों की संख्या: इस पूरे रूट पर कुल 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
  • दो चरणों में निर्माण:
    • पहला चरण: दिल्ली से वाराणसी (लगभग 813 किमी)।
    • दूसरा चरण: वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक विस्तार।
  • कैबिनेट की मंजूरी: डीपीआर को अंतिम रूप देने के बाद इसे जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

सिलीगुड़ी और पूर्वोत्तर के लिए बड़ी सौगात

पूर्वोत्तर भारत के प्रवेश द्वार सिलीगुड़ी को इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से जोड़ने की पुख्ता तैयारी कर ली गई है।

  • दूरी और समय की बचत:
    • वाराणसी से सिलीगुड़ी: मात्र 2 घंटे 55 मिनट में सफर तय होगा।
    • पटना से सिलीगुड़ी: लगभग 2 घंटे का समय लगेगा।
    • दिल्ली से सिलीगुड़ी: वर्तमान में जहां ट्रेन से 20 से 24 घंटे लगते थे, वहीं बुलेट ट्रेन से यह दूरी घटकर केवल 6 घंटे 45 मिनट रह जाएगी।
  • फायदा: सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल के जुड़ने से व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। साथ ही, भविष्य में इस कॉरिडोर को गुवाहाटी (असम) तक आगे बढ़ाने की भी योजना है।

सफर का नया समय

रूटपुराना समय (सामान्य ट्रेन)नया समय (बुलेट ट्रेन)
दिल्ली से वाराणसी11 से 12 घंटे3 घंटे 50 मिनट
दिल्ली से पटना12 से 14 घंटे4 घंटे 41 मिनट
दिल्ली से सिलीगुड़ी20 से 24 घंटे6 घंटे 45 मिनट
Web Stories
 
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम