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बंगाल में लाउडस्पीकर विवाद ने पकड़ा तूल, मुर्शिदाबाद के सांसदों ने सीएम शुभेंदु अधिकारी से की मुलाकात; SIR पर भी हुई चर्चा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर विवाद अब राजनीतिक स्तर पर भी गरमा गया है। मुर्शिदाबाद जिले के दो सांसदों अबू ताहिर खान और जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान ने शनिवार को नबान्न में. . .

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर विवाद अब राजनीतिक स्तर पर भी गरमा गया है। मुर्शिदाबाद जिले के दो सांसदों अबू ताहिर खान और जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान ने शनिवार को नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। बैठक के दौरान मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने, अजान और SIR के तहत बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

सांसदों ने उठाया लाउडस्पीकर हटाने का मुद्दा

बैठक के बाद अबू ताहिर खान ने कहा कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने सरकार से इस प्रक्रिया को रोकने की अपील की। खान के मुताबिक, अजान के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल लंबे समय से होता रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों और अदालतों के निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि नमाज और अजान में किसी तरह की परेशानी न हो।

सांसदों ने कहा- मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा

अबू ताहिर खान ने आरोप लगाया कि राज्य में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार को इस पर रोक लगाने के लिए कदम उठाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के निर्देशों का सम्मान करते हैं और ध्वनि प्रदूषण से संबंधित कानूनों का पालन करने के पक्ष में हैं।

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मुख्यमंत्री ने हाई कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

अबू ताहिर के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि लाउडस्पीकर हटाने के मामले में किसी तरह की मनमानी नहीं की जा रही है। कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। सांसद ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संबंधित आदेश 2020 में जारी हुआ था और उस समय राज्य में मौजूदा सरकार ही सत्ता में थी। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि यदि उस आदेश को लेकर आपत्ति थी तो उस समय उसे चुनौती क्यों नहीं दी गई। सांसद के मुताबिक, मीडिया रिपोर्टों में अब तक करीब 3,500 लाउडस्पीकर हटाए जाने की बात सामने आई है। इनमें मंदिरों से हटाए गए लगभग 1,200 लाउडस्पीकर भी शामिल बताए जा रहे हैं।

SIR में हटाए गए 27 लाख नामों का मामला भी उठा

बैठक में SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से जुड़े मुद्दे पर भी विस्तार से बातचीत हुई। अबू ताहिर खान ने दावा किया कि करीब 27 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं और इनमें से कई मामलों की प्रक्रिया ट्रिब्यूनल के स्तर पर लंबित है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि इन 27 लाख लोगों में से करीब 7 लाख ने सुनवाई के लिए आवेदन किया है, जबकि लगभग 20 लाख लोग अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं।

सांसद बोले- कई लोग कागजी प्रक्रिया से अनजान

अबू ताहिर खान ने कहा कि हटाए गए नामों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की हो सकती है जो कामकाजी वर्ग से आते हैं और सरकारी कागजी प्रक्रिया को अच्छी तरह नहीं समझते। उनके मुताबिक, कई मामलों में नाम या अक्षर की मामूली गलतियों के कारण भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे सभी पात्र लोगों के नाम दोबारा शामिल किए जाएं, ताकि उन्हें मतदान के अधिकार के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कत न हो।

20 लाख लोगों के लिए समयसीमा बढ़ाने की मांग

सांसद ने मुख्यमंत्री से उन करीब 20 लाख लोगों के लिए आवेदन की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया, जिन्होंने अभी तक अपील नहीं की है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा समाप्त हो चुकी है, इसलिए प्रभावित लोगों को एक और मौका दिया जाना चाहिए। खान ने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर इस मामले को अदालत में ले जाने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने सुनवाई की प्रक्रिया तेज करने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी।

मुख्यमंत्री ने जल्द सुनवाई का दिया भरोसा

अबू ताहिर के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने उन लोगों के मामलों में तेजी लाने का आश्वासन दिया है जिन्होंने पहले ही सुनवाई के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। सांसद ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है।

पीएम मोदी और अमित शाह से भी मिल चुके हैं सांसद

मुर्शिदाबाद के दोनों सांसद इससे पहले दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर चुके हैं। शुक्रवार को अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान ने प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी के साथ बैठक की थी। इन मुलाकातों के बीच दोनों सांसदों के राजनीतिक रुख को लेकर भी चर्चाएं तेज हुई थीं और उनके बीजेपी में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, अबू ताहिर खान ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि वह बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे हैं और अपनी मौजूदा पार्टी के साथ ही बने रहेंगे। दोनों सांसदों ने भविष्य में अपनी राजनीतिक दिशा को लेकर किसी अंतिम फैसले की बात नहीं कही है।

बैठक में दो बड़े मुद्दे रहे केंद्र में

नबान्न में हुई बैठक में मुख्य रूप से SIR के तहत हटाए गए नामों और धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल का मुद्दा सामने आया। सांसदों ने दोनों मामलों में मुख्यमंत्री के सामने अपनी चिंताएं रखीं और समाधान की मांग की।

एक नजर में

  • अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
  • धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाने का मुद्दा उठाया गया।
  • SIR के तहत हटाए गए करीब 27 लाख नामों पर चर्चा हुई।
  • करीब 20 लाख लोगों के लिए आवेदन की समयसीमा बढ़ाने की मांग की गई।
  • सांसदों ने अजान और नमाज में किसी तरह की बाधा न आने देने की अपील की।
  • इससे पहले दोनों सांसद प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से भी मिल चुके हैं।

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