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संसद में आज का दिन अहम: राहुल गांधी एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर रखेंगे पक्ष, अमित शाह जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन बिल करेंगे पेश

नई दिल्ली।संसद के मानसून सत्र में बुधवार का दिन विधायी और राजनीतिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी रहेगी, जिसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी अपनी बात रखेंगे।. . .

नई दिल्ली।संसद के मानसून सत्र में बुधवार का दिन विधायी और राजनीतिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी रहेगी, जिसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी अपनी बात रखेंगे। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 सदन में पेश करेंगे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी संशोधन विधेयक, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़ी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव और कई मंत्रालयों के महत्वपूर्ण बयान भी सदन के एजेंडे में शामिल हैं। हालांकि, कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसके बावजूद दिनभर कई अहम विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की कोशिश की जाएगी।

लोकसभा में आज इन प्रमुख विधेयकों पर रहेगी नजर

लोकसभा की संशोधित कार्यसूची के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 पेश करेंगे। वहीं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाले संशोधन विधेयक को विचार और पारित कराने के लिए सदन के समक्ष रखेंगे। सरकार की प्राथमिकता एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक को भी आगे बढ़ाने और उसे पारित कराने की है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था होगी अधिक डिजिटल और पारदर्शी

सरकार का कहना है कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक का उद्देश्य पूरी व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और अधिक विश्वसनीय बनाना है। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार यदि किसी जन्म या मृत्यु का पंजीकरण एक से दो वर्ष की देरी से कराया जाता है तो इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट, उप-मंडल मजिस्ट्रेट या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक होगी।यदि दो वर्ष से अधिक की देरी होती है तो पंजीकरण केवल प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही संभव होगा। सरकार का दावा है कि इससे फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों पर प्रभावी रोक लगेगी।

केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस से जुड़ेगा पूरा रिकॉर्ड

संशोधन विधेयक के तहत जन्म और मृत्यु से संबंधित सभी रिकॉर्ड को एक केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस से जोड़ा जाएगा। इस डेटाबेस को आधार, मतदाता सूची, राशन कार्ड, पासपोर्ट और अन्य सरकारी दस्तावेजों से लिंक करने का प्रस्ताव है। सरकार का मानना है कि इससे रिकॉर्ड की प्रमाणिकता बढ़ेगी और विभिन्न सरकारी सेवाओं में दस्तावेजों का सत्यापन आसान होगा।

एंटी पेपर लीक विधेयक पर सरकार का विशेष फोकस

लोकसभा में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी धांधली रोकने के उद्देश्य से लाए गए एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी रहेगी। सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों के माध्यम से परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस मुद्दे पर राहुल गांधी के संबोधन पर भी सभी की नजरें रहेंगी, क्योंकि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील रहा है।

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर भी आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

आज लोकसभा में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से संबंधित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट पेश करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसके अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, कोयला तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालयों से जुड़े विभिन्न विषयों पर संबंधित मंत्री सदन में अपने बयान देंगे।

राज्यसभा में भी कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

राज्यसभा की कार्यवाही भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। सदन में वंदे मातरम् से संबंधित संशोधन विधेयक सूचीबद्ध है। वहीं कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों और कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराने की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।

सरकार और विपक्ष की रणनीति पर रहेगी नजर

संसद में आज का दिन कई महत्वपूर्ण विधेयकों, राजनीतिक बहस और नीतिगत फैसलों के कारण खास माना जा रहा है। सरकार जहां अपने प्रमुख विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाएगा। ऐसे में लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी।

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