सिलीगुड़ी। सिलीगुड़ी शहर के 36 नंबर वार्ड स्थित दक्षिण शांतिनगर इलाके में एक विवाहिता के कथित अपहरण को लेकर इलाके में हड़कंप मच गया है। हालांकि, महिला की बड़ी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों ने इस आरोप को पूरी तरह झूठा बताया है। घटना को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
11 साल पहले गोपाल मंडल की शादी पूर्णिमा मंडल से हुई थी
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 11 साल पहले सिलीगुड़ी के समीप एक्टियाशाल इलाके के निवासी गोपाल मंडल की शादी आशीघर क्षेत्र की पूर्णिमा मंडल से हुई थी। शुरुआती दिनों में वैवाहिक जीवन सामान्य था, लेकिन बाद में पति पर पूर्णिमा के साथ शारीरिक अत्याचार करने के आरोप लगे। परिवार का दावा है कि बच्चे के जन्म के बाद पूर्णिमा की मानसिक स्थिति भी बिगड़ने लगी थी।
गोपाल मंडल अपनी पत्नी को छोड़कर मेदिनीपुर चला गया
आरोप है कि इसी दौरान गोपाल मंडल अपनी पत्नी को छोड़कर मेदिनीपुर में अपनी बहन के घर चले गए। बाद में पूर्णिमा को भी वहां ले जाया गया, लेकिन वहां भी कथित तौर पर प्रताड़ना जारी रही। बताया जा रहा है कि मानसिक रूप से परेशान पूर्णिमा अपने बच्चे को लेकर घर छोड़कर निकल गईं।
इसके बाद मायके वालों ने काफी तलाश के बाद पूर्णिमा को अपने पास रखा। पूर्णिमा की बहन साथी मंडल ने बताया कि बहन की शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे अपने घर में रखा गया है।
आशीघर आउटपोस्ट में शिकायत दर्ज
इसी बीच गोपाल मंडल ने आशीघर आउटपोस्ट में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनकी पत्नी पूर्णिमा और बच्चे का अपहरण कर लिया गया है। शिकायत में साथी मंडल और संध्या राय का नाम भी शामिल किया गया है।
इस मामले पर साथी मंडल ने कहा, “मेरी बहन को लंबे समय तक प्रताड़ित किया गया। उसकी हालत बेहद खराब थी, इसलिए मैंने उसे अपने पास रखा है। अपहरण का आरोप पूरी तरह झूठा है।”
अपहरण का आरोप झूठा
वहीं पूर्णिमा मंडल ने भी साफ कहा कि उनका अपहरण नहीं हुआ है और वह अपनी मर्जी से बहन के घर रह रही हैं। उनका आरोप है कि उनके पति परिवार को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।