पटना। बिहार के एक 19 साल के लड़के ने अपनी मेहनत से 11 लाख रुपये जोड़कर विशाल मल्टीमॉडल AI बनाया है। इंटरनेट पर इसकी चर्चा इतनी है कि इसकी तुलना सीधे Google और OpenAI जैसी दिग्गज AI कंपनियों से की जा रही है। इस AI मॉडल को बनाने वाले आनंद का दावा है कि यह मॉडल 512×512 रेजोल्यूशन की इमेज जेनरेशन और 24kHz की स्पीच आउटपुट भी दे सकता है। मध्यवर्गीय परिवार से आने वाले आनंद ने बिना किसी फंडिंग के सिर्फ अपनी बचत और रनपॉड ग्रांट्स के दम पर इस प्रोजेक्ट को अंजाम दिया। आनंद मानते हैं कि पश्चिम के देशों या चीन की तरह ही भारत भी अपना खुद का AI डिजर्व करता है।
आनंद का AI कितना ताकतवर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मल्टीमॉडल सिस्टम ने निजी टेस्टिंग के दौरान OmniDocBench V1.5 पर 93.45 का स्कोर हासिल किया है। आनंद इस प्रोजेक्ट से पहले अपने लैपटॉप पर एक टेक्स्ट-टू-वीडियो सिस्टम भी ट्रेन कर चुके हैं।
आनंद के पिता एक सरकारी अधिकारी हैं और मां हाउसवाइफ हैं। गौरकरने वाली बात है कि सिर्फ GPU कंप्यूट पर उनके परिवार के लगभग 64,000 रुपये खर्च हुए, जो कि एक मध्यवर्गीय परिवार के लिए बड़ी रकम है। फिलहाल वह इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 35,000 डॉलर की फंडिंग की तलाश में हैं।
इंटरनेट पर हो रही तारीफ
आनंद के दावों ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है, जहां कुछ लोग उनके AI की तारीफ करते नहीं थक रहे। वहीं कुछ यूजर्स को शक है कि यह मॉडल कितने काम का साबित होगा। इंटरनेट पर जहां एक और आनंद को कहा जा रहा है कि उन्होंने अकेले अपने दम पर AI मॉडल बनाकर बिहार का नाम रौशन किया है, वहीं कुछ लोगों को शक है कि यह एआई-जेनरेटेड कोड या वाइब कोडिंग का नतीजा है।
आनंद की आगे की योजना
तमाम तारीफों और आलोचनाओं के सात आनंद अपने लक्ष्य को लेकर अडिग हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी तैयारी है कि वह अपने मॉडल के वेट्स को हगिंग फेस पर रिलीज करने और आकिर में पूरे कोडबेस को गिटहब पर ओपन सोर्स किया जाए।
कई यूजर्स ने उनकी इस महत्वाकांक्षा की तारीफ की है कि बिहार जैसे राज्य से स्वतंत्र रूप से इतना बड़ा एआई मॉडल ट्रेन करने की कोशिश करना अपने आप में एक बड़ी बात है। आनंद का लक्ष्य भारत को वैश्विक एआई मानचित्र पर मजबूती से खड़ा करना है, ताकि देश को बाहरी तकनीक पर निर्भर न रहना पड़े।