ADVERTISEMENT
Home » दुनिया » मेलोनी से मिले मोदी, PM बोलीं-वेलकम टु रोम, माय फ्रेंड: दोनों नेताओं ने साथ में डिनर किया, चीन के चलते ‘गहरी हुई भारत-इटली की दोस्ती’?

मेलोनी से मिले मोदी, PM बोलीं-वेलकम टु रोम, माय फ्रेंड: दोनों नेताओं ने साथ में डिनर किया, चीन के चलते ‘गहरी हुई भारत-इटली की दोस्ती’?

नई दिल्ली: ये दिसंबर 2023 के सर्दियों की बात है, जब इटली की जॉर्जिया मेलोनी सरकार ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) प्रोजेक्ट से बाहर निकलने का ऐलान कर दिया। जाहिर है मेलोनी की यह बात भारत के. . .

नई दिल्ली: ये दिसंबर 2023 के सर्दियों की बात है, जब इटली की जॉर्जिया मेलोनी सरकार ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) प्रोजेक्ट से बाहर निकलने का ऐलान कर दिया। जाहिर है मेलोनी की यह बात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जरूर अच्छी लगी होगी, क्योंकि भारत चीन के इस प्रोजेक्ट का विरोध करता रहा है। अब 20 मई, 2026 को जब पीएम मोदी इटली पहुंचे तो प्रधानमंत्री मेलोनी ने उनका स्वागत करते हुए कहा-रोम में आपका स्वागत है मेरे दोस्त।

मेलोनी से मुलाकात में भारत-इटली दोस्ती और मजबूत करने पर बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा-रोम पहुंचने पर प्रधानमंत्री मेलोनी से रात्रिभोज पर मिलने का अवसर मिला, जिसके बाद हमने प्रतिष्ठित कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर अपने विचार शेयर किए। आज की हमारी बातचीत के लिए उत्सुक हूं, जिसमें हम भारत-इटली मित्रता को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा जारी रखेंगे।

ढाई साल पहले चीन के BRI से अलग हो गईं मेलोनी

2023 में पीएम मेलोनी प्रशासन ने चीन को सधे लहजे में यह जानकारी दी है कि वह साल खत्म होने से पहले ही प्रोजेक्ट से बाहर आ जाएगा। उसी साल संयुक्त अरब अमीरात में हुए कोप-28 से अलग पीएम मोदी की कई नेताओं से मुलाक़ात हुई थी, जिसमें मेलोनी भी शामिल थीं। उस वक्त भी मेलोनी ने मोदी के साथ सेल्फी लेकर उसे शेयर करते हुए पीएम मोदी को ‘अच्छा दोस्त’ बताया था।
इटली ने चीन की सबसे महत्वाकांक्षी कारोबार और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना (BRI) पर 2019 में हस्ताक्षर किया था। उस वक्त इटली BRIएकमात्र प्रमुख पश्चिमी देश था।
उस समय अमेरिका, यूरोपीय संघ और पश्चिम के कई देशों ने चीन की इस परियोजना पर दस्तखत करने के लिए इटली की आलोचना की थी।

ADVERTISEMENT

चीन-पाकिस्तान गलियारा भी BRI का ही हिस्सा

चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) बीआरआई का ही हिस्सा है। सीपीईसी के तहत कई निर्माण पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में भी हुए हैं। भारत इस परियोजना का यह कहते हुए विरोध करता आया है कि यह उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है। ऐसे में इटली का बीआरआई से अलग होना भारत के लिए राहत की बात है।

मेलोनी की आत्मकथा की प्रस्तावना मोदी ने लिखी

सितंबर, 2025 में ही यह खबर सामने आई थी कि पीएम मोदी ने मेलोनी की आत्मकथा ‘आई एम जॉर्जिया: माई रूट्स, माई प्रिंसिपल्स’ के भारतीय संस्करण की प्रस्तावना लिखी है। पीएम मोदी ने लिखा है-यह आत्मकथा उनके रेडियो शो ‘मन की बात’ से प्रेरित है, लेकिन इसमें मेलोनी की अपनी मन की बात है। मोदी ने मेलोनी की जीवन यात्रा की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रस्तावना लिखना उनके लिए सम्मान की बात है और वह इसे मेलोनी के प्रति सम्मान, प्रशंसा और मित्रता के साथ कर रहे हैं।
एक महत्वपूर्ण नेता होने के नाते जॉर्जिया मेलोनी ने अपने देश को शक्ति और स्थिरता प्रदान की है। वह हमेशा व्यावहारिक रही हैं और वैश्विक भलाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रही हैं। वह हमारी परस्पर जुड़ी दुनिया की चुनौतियों से भी गहराई से जुड़ी रही हैं और वैश्विक मंच पर जिम्मेदारी और उद्देश्य की स्पष्ट भावना के साथ जुड़ी रही हैं।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

मेलोनी के बारे में मोदी ने क्या लिखा है

मेलोनी की इस ऑटो-बायोग्राफी की प्रस्तावना में पीएम मोदी ने लिखा है-पीएम मेलोनी का जीवन कभी भी ‘राजनीति या सत्ता के बारे में नहीं रहा है। यह हमेशा उनकी हिम्‍मत, मजबूत विश्‍वास और जनता की सेवा के लिए उनकी सेवा की प्रतिबद्धता और इटली के लोगों के लिए समर्पण रही है।
पीएम मोदी के शब्‍दों में, ‘पिछले 11 सालों में मुझे कई विश्व नेताओं से मिलने का सौभाग्य मिला है जिनमें से हर किसी की जीवन यात्रा अलग-अलग रही है। कई बार, उनकी यात्राएं व्यक्तिगत कहानियों से आगे बढ़कर किसी बड़ी बात को उजागर करती हैं। वो हमें उन आदर्शों की याद दिलाती हैं जो विभिन्न संस्कृतियों और सदियों से चले आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मेलोनी के सफल जीवन में ऐसे कई उदाहरण हैं, जो इस कितबा को बेहद खास बनाते हैं। उनकी यात्रा प्रेरणादायक और ऐतिहासिक है।’

मोदी और मेलोनी की कब-कब हुई बात

नवंबर 2022 में बाली, इंडोनेशिया (G20 शिखर सम्मेलन): प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद मेलोनी की मोदी से पहली मुलाकात बाली में हुई। यह भारत–इटली संबंधों के नए अध्याय की शुरुआत मानी गई।
2–3 मार्च 2023 को नई दिल्ली: मेलोनी की पहली आधिकारिक भारत यात्रा में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की, जो द्विपक्षीय संबंधों में सबसे बड़ा कदम माना जाता है।
सितंबर 2023 में नई दिल्ली (G20 शिखर सम्मेलन): इस बैठक में मोदी-मेलोनी की सहजता और तालमेल ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं।
14 जून 2024 को पुगलिया, इटली (G7 शिखर सम्मेलन): मेजबान के तौर पर मेलोनी ने मोदी का स्वागत किया और उन्हें तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी। बैठक में व्यापक वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।

Web Stories
 
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम